Symptoms Of Hormonal Imbalance in Females: आज के समय में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) प्रजनन आयु की महिलाओं के बीच एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चिंता बनकर उभरा है। हमारे देश में हर पांच में से एक महिला इस स्थिति से जूझ रही है। यह केवल प्रजनन स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक जटिल 'एंडोक्राइन' यानी हार्मोनल विकार है। पीसीओएस के मामले बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हमारी आधुनिक और निष्क्रिय जीवनशैली है।
जब शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ता है, तो यह अंडाशय को अधिक मात्रा में एण्ड्रोजन (पुरुष हार्मोन) बनाने के लिए उत्तेजित करता है। इसके कारण ओव्यूलेशन की प्रक्रिया बाधित होती है और अंडाशय में छोटी-छोटी गांठें या सिस्ट बनने लगते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक सक्रियता की कमी और बढ़ता मानसिक तनाव इस समस्या को और अधिक ट्रिगर कर रहे हैं। अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों जैसे कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकता है।