Arthritis Risk Factors: आर्थराइटिस यानी जोड़ों में सूजन-दर्द की समस्या अब केवल बुजर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आते दिख रहे हैं। आमतौर पर इसके पीछे खानपान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता या मोटापे को कारण माना जाता रहा है।
हालांकि हालिया शोध में कुछ नई और चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ खान-पान और दिनचर्या की गड़बड़ी ही नहीं, बढ़ता प्रदूषण भी आर्थराइटिस के खतरे को बढ़ाता जा रहा है।
क्या आप भी जोड़ों में अक्सर बने रहने वाले दर्द-जकड़न से परेशान रहते हैं? अगर हां तो समय रहते डॉक्टर से इस बारे में सलाह ले लें। हड्डियों और जोड़ों की ये समस्या आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली हो सकती है।
एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि आर्थराइटिस सिर्फ उम्र बढ़ने का ही नहीं, अब पर्यावरणीय बदलावों का भी नतीजा बन गया है इसलिए सेहत की सुरक्षा के लिए हमें और भी सावधान हो जाना चाहिए। आइए समझते हैं कि अब तक फेफड़ों की बीमारियों का कारण माना जाने वाला वायु प्रदूषण किस तरह से हड्डियों और जोड़ों के लिए दिक्कतें बढ़ाता जा रहा है?