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Alert: फेफड़े-हार्ट से लेकर कैंसर तक, ये एक आदत बढ़ा रही है कई जानलेवा बीमारियां; आप भी तो नहीं हैं शिकार?

Wed, 12 Mar 2025 07:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी सेहत चाहते हैं तो तंबाकू-धूम्रपान से दूरी बनाना सबसे जरूरी है। अगर आप इसका सेवन करते रहे हैं और आज से भी इसे छोड़ देते हैं तो भी आप कई बीमारियों के खतरे को काफी कम कर सकते हैं। निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) की मदद लेकर आप इससे दूरी बना सकते हैं।
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हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
तंबाकू और धूम्रपान को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता है। आंकड़ों से पता चलता है कि 253 मिलियन (25.3 करोड़) से अधिक तम्बाकू उपयोगकर्ताओं के साथ, भारत दुनिया में तम्बाकू उपयोग की सबसे अधिक दर वाले देशों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ तम्बाकू के कारण होने वाली बीमारियों और इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते अतिरिक्त दबाव को लेकर अलर्ट करते रहे हैं।  

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, तंबाकू का किसी भी रूप में इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे हृदय रोग, मौखिक स्वास्थ्य और सांस संबंधी समस्याएं, त्वचा से संबंधित बीमारियां और कई प्रकार के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी सेहत चाहते हैं तो तंबाकू-धूम्रपान से दूरी बनाना सबसे जरूरी है। अगर आप इसका सेवन करते रहे हैं और आज से भी इसे छोड़ देते हैं तो भी आप कई बीमारियों के खतरे को काफी कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं धूम्रपान छोड़ने के एक दिन के भीतर ही आपके शरीर में कई प्रकार के सकारात्मक बदलाव होने शुरू हो जाते हैं।
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धूम्रपान के कारण हो रही हैं गंभीर समस्याएं - फोटो : Freepik.com
तंबाकू के कारण बढ़ रही हैं कई बीमारियां

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएओ) के अनुसार, तंबाकू सेवन के कारण हर साल दुनियाभर में लगभग 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 12 लाख लोग सेकेंड-हैंड स्मोकिंग (दूसरों द्वारा किए गए धूम्रपान) से प्रभावित होते हैं। तंबाकू-धूम्रपान शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करता है।
  • तंबाकू के कारण फेफड़े, मुंह, गले, पाचन तंत्र और मूत्राशय के कैंसर का खतरा बढ़ा जाता है।
  • ये धमनियों में रुकावट का खतरा बढ़ा देती है जिससे हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है।
  • फेफड़े की बीमारियों जैसे क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फायसेमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के लिए भी धूम्रपान को बड़ा कारण माना जाता रहा है।
  • तंबाकू और धूम्रपान के कारण पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता कम होने और स्त्रियों में गर्भपात का खतरा बढ़ता है।
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धूम्रपान छोड़ने के लिए क्या करें? - फोटो : freepik.com
तंबाकू से दूरी बनाने के लिए इच्छाशक्ति महत्वपूर्ण

हालांकि तंबाकू-धूम्रपान छोड़ने संबंधित आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। लोग इससे होने वाली बीमारियों के डर के चलते दूरी तो बनाते हैं पर 95% लोग तंबाकू छोड़ने की अपनी यात्रा में असफल  हो जाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तंबाकू से दूरी बनाने के लिए इच्छाशक्ति महत्वपूर्ण है, यही आपको पहला कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है। हालांकि सिर्फ इच्छाशक्ति ही पर्याप्त नहीं है, इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेना भी काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि भारत में देखा गया है कि अधिकतर लोग केवल इच्छाशक्ति पर भरोसा करते हैं और मदद नहीं मांगते।

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धूम्रपान से कैसे छुटकारा पाएं? - फोटो : Freepik.com
तंबाकू छोड़ने के क्या  तरीके हैं?

तंबाकू की लत शारीरिक और मानसिक निर्भरता से जुड़ी होती है, इसलिए इसे छोड़ने के लिए सही रणनीति और इच्छाशक्ति जरूरी है।
  • सबसे पहले तंबाकू छोड़ने का ठोस निर्णय लें और खुद को याद दिलाएं कि क्यों छोड़ना चाहते हैं।
  • निकोटीन पैच, च्युइंग गम और इनहेलर से धीरे-धीरे शरीर को निकोटीन की आदत से छुड़ाया जा सकता है।
  • तनाव प्रबंधन, ध्यान और व्यायाम की मदद से तंबाकू छोड़ने की इच्छाशक्ति बढ़ सकती है।
निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) की मदद लेकर आप इससे दूरी बना सकते हैं। एनआरटी की मदद से दुनियाभर में लाखों लोगों ने धूम्रपान की आदत से सफलतापूर्वक छुटकारा पाया है। डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित इस तरीके की मदद से आप भी तंबाकू छोड़ सकते हैं।
 
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धूम्रपान छोड़ने के कई फायदे - फोटो : Freepik
धूम्रपान छोड़ने से होने लगते हैं शरीर में सकारात्मक बदलाव

धूम्रपान छोड़ने का मतलब है, इसकी लत के चक्र को तोड़ना और मस्तिष्क को निकोटीन की आदत से रोकने के लिए पुनः व्यवस्थित करना।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, धूम्रपान छोड़ने से रक्तचाप कम होने लगता है और फेफड़े-हृदय रोगों का खतरा भी कम हो जाता है। 
  • धूम्रपान छोड़ने के एक दिन के भीतर ही आपके शरीर में कई बदलाव शुरू हो जाते हैं। 
  • धूम्रपान छोड़ने के सिर्फ एक दिन बाद ही आपमें हार्ट अटैक होने का जोखिम भी पहले की तुलना में कम होने लगता है।
यहां पढ़िए पूरी खबर


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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