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लंबे समय तक घर बैठकर काम करने से बढ़ता है मौत का खतरा, 11 मिनट की चहलकदमी से रहेंगे स्वस्थ

Fri, 18 Dec 2020 03:59 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लॉकडाउन में लोगों ने अपने सारे काम घर बैठकर ही किये हैं - फोटो : pixabay

कोरोना के भारत में आने के बाद हमारे जीवन में हमने बहुत से बदलाव देखे हैं। महामारी के दौरान लॉकडाउन में लोगों ने अपने सारे काम घर बैठकर ही किये हैं। इस दौरान लोग इतने लंबे-लंबे समय तक बैठे रहे कि इसके दुष्प्रभाव भी अब देखने को मिल रहे हैं। जब लोग दफ्तर से काम करते थे तो वे व्यायाम न करके भी एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए उठते थे, थोड़ा टहलते थे लेकिन घर पर तो वे 8-8 घंटे तक भी एक जैसे काम करते हैं। हाल ही में इस पर एक शोध हुआ है। अगली स्लाइड्स से जानते हैं इस शोध के बारे में।

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कोरोना के बाद से ही लोगों में निष्क्रियता बढ़ गई है - फोटो : Social media

बैठे रहने से बढ़ जाता है मौत का खतरा
हाल ही में हुए ब्रिटिश जर्नल के एक अध्ययन के मुताबिक हजारों की संख्या में लोगों की जीवनशैली पर निगरानी रखी गई। जिसमें पाया गया की कोरोना के बाद से ही लोगों में निष्क्रियता बढ़ गई है और इस निष्क्रियता से सबसे अधिक खतरा युवाओं को है क्योंकि यदि लंबे समय तक वे ऐसे ही रहे तो उनकी मृत्यु तक हो सकती है। इस अध्ययन से पहले भी इस तरह के अध्ययन हो चुके हैं। 

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नौ विभिन्न अध्ययनों की तुलना करके परिणाम निकाले - फोटो : पेक्सेल्स

नौ विभिन्न अध्ययनों की हुई तुलना
शोधकर्ताओं ने अमेरिका में रहने वाले लगभग 50,000 लोगों पर किए गए नौ विभिन्न अध्ययनों की तुलना करके परिणाम निकाले। इन अध्ययनों में हर प्रकार के लोगों को शामिल न करके अधे़ड़ उम्र के पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया और फिर उन पर निगरानी रखकर ये जानने का प्रयास किया गया कि यह दुष्प्रभाव किस प्रकार है और इन्हें मिटाने के लिए क्या करना चाहिए। 

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पाचन तंत्र भी प्रभावित हो रहा है - फोटो : social media

ऐसे हैं शारीरिक दुष्प्रभाव-
लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से लोगों का मोटापा तो बढ़ ही रहा है। साथ ही कमर में दर्द और पेट संबंधी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। खाना खाकर एक जैसे बैठे रहने पर पाचन तंत्र भी प्रभावित हो रहा है जिससे कि लोगों में विशेषकर अधेड़ उम्र के लोगों में कब्ज की समस्या बहुत बढ़ गई है। 

 

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11 मिनट तक हल्का व्यायाम या तेजी से चहलकदमी करें - फोटो : pixa
11 मिनट तक हल्का व्यायाम जरूरी
शारीरिक दुष्प्रभावों को मिटाने के लिए ब्रिटिश जर्नल ने जो सुझाव दिए हैं वे शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में ही पाए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग 11 मिनट तक हल्का व्यायाम करते हैं या तेजी से चहलकदमी करते हैं उनके शारीरिक दुष्प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं। जो लोग 35 मिनट तक व्यवस्थित व्यायाम करते हैं, उन्हें तो किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं रहती है फिर भले ही वे कितने घंटे तक भी बैठकर काम करते हों।
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