फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Alzheimer's Day 2025: इन लोगों को होता है अल्जाइमर का अधिक खतरा, जानें क्या कहती है स्टडी

Sun, 21 Sep 2025 07:02 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अल्जाइमर भूलने की एक बेहद गंभीर बीमारी है, जो सामान्य तौर पर अधिक उम्र के लोगों में ही देखने पर मिलती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनमें इस बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 8
विश्व अल्जाइमर दिवस 2025 - फोटो : Freepik.com
World Alzheimers Day: अल्जाइमर रोग जो हमारी याददाश्त और सोचने की क्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देता है, आज की दुनिया में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है। यह एक बेहद जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। इसलिए इस बीमारी के कारणों को समझना बेहद जरूरी है ताकि इसके जोखिम को कम किया जा सके और समय रहते इसकी पहचान की जा सके। 

अल्जाइमर रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 21 सितंबर को 'विश्व अल्जाइमर दिवस' मनाया जाता है। अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिनका खतरा कुछ लोगों में अधिक होता है। इन जोखिमों को जानकर हम खुद को इस बीमारी के प्रति अधिक जागरूक और सुरक्षित बना सकते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि किन लोगों को अल्जाइमर का खतरा अधिक होता है और इसके पीछे क्या कारण हैं?
विज्ञापन

2 of 8
world alzheimers day - फोटो : Freepik.com
बढ़ती उम्र
अल्जाइमर रोग का सबसे बड़ा जोखिम कारक उम्र है। यह रोग 65 वर्ष की आयु के बाद तेजी से बढ़ता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी बुजुर्गों को यह बीमारी होगी, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क में होने वाले प्राकृतिक बदलाव इस रोग के प्रति सेंसिटिविटी को बढ़ा देते हैं।

ये भी पढ़ें- Diabetes: शरीर में दिखें ये संकेत तो हो जाएं सतर्क, समय रहते दे लिया ध्यान तो डायबिटीज से हो सकता है बचाव
 
विज्ञापन

3 of 8
अल्जाइमर रोग की शिकायत - फोटो : Adobe Stock Photos
पारिवारिक इतिहास और आनुवंशिकी
यदि आपके परिवार में किसी को अल्जाइमर रोग हुआ है, तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है। कुछ विशेष जीन, जैसे कि APOE4, इस जोखिम को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। हालांकि जीन ही एकमात्र कारक नहीं हैं, लेकिन पारिवारिक इतिहास होने पर नियमित जांच और सतर्कता बरतना जरूरी है।

ये भी पढ़ें- Alert: युवाओं की ये एक 'गंदी लत' सालाना 13.5 लाख से अधिक मौतों का बन रही कारण, विशेषज्ञों ने चेताया

4 of 8
विश्व अल्जाइमर दिवस - फोटो : Freepik.com
डाउन सिंड्रोम
डाउन सिंड्रोम से पीड़ित लोगों में अल्जाइमर रोग विकसित होने का खतरा अधिक होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि क्रोमोसोम 21 पर मौजूद एक विशेष जीन के कारण उनके मस्तिष्क में एमिलॉइड-बीटा प्रोटीन का जमाव जल्दी शुरू हो जाता है, जो अल्जाइमर का एक प्रमुख कारण है।
विज्ञापन

5 of 8
विश्व अल्जाइमर दिवस 2025 - फोटो : Freepik.com
सिर में चोट
जिन लोगों को सिर में गंभीर चोट लगी हो, उनमें बाद में अल्जाइमर रोग विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। मस्तिष्क की चोट से सूजन और कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है, जिसकी वजह से अल्जाइमर रोग का जोखिम बढ़ जाता है।
विज्ञापन

6 of 8
थकान - फोटो : Freepik
जीवनशैली और हृदय स्वास्थ्य
जोखिम के अन्य कारकों में खराब जीवनशैली शामिल है। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी स्थितियां मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञापन

7 of 8
नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
खराब नींद और शराब का सेवन
पर्याप्त और अच्छी नींद न लेना भी एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। नींद के दौरान मस्तिष्क से विषैले पदार्थ साफ होते हैं। यदि कोई व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता है, तो मस्तिष्क में हानिकारक प्रोटीन जमा हो सकते हैं। इसके अलावा, अत्यधिक शराब का सेवन भी मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और अल्जाइमर रोग के जोखिम को बढ़ाता है।

 
विज्ञापन

8 of 8
डॉक्टर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
यह समझना जरूरी है कि इन जोखिम कारकों का मतलब यह नहीं है कि आपको निश्चित रूप से अल्जाइमर रोग होगा, बल्कि ये केवल जोखिम को बढ़ाते हैं। एक स्वस्थ जीवनशैली, नियमित शारीरिक और मानसिक व्यायाम, संतुलित आहार, और पर्याप्त नींद अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यदि आप ऊपर बताए गए किसी भी जोखिम कारक से संबंधित हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे अच्छा है।

Alzheimer's disease

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें