अस्थमा ट्रिगर होने से कैसे बचें?
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कैसे करें इससे बचाव?
अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों में अस्थमा और सांस की अन्य समस्याओं का खतरा अधिक होता है। गर्भावस्था के दौरान मां का धूम्रपान करना भी बच्चे में अस्थमा का खतरा बढ़ाता है। इसके अलावा मोटापा, ठंडी हवा, स्ट्रेस और कुछ दवाएं भी अस्थमा को ट्रिगर कर सकती हैं। ऐसी स्थितियों से बचाव करते रहना जरूरी है।
- हल्का व्यायाम करना फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजों को डाइट में शामिल करने से भी लाभ मिलता है। ठंडी चीजों से बचाव जरूरी है।
- डॉक्टर द्वारा दी गई इनहेलर दवाएं सूजन को कम करती हैं और अस्थमा अटैक से बचाती हैं।
- सही उपचार और लाइफस्टाइल को ठीक रखकर अस्थमा अटैक की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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