फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Triglycerides: ब्लड टेस्ट में आया है हाई ट्राइग्लिसराइड्स? तुरंत शुरू कर दें ये उपाय

Mon, 13 Jul 2026 07:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आपकी ब्लड रिपोर्ट में भी ट्राइग्लिसराइड्स बढ़े हुए आए हैं, तो घबराने की बजाय यह समझना जरूरी है कि इसके पीछे की वजह क्या है और इसे कम करने के लिए कौन-से तरीके अपनाए जा सकते हैं?
विज्ञापन
1 of 5
ट्राइग्लिसराइड बढ़ने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
हृदय रोगों के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कम उम्र वालों को भी इसका शिकार देखा जा रहा है। डॉक्टर कहते हैं, दिल की बीमारियों से बचे रहने के नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।

कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइड टेस्ट कराया जाता है। क्या आपकी जांच रिपोर्ट में भी ट्राइग्लिसराइड का लेवल हाई आई है? अक्सर लोग ट्राइग्लिसराइड बढ़ने को नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि सिर्फ कोलेस्ट्रॉल बढ़ना ही दिल के लिए खतरनाक होता है। हालांकि डॉक्टर कहते हैं, हाई ट्राइग्लिसराइड्स भी शरीर के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकते हैं। कई लोग ट्राइग्लिसराइड-कोलेस्ट्रॉल को एक ही मानते हैं

हाई ट्राइग्लिसराइड्स के अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। कई लोगों को इसका पता केवल रूटीन ब्लड टेस्ट के दौरान चलता है। यही वजह है कि इसे साइलेंट रिस्क भी कहा जाता है। यदि आपका ट्राइग्लिसराइड भी बढ़ा हुआ है तो तुंरत डॉक्टर की सलाह ले लें।
विज्ञापन

2 of 5
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूरी - फोटो : Adobe Stock
ट्राइग्लिसराइड्स होता क्या है?

ट्राइग्लिसराइड्स शरीर में मौजूद एक प्रकार का फैट है, जो भोजन से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी को ऊर्जा के रूप में भविष्य के लिए जमा करता है। 
 
  • सामान्य मात्रा में यह शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन जब इसका स्तर लगातार बढ़ा रहता है तो यह धमनियों में चर्बी फैट होने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। 
  • इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और कुछ मामलों में पैंक्रियाटाइटिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

कई मामलों में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन कंट्रोल रखने जैसे उपाय से भी ट्राइग्लिसराइड्स को कम किया जा सकता है। हालांकि यदि ये लगातार बहुत अधिक रहता है तो इसका इलाज जरूरी हो जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
डाइट में करें सुधार - फोटो : Adobe Stock
ट्राइग्लिसराइड बढ़ जाए तो क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, हाई डायबिटीज, अत्यधिक शराब पीने और धूम्रपान से भी इसका खतरा बढ़ जाता है। अगर आपका ट्राइग्लिसराइड्स लेवल भी हाई आया है तो तुरंत खान-पान में सुधार कर लें। 
 
  • ट्राइग्लिसराइड्स कंट्रोल करने के लिए मीठे पेय-मिठाइयां, सफेद ब्रेड, मैदा और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें। 
  • भोजन में साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल, नट्स और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें। 
  • तले हुए भोजन और ट्रांस फैट कम से कम खाएं। 
  • ओमेगा-3 से भरपूर चीजें जैसे मछलियां, अलसी और अखरोट भी फायदेमंद हो सकता है।

4 of 5
नियमित व्यायाम जरूरी - फोटो : Amarujala.com/AI
जरूर करें व्यायाम 

नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को घटाने में मदद करती है। 
 
  • सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम, तेज चलने-साइकिलिंग जैसे उपाय भी लाभकारी हो सकते हैं।
  •  यदि वजन अधिक है, तो 5-10% वजन कम करने से भी ट्राइग्लिसराइड्स और ब्लड प्रेशर की स्थिति में सुधार हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
किन लोगों को रहना चाहिए अलर्ट?

डॉक्टर कहते हैं, कुछ लोगों में ट्राइग्लिसराइड्स और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा अधिक होता है।
 
  • डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर के शिकार लोगों का सावधान रहना चाहिए। 
  • धूम्रपान या अधिक वजन वाले लोगों को समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल कराना चाहिए। 
  • 20 वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ वयस्कों को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच करानी चाहिए। 


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें