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इन लक्षणों के दिखने पर महिलाएं तुरंत करें चिकित्सक से संपर्क, हो सकती हैं बड़ी बीमारियां

Sat, 10 Apr 2021 04:13 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बदलावों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए - फोटो : Social Media

Medically Reviewed by Dr. Sadhna Raj
डॉ साधना राज
स्त्री रोग विशेषज्ञ, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस
अनुभव- 16 वर्ष

महिलाओं की शारीरिक संरचना बहुत अलग होती है। यदि वे शरीर पर ध्यान नहीं दें तो उन्हें कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। मासिक धर्म, गर्भावस्था के अलावा भी कई सारे शारीरिक परिवर्तन महिलाओं के शरीर में होते रहते हैं। इन बदलावों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए जबकि महिलाएं इन पर ध्यान ही नहीं देती हैं। ऐसे में अगली स्लाइड्स में बताए गए कोई भी लक्षण यदि आपको दिखाई पड़ते हैं तो तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें अन्यथा बढ़ती उम्र के साथ आपको बड़ी बीमारियां हो सकती हैं। 

 

 

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चिकित्सक को एकबार जरूर दिखाना चाहिए - फोटो : Social media

ब्रेस्ट में गांठ
यदि सोते वक्त आपको सीने में कोई सूजन या दर्द होने लगता है या एकदम उठने-बैठने में कुछ भारी सा महसूस होता है तो आपको अपने चिकित्सक को एकबार जरूर दिखाना चाहिए क्योंकि बार-बार इस तरह की समस्या होना आपके लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। आपको घबराना नहीं है बस एकबार चेकअप कराना है क्योंकि हर बार गांठ कैंसर के कारण नहीं होती है पर हार्मोनल परिवर्तनों एवं किसी तरह के संक्रमण के कारण ऐसा हो सकता है इसलिए लापरवाही न बरतें। 

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स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगे - फोटो : social media

हार्मोनल परिवर्तन
महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होना बहुत सामान्य है। ऐसे में यदि आपको अचानक से चेहरे पर बहुत अधिक मुंहासे निकलने लगे हों, वजन घटने या बढ़ने लगे, अनचाही जगह पर बाल उगने लगें या फिर स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगे तो ऐसे में चिकित्सक को जरूर दिखाएं क्योंकि लंबे समय तक हार्मोन्स का असंतुलित रहना महिलाओं की सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। 

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डिस्चार्ज का असामान्य होना ठीक नहीं है - फोटो : सोशल मीडिया

वैजाइनल इंफेक्शन
महिलाओं की योनि से डिस्चार्ज होना बहुत सामान्य प्रक्रिया है लेकिन इस डिस्चार्ज का असामान्य होना ठीक नहीं है। वैसे तो पूरे महीने डिस्चार्ज एक सा नहीं होता है लेकिन यदि डिस्चार्ज का रंग सफेद से पीला, ग्रे, भूरा या हरा होने लगे और उससे अजीब तरह की बदबू आने लगे तो इस बात की संभावना है कि वैजाइना में हानिकारक जीवाणु पनप रहे हैं इसलिए चिकित्सक से इस समस्या को अवश्य साझा करें। 

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ओवरी में गांठ की वजह से भी हो रहा है - फोटो : सोशल मीडिया

असहनीय दर्द
मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से में यदि आपको असहनीय दर्द होता है तो यह सामान्य नहीं है क्योंकि बिल्कुल संभव है कि यह तेज और अचानक उभरा दर्द पीसीओडी यानी ओवरी में गांठ की वजह से भी हो रहा है। जो कि आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकता है इसलिए इसे नजरअंदाज न करें।

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दिनचर्या को भी सुधारने की आवश्यकता है - फोटो : social media

अनियमित मासिकधर्म
यदि आपका पीरियड समय से पहले या बहुत दिनों तक आता ही नहीं है या जब आता है तो बहुत अधिक रक्तस्त्राव होना, कमजोरी महसूस होती है तो इसे हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में आपको अपनी डाइट, दिनचर्या को भी सुधारने की आवश्यकता है। खुद से भी योग आदि का अभ्यास कर इसी समस्या को दूर करने का प्रयास आप कर सकते हैं।

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जरूरी नहीं ये पसीने से ही हो रही हो - फोटो : सोशल मीडिया

खुजली या जलन
अगर आप को वैजाइना में खुजली या जलन होती है तो जरूरी नहीं ये पसीने से ही हो रही हो। ये हो सकता है कि यूटीआई, किसी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन या फिर एसटीडी का लक्षण हो इसलिए यदि लंबे समय तक आपने इसे अनदेखा किया तो हो सकता है कि आगे चलकर ये आपके लिए बहुत असुविधाजनक हो जाए।  

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ये पेल्विक फ्लोर वाली समस्या भी हो सकती है - फोटो : social media

आंत में दर्द
अगर आपको अचानक ही आंत के वहां दर्द उठने लगता है या उस हिस्से में भारीपन बना रहता है तो ये पेल्विक फ्लोर वाली समस्या भी हो सकती है। इसके लिए उचित समय पर चिकित्सक से परामर्श लें या जांच करके अपनी शंका का समाधन करें नहीं तो ये दर्द आपके शरीर को दिन-ब-दिन और कमजोर ही करेगा। 

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

नोट- यह लेख चाइल्डकेयर हॉस्पिटल की डॉक्टर साधना राज से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर साधना राज पिछले 16 सालों से प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर से ली है।

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