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World Cancer Day: क्या हैं फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण? तंबाकू नहीं खाने वालों को भी हो सकती है बीमारी

Wed, 04 Feb 2026 10:26 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Early Warning Signs of Lung Cancer: फेफड़ों का कैंसर होना एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक हमारे देश में हर साल फेफड़ों के कैंसर के लगभग एक लाख नए मामले आते हैं। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें कई मामले ऐसे भी होते हैं, जिन्होंने जीवन में कभी भी तंबाकू का सेवन नहीं किया है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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फेफड़े का कैंसर - फोटो : Adobe Stock
Lung Cancer Symptoms In Non-Smokers: हर साल 4 फरवरी को दुनिया भर में 'विश्व कैंसर दिवस' मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसके रोकथाम, जल्दी पहचान और उपचार के लिए प्रोत्साहित करना है। आमतौर पर यह माना जाता है कि फेफड़ों का कैंसर केवल उन्हीं लोगों को होता है जो धूम्रपान करते हैं या तंबाकू का सेवन करते हैं, लेकिन आंकड़ों कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारत में अब बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिन्होंने जीवन में कभी सिगरेट को छुआ तक नहीं।

विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण, पैसिव स्मोकिंग, रेडॉन गैस और रसोई में वेंटिलेशन की कमी तंबाकू के बिना भी कैंसर का कारण बन रहे हैं। फेफड़ों का कैंसर एक 'साइलेंट किलर' है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण बहुत मामूली लगते हैं और अक्सर लोग इन्हें सामान्य सर्दी या खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए इस लेख में हम उन लक्षणों और कारणों के बारे में जानेंगे जो जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं।
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फेफड़े का कैंसर - फोटो : Adobe Stock
तंबाकू नहीं खाने वालों में कैंसर के मुख्य कारण
धूम्रपान न करने वालों में कैंसर के पीछे एन्वायरमेंटल एक्सपोजर और जेनेटिक बदलाव सबसे बड़े कारण हैं। शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण और जहरीली हवा में मौजूद कण सीधे फेफड़ों की गहराई तक जाकर डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं।

इसके अलावा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रसोई के अंदर बायोमास ईंधन (लकड़ी, उपले) पर खाना पकाने के दौरान निकलने वाला धुआं महिलाओं में फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण बनकर उभरा है। घर के अंदर वेंटिलेशन की कमी इन कैंसरकारक तत्वों को हवा में जमा कर देती है।

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फेफड़े का कैंसर - फोटो : Adobe Stock
फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती चेतावनी संकेत
इस बीमारी का सबसे पहला और सामान्य लक्षण लगातार रहने वाली खांसी है, जो 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है। अगर आपकी खांसी के साथ खून आ रहा है या बलगम का रंग असामान्य है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

इसके अलावा बिना किसी खास मेहनत के सांस फूलना, सीने में जकड़न महसूस होना या गहरी सांस लेने और हंसते समय सीने में दर्द होना भी फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

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कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
आवाज में बदलाव और बार-बार होने वाला संक्रमण
अगर आपकी आवाज में अचानक भारीपन आ गया है जो ठीक नहीं हो रहा, तो यह गले या फेफड़ों के ट्यूमर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको बार-बार निमोनिया या ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन संक्रमण हो रहे हैं, तो इसका मतलब है कि फेफड़ों की रक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है।

बिना किसी कारण के तेजी से वजन कम होना और हर समय थकान महसूस करना भी इस बात का इशारा है कि शरीर किसी गंभीर बीमारी से लड़ रहा है।
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फेफड़े का कैंसर - फोटो : Adobe Stock
शीघ्र पहचान और बचाव के उपाय
फेफड़ों के कैंसर का इलाज तब सबसे सफल होता है जब इसकी पहचान पहली या दूसरी स्टेज में हो जाए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रदूषण वाले इलाकों में रहने वालों और कैंसर के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को समय-समय पर 'लो-डोज सीटी स्कैन' करवाना चाहिए।

तंबाकू से दूरी बनाने के साथ-साथ घर में बेहतर वेंटिलेशन सुनिश्चित करना और प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करना बहुत जरूरी है। आपकी जागरूकता ही इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ आपका सबसे बड़ा हथियार है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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