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Omicron: कोरोना पर खुलासा, ओमिक्रॉन वेरिएंट के अधिक संक्रामक होने की वजह आई सामने

Wed, 20 Jul 2022 04:36 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्राॅन अधिक संक्रामक क्यों? - फोटो : Istock
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Omicron is Highly Transmissible : कोविड 19 के चार वेरिएंट की तुलना करते हुए एक अध्ययन किया गया, जिसमें देखा गया कि कैसे ओमिक्रॉन वेरिएंट कोशिकाओं में प्रवेश करने में सक्षम है। अध्ययन में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मौजूदा कोरोना टीकों व पूर्व संक्रमण के सामने बेअसर होने से बचने के कारण का पता चला है। ओमिक्रॉन वेरिएंट इस सभी के बावजूद तेजी से फैलता है यानी अन्य तीन वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है। 'प्रोसिडिंग ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' (पीएनएएस) जर्नल में 19 जुलाई को प्रकाशित स्टडी रिपोर्ट में पता चला कि ओमिक्रॉन म्यूटेशन सार्स सीओवी 2 जैसे कणों की संक्रामकता को बढ़ाते हैं और एंटीबॉडी न्यूट्रलाइजेशन को कम करते हैं।

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शोधकर्ताओं ने वायरस जैसे कणों (वीएलपी) का उपयोग करके वायरस की जांच की, जो सार्स सीओवी 2 प्रोटीन की संरचनात्मक विशेषताओं की नकल करते हैं। जेनिफर डौडना, मैलानी ओट और उनके सहयोगियों ने जिन चार वेरिएंट के बीच तुलना की, उसमें बी.1, बी.1.1, डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट शामिल है। बी.1, बी.1.1, डेल्टा और ओमिक्राॅन के वीएलपी का मूल्यांकन कोविड-19 से बचे 38 लोगों के एंटीसेरा नमूनों के खिलाफ किया था। जिसमें टीकाकरण और बिना टीकाकरण वाले दोनों तरह के लोग शामिल थे।

मूल बी.1 स्ट्रेन के विपरीत, दो टीके लग चुके एक शख्स में ओमिक्रॉन को बेअसर करने में 15 गुना कम प्रभावी क्षमता मिली। फिर भी 16 से 21 दिनों के भीतर तीसरा एमआरएनए टीका प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ इन विट्रो तटस्थ गतिविधि में काफी वृद्धि हुई। वर्तमान में उपलब्ध चार मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी-कैसिरिविमैब, इमदेविमैब, सोट्रोविमैब और बेबेटलोविमैब की इन विट्रो न्यूट्रलाइजिंग पोटेंसी का लेखकों ने मूल्यांकन किया। उन्होंने पाया कि ओमिक्रॉन के खिलाफ केवल बेबेटलोविमैब ही काफी प्रभावी था।
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निष्कर्षों के मुताबिक, लेखकों का अनुमान है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट विशेष रूप से आंशिक तौर पर संक्रामक हो सकता है क्योंकि इसे बेअसर करना कठिन है। शोधकर्ताओं ने एक मौजूदा मोनोक्लोनल एंटीबॉडी भी पाया, जो इन विट्रो में भिन्नता को बेअसर कर सकता है।
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स्रोत और संदर्भ

New study finds out why Omicron variant is highly transmissible

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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