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विश्व एड्स दिवस 2019: एचआईवी की चपेट में 3.5 करोड़ आबादी, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

Sun, 01 Dec 2019 11:10 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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HIV AIDS
एड्स, एचआईवी वायरस से फैलने वाली बीमारी है। इसका इलाज अभी तक संभव नहीं हो पाया है, लेकिन इससे बचाव संभव है। असुरक्षित यौन संबंध इसकी सबसे बड़ी वजह है। कुछ सावधानियां बरती जाए तो इसे रोका जा सकता है। विश्व एड्स दिवस पर आइए जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव के बारे में विस्तार से: 
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एचआईवी एड्स
एचआईवी एड्स क्या है, दुनिया में क्या है स्थिति 
एड्स एक गंभीर बीमारी है जो मानव इम्यूनोडिफीसिअन्सी वायरस (HIV) के संक्रमण के कारण होती है। जानकर आश्चर्य होगा कि दुनियाभर में कुल 3.8 करोड़ लोग एचआईवी की चपेट में हैं। साल 2010 तक एंटीरिट्रोवायरल थेरेपी लेने वालों की संख्या 70 लाख थी, जबकि वर्तमान में 2.4 करोड़ लोग यह थेरेपी ले रहे हैं। 80 लाख लोगों को पता भी नहीं है कि वे एचआईवी प्रभावित हैं। 
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इस बीमारी में एचआईवी वायरस व्यक्ति के इम्यून सिस्टम यानी कि प्रतिरक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर देता है। एचआइवी संक्रमण बढ़ता चला जाए तो यह एड्स में तब्दील हो जाता है। दो साल पहले तक देश में 21 लाख लोग एचआइवी की चपेट में थे। वर्तमान में यह आंकड़ा बढ़ चुका है। तब, 88 हजार लोग एड्स संक्रमित पाए गए थे और तब तक एड्स की वजह से 69 हजार लोगों की मौत हो चुकी थी। 

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एचआईवी एड्स - फोटो : सोशल मीडिया
क्या है एड्स के लक्षण
  • वजन घटना
  • शरीर में लाल चकत्ते होना 
  • रात में पसीना आना
  • गला सूखना 
  • मांसपेशियों में दर्द
  • बार-बार बुखार आना, ठंड लगना
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एड्स के कारण:
  • असुरक्षित यौन संबंध इसका सबसे बड़ा कारण है
  • अगर पार्टनर एचआईवी संक्रमित हुआ तो यह खतरा बढ़ जाता है
  • एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने से भी यह बीमारी फैलती है 
  • संक्रमित ऑर्गन किसी व्यक्ति को ट्रांसप्लांट करने से
  • एचआईवी पॉजिटिव महिला से उसके बच्चे को इस बीमारी का खतरा रहता है 
  • एक बार इस्तेमाल की जानी वाली सुई के दुबारा इस्तेमाल करने से 
  • इन्फेक्टेड ब्लेड का प्रयोग करने से
इन कारणों से परहेज कर आप इस बीमारी से बच सकते हैं।
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aids
एड्स के कारण होने वाली मौतों में पहले की अपेक्षा कमी आई है। हालांकि पिछले साल सात लाख 70 हजार लोगों की मौत हुई। वहीं, 17 लाख नए लोग संक्रमित हुए हैं। 2007 से 2018 के बीच का आंकड़ा देखें तो नए एचआइवी संक्रमण में 37 फीसदी कमी आई है और इससे होने वाली मौतें 45 फीसदी कम हुई है। 
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एड्स
क्या करें, क्या न करें
  • इस बीमारी के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। 
  • हमेशा जीवाणुरहित या डिस्पोजेबल सिरिंज ही उपयोग करें। 
  • एचआईवी संक्रमित महिला गर्भधारण के दौरान अपने खून में संक्रमण की मात्रा  कम करने वाली दवा नियमित लें
  • कोई भी दवा बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं लेनी चाहिए। 
  • एचआईवी संक्रमण, एड्स में न तब्दील हो जाए, इसके लिए पीड़ित नियमित दवा लें
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हेल्दी फूड और संतुलित भोजन का ही सेवन करें। 
  • संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों में सिगरेट के कारण हार्ट अटैक और फेफड़ों में कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।
  • इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को सिगरेट पीने से परहेज करना चाहिए। 
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लंबे समय तक रह सकते हैं स्वस्थ
अगर आप एचआईवी पॉजिटिव हैं तो आप रोज समय पर दवा लें यह आपको लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है। यदि बच्चे को जन्म देते समय मां के शरीर के अंदर (HIV) वायरस मौजूद है, तो उसका होने वाला बच्चा इस बीमारी से पीड़ित हो सकता है, लेकिन सही समय पर इस बीमारी का इलाज मिलने पर ठीक भी हो जाता है।
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