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Protein Deficiency: कैसे जानें कहीं आपमें भी तो नहीं हो गई है प्रोटीन की कमी? क्या होते हैं इसके संकेत

Thu, 26 Dec 2024 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रोटीन शरीर के समग्र कामकाज के लिए आवश्यक है। यह ऊतकों के निर्माण और मरम्मत, एंजाइम और हार्मोन का उत्पादन करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कहीं आपमें प्रोटीन की कमी तो नहीं है?
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शरीर में प्रोटीन की कमी के लक्षण - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत के लिए हमें नियमित रूप से पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को आहार में ऐसी चीजों को शामिल करने की सलाह देते हैं जिससे शरीर के लिए जरूरी ज्यादातर तत्वों की पूर्ति की जा सके। आहार विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोटीन हमारी सेहत के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है। मांसपेशियों के निर्माण से लेकर,  त्वचा, बाल और नाखूनों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। क्या आप प्रोटीन वाली चीजों का रोजाना सेवन कर रहे हैं?

प्रोटीन शरीर के समग्र कामकाज के लिए आवश्यक है। यह ऊतकों के निर्माण और मरम्मत, एंजाइम और हार्मोन का उत्पादन करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बालों-नाखूनों को मजबूत रखने और इन्हें टूटने से बचाने के लिए भी प्रोटीन वाली चीजें जरूरी हैं।

आपके शरीर में कहीं प्रोटीन की कमी तो नहीं है, इसका पता कैसे लगाया जा सकता है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रोटीन अच्छी सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Freepik.com
हमें रोज कितनी मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है?

अध्ययनकर्ता बताते हैं, वयस्कों को प्रतिदिन शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, जिस व्यक्ति का वजन 75 किलोग्राम है, उसे प्रतिदिन 60 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन की कमी की स्थिति में शरीर की संरचना में बदलाव होने लग जाता है। अगर इसमें सुधार नहीं होता है तो ये लिवर की बीमारी, हड्डियों की समस्या और बच्चों के विकास को भी प्रभावित कर सकती है। क्या आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ले रहे हैं?

आइए जानते हैं कि ये कैसे जाना जा सकता है कि कहीं आपमें प्रोटीन की कमी तो नहीं है?
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इम्युनिटी की समस्या - फोटो : Freepik.com
कमजोर तो नहीं हो गई है आपकी इम्युनिटी?

इम्युनिटी को मजबूत रखने के लिए आमतौर पर विटामिन-सी और डी को सबसे जरूरी माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि अगर आपमें प्रोटीन की कमी हो जाए तो इसके कारण भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर हो सकता है? प्रोटीन की कमी के कारण संक्रमण का जोखिम और इसके गंभीर रूप लेने का भी खतरा हो सकता है। पशुओं पर किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि केवल 2% प्रोटीन वाले आहार की तुलना में 18% प्रोटीन लेने वाले वाले पशुओं में संक्रामक रोग होने का जोखिम अधिक होता है। 

महिलाओं पर किए गए एक छोटे अध्ययन से पता चला है कि नौ सप्ताह तक लो प्रोटीन वाला आहार लेने से उनकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया काफी कम हो गई।

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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
मांसपेशियों की कमजोरी और अक्सर थकान रहना

मांसपेशियों के स्वस्थ और मजबूत को बनाए रखने के लिए भी प्रोटीन आवश्यक है। यदि आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन नहीं कर रहे हैं, तो आपका शरीर अपनी प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए मांसपेशियों के ऊतकों का ब्रेक डाउन शुरू कर देता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली प्रोटीन की कमी के कारण मांसपेशियों की क्षति और कमजोरी बढ़ जाती है। अगर आपको दैनिक जीवन में वस्तुओं को उठाने या सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होती है, ताकत की कमी महसूस होती रहती है तो ये प्रोटीन की कमी का कारण हो सकती है।
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बालों की समस्या - फोटो : Adobe stock
त्वचा और नाखून की समस्याएं

बाल, त्वचा और नाखून मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं। अपने आहार में पर्याप्त प्रोटीन के बिना, आपको पतले बाल होने लगते हैं और इनके टूटने का खतरा रहता है। प्रोटीन की कमी के कारण नाखून भंगुर होने और त्वचा के ड्राई और पपड़ीदार होने का भी खतरा बना रहता है। ये स्पष्ट संकेत हैं कि आपके शरीर में स्वस्थ ऊतकों को बनाए रखने के लिए आवश्यक बिल्डिंग ब्लॉक की कमी है। त्वचा और नाखून की समस्याएं प्रोटीन की कमी का कारण हो सकती हैं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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