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World Asthma Day 2023: दुनियाभर के अस्थमा रोगियों में से 10% अकेले भारत से, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके

Tue, 02 May 2023 11:31 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व अस्थमा दिवस 2023 - फोटो : Pixabay
अस्थमा, सांसों की एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में यह रोग हर साल 45 लाख से अधिक लोगों की मौत का कारण बनता है जिसमें से करीब 43 फीसदी मौतें भारत से रिपोर्ट की जाती हैं। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार अस्थमा को लेकर गलत जानकारियों, देखरेख-बीमारियों के निदान में देरी और मरीजों को समय पर दवा न मिल पाने के कारण यह रोग बढ़ता जा रहा है।

दुनियाभर में अस्थमा के कुल रोगियों में से 10 फीसदी मामले अकेले भारत से ही रिपोर्ट किए जाते हैं। अस्थमा की रोकथाम और इसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है।

अस्थमा, बच्चों से लेकर वयस्कों तक किसी को भी हो सकता है। वायुमार्गों के आसपास की मांसपेशियों में सूजन और इसके संकीर्ण हो जाने के कारण इस तरह की दिक्कत होती हैं। अस्थमा के रोगियों के लिए सांस लेना कठिन हो सकता है, कई बार अस्थमा अटैक की स्थिति में जटिलताएं और भी बढ़ सकती हैं।

आइए इस रोग के बारे में जानते हैं।
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धूल-धुंए के कारण अस्थमा की समस्या - फोटो : istock
अस्थमा के कारण क्या हैं?

अस्थमा, कोल्ड-फ्लू जैसे वायरस से संक्रमण, एलर्जी, धूल-धुंए आदि के कारण ट्रिगर हो सकता है। अस्थमा रोग, वायुमार्ग या ब्रोन्कियल नलियों की अंदरूनी परतों में सूजन का कारण बनती है। इससे फेफड़ों में हवा का संचार बाधित हो सकता है, जिसके कारण रोगियों को सांस लेने में दिक्कत और सांस छोड़ते समय सीटी-घरघराहट की आवाज आ सकती है।

अस्थमा अटैक के दौरान, वायुमार्ग सूज जाते हैं उनके आसपास की मांसपेशियां कड़ी हो जाती हैं जिसके कारण फेफड़ों में हवा का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति गंभीर हो सकती है।
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सांस की समस्या - फोटो : istock
अस्थमा की पहचान कैसे की जाती है?

सांस लेने में होने वाली दिक्कतें और अक्सर धूल-धुंए के कारण इन समस्याओं का बढ़ जाना यह संकेत है कि आपको अस्थमा हो सकती है। यह भी जरूरी नहीं है कि अस्थमा के जो लक्षण किसी व्यक्ति को हो रहे हैं वह दूसरों को भी हों। जैसे सांस छोड़ते समय घरघराहट होना सभी लोगों में जरूरी नहीं है, कई लोगों में यह इतने धीरे होती है कि सुनने के लिए सहायक उपकरणों की जरूरत हो सकती है।

इसके कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए।
  • सांस लेने में कठिनाई होना।
  • व्यायाम या कोई भारी काम करते समय खांसी होना। 
  • सीने में जकड़न और दर्द बने रहना। 
  • बेचैनी या घबराहट की दिक्कत
  • बार-बार श्वसन संक्रमण होना।

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अस्थमा अटैक की दिक्कत - फोटो : Pixels
क्यों होती है ये बीमारी

डॉक्टर कहते हैं, कई ऐसे कारण हैं जो अस्थमा रोग को विकसित कर सकते हैं। इसका आनुवंशिक खतरा भी होता है जैसे यदि माता-पिता या भाई-बहन को अस्थमा रहा है, तो आपको भी इसका जोखिम हो सकता है। इसके अलावा बचपन के दौरान गंभीर वायरल संक्रमण जैसे कि रेस्पिरेटरी सिन्सिटियल वायरस इन्फेक्शन (RSV) या गंभीर कोविड-19 वालों में भी इसके विकसित होने का जोखिम देखा गया है।

साल 2018 के एक अध्ययन के अनुसार, मोटापा के कारण बच्चों और वयस्कों दोनों में अस्थमा रोग और इसके ट्रिगर होने का खतरा हो सकता है।
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योग-सांस के अभ्यास से अस्थमा रहता है कंट्रोल - फोटो : istock
अस्थमा का इलाज और बचाव के उपाय

अस्थमा को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, दवाइयों के माध्यम से इसके लक्षणों की गंभीरता और अस्थमा अटैक को रोकने का प्रयास किया जाता है। रोगियों को अस्थमा अटैक के दौरान तुरंत इनहेलर के प्रयोग की सलाह दी जाती है। हमेशा अपने पास में इनहेलर रखें।

इसके अलावा अस्थमा रोग से बचाव के लिए इसको ट्रिगर करनी वाले रसायनों, खास प्रकार की गंध या धूल-धुंए से बचाव करें। स्वस्थ-संतुलित आहार और नियमित योग-सांस के अभ्यास, इस रोग के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। 


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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