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विश्व स्तनपान सप्ताह: UNICEF-WHO की अपील- नवजात को जरूर कराएं स्तनपान, स्वस्थ भविष्य के लिए यह आवश्यक

Wed, 03 Aug 2022 07:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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स्तनपान की आवश्यकता पर यूनिसेफ-डब्ल्यूएचओ ने दिया जोर - फोटो : UNICEF
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स्तनपान हर नवजात के लिए अमृततुल्य होता है। मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण आहार माना जाता है, बच्चे के पोषण के लिए आवश्यक सभी चीजें इसमें समाहित होती हैं। यही कारण है कि सभी माताओं को, नवजात को स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है। स्तनपान से होने वाले लाभ को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अगस्त माह के पहले सप्ताह (1-7 अगस्त) को विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इसी कड़ी में इस साल यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल और डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने नवजातों को स्तनपान कराने पर जोर देते हुए इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानकारी दी है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से वैश्विक स्तर पर जारी स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लाखों शिशुओं और बच्चों की सेहत और पोषण पर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है, ऐसे में स्तनपान से होने वाले फायदों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और भी आवश्यक हो जाता है। हालांकि वैश्विक स्तर पर आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ 64 फीसदी बच्चों को ही जन्म के छह महीने तक स्तनपान कराया जाता है, जोकि चिंताजनक है।

यूनिसेफ-डब्ल्यूएचओ की संयुक्त अपील

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल और डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने संयुक्त बयान में बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह 2022 का थीम- स्तनपान शिक्षा और सहायता के लिए कदम बढ़ाएं, है। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में रहने वाले परिवार भी इस बात का ध्यान रखकर बच्चों को कुपोषण के खतरे से बचा सकते हैं। अफ़ग़ानिस्तान, यमन, यूक्रेन, जैसे कई देशों में जहां स्थितियां सामान्य नहीं हैं, वहां स्तनपान से होने वाले फायदों को लेकर लोगों को जागरूक करना बहुत आवश्यक है जिससे बच्चों को कुपोषण के खतरे से बचाया जा सके।
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बच्चे के लिए पहला टीका है स्तनपान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि, स्तनपान बच्चे के लिए पहले टीके के रूप में भी कार्य करता है, जो उन्हें बचपन की सामान्य बीमारियों से बचाता है। हालांकि अपवाद यह है कि सभी नवजात शिशुओं में से आधों को जीवन के पहले घंटे में स्तनपान नहीं कराया जाता है जिसके कारण उनमें कई तरह की बीमारियों के बढ़ने का खतरा हो जाता है। जीवन के पहले छह महीनों में केवल 44 प्रतिशत शिशुओं को ही स्तनपान कराया जाता है, जो विश्व स्वास्थ्य सभा के 2025 तक 50 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है।

क्या है स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील

यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक स्तर पर लोगों में स्तनपान को लेकर जागरूकता के लिए अपील की है। स्वास्थ्य संगठनों का कहना है कि स्तनपान समर्थन नीतियों और कार्यक्रमों में निवेश को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों में इसको लेकर जागरूकता का संचार किया जा सके। माताओं को स्तनपान कराने के लिए गुणवत्ता परामर्श और व्यावहारिक सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है।
 
यूनिसेफ के उप प्रतिनिधि (एआई और पोषण प्रमुख) अर्जन डी वाग्ट कहते हैं, “दुनियाभर में स्तनपान सप्ताह मनाने का उद्देश्य इससे होने वाले लाभ को लेकर लोगों को शिक्षित और जागरूक करना है। नवजात को स्तनपान मिल सके, यह सुनिश्चित करना न केवल माताओं बल्कि परिवार और समुदायों की सामूहिक जिम्मेदारी है।अनुकूल नीतियों और कार्यक्रमों के माध्यम से हमें हर व्यक्ति को शिक्षित करने की आवश्यकता है, जिससे बाल मृत्युदर और बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सके।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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