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Monsoon Diseases: मानसून में संक्रामक रोगों का खतरा, बचाव के लिए डॉक्टर ने बताए सबसे आसान तरीके; आप भी जानिए

Fri, 31 Jul 2026 07:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानसून में संतुलित आहार के साथ विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं। विटामिन-सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने, प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है।
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संक्रामक रोगों से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों बारिश का मौसम देखा जा रहा है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट्स में हमने पहले भी जानकारी दी है कि इन दिनों में सेहत को लेकर क्या-क्या सावधानियां जरूरी हैं? मानसून के दिनों में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा तो बढ़ता ही है साथ ही खान-पान को लेकर बरती गई जरा सी भी लापरवाही आपको फूड-पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का शिकार बना सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानसून के दिनों में संतुलित आहार लेने पर खास जोर देते हैं। डॉक्टर कहते हैं, इन दिनों में हमें नियमित रूप से ऐसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है जो शरीर को अंदर से मजबूत रखें और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। विटामिन-सी वाली चीजें आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। 

क्या आपकी डाइट में विटामिन-सी है?
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विटामिन-सी के क्या फायदे हैं? - फोटो : Amarujala.com/AI
विटामिन-सी सेहत के लिए जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विटामिन-सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने और इम्युनिटी को ठीक रखने में मदद करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर स्वस्थ लोगों को संतुलित आहार से पर्याप्त विटामिन-सी मिल सकता है। हालांकि जिन लोगों में इसकी कमी है उन्हें सप्लीमेंट की सलाह दी जाती है। 
 
  • बारिश के मौसम में संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे समय में संतुलित आहार के साथ पर्याप्त विटामिन-सी लेने से प्रतिरक्षा प्रणाली सामान्य रूप से काम करने में मदद मिलती है। 
  • यदि शरीर में इसकी कमी हो तो संक्रमण से लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।  
  • संक्रमण से बचने के लिए विटामिन-सी वाली चीजों के साथ स्वच्छता का ध्यान रखना, हाथ धोना, सुरक्षित भोजन और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।
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आपकी डाइट में है विटामिन-सी? - फोटो : Adobe Stock
विटामिन-सी शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

विटामिन-सी जल में घुलनशील विटामिन है, जिसे शरीर स्वयं नहीं बना सकता। इसलिए इसे भोजन के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक है। 
 
  • यह प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य, कोलेजन के निर्माण, त्वचा-रक्त वाहिकाओं और हड्डियों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  • यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है।
  • इसके अलावा विटामिन-सी वाली चीजें भोजन से आयरन के अवशोषण को भी बेहतर बनाती हैं।
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विटामिन-सी वाली चीजें - फोटो : Amarujala.com/AI
प्राकृतिक स्रोतों से कैसे प्राप्त करें विटामिन-सी?

कई खट्टे फलों में विटामिन-सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है। आंवला, अमरूद, संतरा, मौसंबी, नींबू, कीवी और टमाटर इसके अच्छे स्रोत हैं।
 
  • भारतीय आहार में आंवला और अमरूद विशेष रूप से विटामिन-सी से भरपूर माने जाते हैं। 
  • मौसम के अनुसार ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना सप्लीमेंट की तुलना में अधिक लाभकारी माना जाता है।

डॉक्टर कहते हैं, हर व्यक्ति को विटामिन-सी की गोली या सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होती। यदि आपका आहार संतुलित है और उसमें पर्याप्त फल एवं सब्जियां शामिल हैं, तो सामान्यतः जरूरत पूरी हो जाती है। सप्लीमेंट केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेने चाहिए। 


मानसून में इन बातों का भी रखें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसून के दिनों में सेहतमंद रहने और संक्रमण से बचने के लिए केवल विटामिन-सी ही काफी नहीं है। 
 
  • स्वच्छ और ताजा भोजन करें साथ ही उबला पानी पिएं। ये खाद्य पदार्थों के कारण होने वाले संक्रमण के खतरे को कम करने में सहायक है।
  • खुले में कटे फल या दूषित भोजन से बचें और पर्याप्त नींद लें। 
  • यदि बुखार, उल्टी, दस्त या लगातार संक्रमण के लक्षण हों तो डॉक्टर से परामर्श लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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