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सेहत की बात: मोबाइल-टीवी देखते-देखते है खाने की आदत? जानिए क्यों इसे विशेषज्ञ मानते हैं नुकसानदायक

Sat, 10 Oct 2026 07:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mindful Eating: खाना खाते समय मोबाइल देखने से भोजन पर ध्यान कम हो जाता है और जरूरत से ज्यादा खाने की आशंका बढ़ सकती है। कुछ लोगों में जल्दबाजी से खाने के कारण पेट भारी होने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। भोजन के दौरान स्क्रीन दूर रखें और धीरे खाएं।
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मोबाइल देखते-देखते खाने की आदत - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपकी भी खाना खाते समय मोबाइल चलाने या टीवी देखते रहने की आदत है? बिना वीडियो देखे ऐसे लगता है जैसे भोजन अधूरा है?

लंच-डिनर करते समय मोबाइल देखना हम में से ज्यादातर लोगों की आम सी आदत हो गई है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खाने के दौरान स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखने से आपकी खाने की आदतों पर क्या असर पड़ सकता है? 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल पहले से ही हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है, ऊपर से खाना खाते समय मोबाइल चलाते रहने की आदत आपके जोखिमों को और भी बढ़ाने वाली हो सकती है। असल में मोबाइल देखते हुए हम अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं दे पाते कि कितना खा लिया, पेट भर गया है या अभी भूख बाकी है? इससे अनावश्यक रूप से ओवरईटिंग का खतरा हो सकता है।

आइए जानते हैं कि खाना खाते समय मोबाइल देखने की आदत किन परेशानियों का कारण बन सकती है?
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ओवरईटिंग की समस्या - फोटो : Freepik.com
जरूरत से ज्यादा खाने का खतरा

जब हमारा ध्यान मोबाइल पर होता है, तो हम अनजाने में ज्यादा खाने लगते हैं। इसके अलावा मोबाइल पर ध्यान होने के कारण पेट भरने का संकेत भी ठीक से नहीं मिल पाता, जिससे ओवरईटिंग का खतरा बढ़ जाता है। कई बार प्लेट से खाना खत्म होने के बाद भी हम हाथ चलाते रहते हैं, क्योंकि ध्यान वीडियो में लगा होता है।
 
  • डिनर के समय ये आदत और भी नुकसानदायक हो सकती है। आहार विशेषज्ञ डिनर में पेट भरने से थोड़ा कम खाने की सलाह देते हैं, ऐसे में ओवरईटिंग के कारण आपके लिए दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
खाने की संतुष्टि कम महसूस होती है

खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि स्वाद और संतुष्टि के लिए भी होता है। मोबाइल देखते हुए हम खाने की खुशबू, स्वाद पर कम ध्यान देते हैं। इससे भोजन का आनंद कम हो सकता है और खाने के बाद भी कुछ और खाने की इच्छा बनी रह सकती है।
 
  • इतना ही नहीं खाते समय मोबाइल चलाते रहने से और भी कई दिक्कतें हो सकती हैं, जिस तरफ हमारा ध्यान बहुत कम जाता है।
  • खाने की मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
  • पेट भरने के संकेतों को पहचानने में देर हो सकती है।
  • लंबे समय तक ऐसी आदत रहने पर जरूरत से ज्यादा कैलोरी इंटेक की आशंका भी बढ़ सकती है।

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पाचन की समस्याएं - फोटो : adobe stock images
पाचन संबंधी दिक्कतों का खतरा

स्क्रीन में ध्यान लगा होने के कारण अक्सर लोग जल्दी-जल्दी खाते हैं या ठीक से चबाए बिना भोजन को निगल लेते हैं। इससे कुछ लोगों को पेट भारी लगने, गैस या अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खाते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और भोजन को अच्छी तरह चबाकर ही खाना चाहिए। इससे न सिर्फ पाचन ठीक रहता है साथ ही भोजन से पोषक तत्वों का अवशोषण भी ठीक से हो पाता है। 
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खान-पान संबंधी समस्याएं - फोटो : Adobe stock
बच्चों के लिए ये आदत और भी नुकसानदायक

बच्चों को मोबाइल दिखाकर खाना खिलाने की समस्या अमूमन हर घर की कहानी है। इस आदत के कारण बच्चों का ध्यान भूख और पेट भरने के संकेतों से हट सकता है। बच्चों में ओवरईटिंग के कारण मोटापे का खतरा हो सकता है, जो कम उम्र में ही कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
 
  • खाने के समय मोबाइल को साइलेंट करके दूर रखें।
  • भोजन के लिए 15-20 मिनट का फ्री टाइम निकालें जिसमें सिर्फ खाने पर ध्यान हो।
  • खाने की मात्रा पर ध्यान दें और पेट भरने से थोड़ा पहले ही खाना बंद कर दें।
  • बच्चों के साथ बैठकर खाना खाने की आदत बनाएं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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