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आज का हेल्थ टिप्स: सर्दियों में मौसमी बुखार-जुकाम से बचने के लिए ये हैं पांच सबसे कारगर तरीके, प्रयोग में लाकर पा सकते हैं लाभ

Wed, 12 Jan 2022 11:39 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय - फोटो : pixabay
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल

Medically Reviewed by
Dr. Rajan Gandhi

सर्दियों में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे जैसे मौसम बदलता है, बीमारियों का डर सताने लगता है। इस मौसम में बीमार पड़ने का खतरा को कई गुना बढ़ ही जाता है, साथ ही फ्लू,सर्दी, जुकाम, खांसी और तेज बुखार समेत कई बीमारियों से ग्रसित होना आम बात हो जाती है। इस तरह की बीमारियां ठंड लगने और सर्दियों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण होता है। इन मौसमी बीमारियों से बचने के लिए सर्दी आते ही लोग गर्म कपड़े पहनने की सलाह देते हैं, खान पान पर ध्यान देने को कहा जाता है। हालांकि सर्दी के मौसम में बीमार होने से बचने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा कुछ और भी बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। बुखार-जुकाम से बचने के लिए कुछ कारगर घरेलू उपायों का भी सहारा लें सकते हैं, ताकि सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी समस्याओं में आराम पा सकें। चलिए आपको बताते हैं मौसमी बीमारियों से बचाव के पांच तरीके।
 
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मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय - फोटो : iStock
हल्दी दूध का सेवन 

सर्दियों में बीमारी से बचाव के लिए आप दूध में हल्दी मिलाकर रोजाना पी सकते हैं। हल्दी वाले दूध में कैल्शियम, आयरन, सोडियम, ऊर्जा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। ये पोषक तत्व शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है। वहीं शरीर के दर्द और सूजन से भी राहत मिलती है। 
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मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय - फोटो : iStock
सर्दियों में भाप है असरदार

इस मौसम में सर्दी जुकाम होने पर भाप लेना फायदेमंद हो सकता है। सप्ताह में तीन से चाप बार गर्म पानी की भाप लेने से सर्दी-जुकाम जैसी स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से तो राहत मिलती ही है, स्किन भी साफ और चमकदार बनती है। आप पुदीने या अजवाइन की पत्तियां गर्म पानी में डालकर भी भाप ले सकते हैं। भाप लेने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। इसके अलावा गर्म पानी की भाप से नाक व गले के माध्यम से फेफड़ों तक भाप पहुंचती है, जिससे गले में जमा कफ बाहर निकलता है।

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मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय - फोटो : Pixabay
तुलसी वाली चाय के फायदे 

सर्दियों में चाय पीना लगभग सभी को पसंद होता है लेकिन चाय में तुलसी के पत्ते डालकर आप चाय को मौसमी बीमारियों से बचाव में औषधी के तौर पर पी सकते हैं। आयुर्वेद में तुलसी को बहुत गुणकारी माना गया है। अगर आप तुलसी की चाय पीते हैं तो शरीर को भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मिलता है। जो शरीर में होने वाले फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है। यह शरीर की सूजन को कम करने के साथ खांसी जुकाम में असरदार होती है।
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मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय - फोटो : istock
गरारे करें

गरारा किसी भी तरह से नुकसान नहीं करता बल्कि कई समस्याओं से राहत पहुंचाता है। गले में खराश हो या साइनस जैसी समस्या हो, हल्के गुनगुने पानी से गरारे करने से फायदा मिलता है। पानी में नमक मिलाकर गरारे कर सकते हैं। गरारा गले और पेट से जुड़ी कई समस्या से छुटकारा दिला सकता है। इससे गले में खराश, सर्दी, जुकाम में भी राहत मिलती है।
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मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय - फोटो : istock
डाइट में शामिल करें ये चीजें

सर्दी में मौसमी बीमारी से बचाव के लिए आप अपने खान पान पर भी ध्यान दें। मक्का, ज्वार, बाजरा और दलिया जैसे मोटे अनाज आपके शरीर में गर्माहट लाते हैं। वहीं कच्चा लहसुन, अदरक, हल्दी इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। मूंगफली, गुड़ और तिल का सेवन भी लाभकारी होता है। इन चीजों का सही मात्रा में नियमित सेवन आपको सर्दी-खांसी और जुकाम से राहत देता है। 

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में  डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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