खून की जांच से पता चलता है विटामिन-डी कम तो नहीं
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किन लोगों में कमी का जोखिम ज्यादा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन लोगों को रोजाना पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं मिल पाती है या फिर जिनके त्वचा का रंग गहरा है उनमें विटामिन-डी की कमी का खतरा हो सकता है।
- इसके अलावा शरीर में फैट ज्यादा होने वाले और कुछ ऐसी बीमारियां जिनमें शरीर विटामिन को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता, उनमें विटामिन-डी की कमी का जोखिम अधिक हो सकता है।
- उम्र बढ़ने के साथ भी त्वचा की विटामिन-डी बनाने की क्षमता घटती है।
विटामिन-डी की कमी का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट की सलाह दी जाती है। डॉक्टरों के अनुसार 20 ng/mL या उससे ऊपर का स्तर अधिकांश लोगों के लिए पर्याप्त माना जाता है, जबकि 12 ng/mL से कम को बहुत कम माना जाता है। जिन लोगों में इस विटामिन की ज्यादा कमी होती है, उन्हें डॉक्टर कुछ सप्लीमेंट्स दे सकते हैं, हालांकि कभी भी खुद से सप्लीमेंट्स नहीं लेना चाहिए।
बहुत ज्यादा विटामिन-डी लेना भी नुकसान पहुंचा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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