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OverThinking: ओवरथिंकिंग दूर करने के लिए डॉक्टर ने बताए ये जरूरी स्टेप्स, आज से ही करें इसका पालन

Mon, 09 Feb 2026 11:01 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How to Stop Overthinking Naturally: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या बन गई ही जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। कई बार ऐसा होता है किसी विषय, समस्या या निर्णय के बारे में जरूरत से ज्यादा, बार-बार और नकारात्मक तरीके से सोचते हैं। आइए इस लेख में इसी को ठीक करने के कुछ उपाय जानते हैं।
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ओवरथिंकिंग - फोटो : Freepik
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में 'ओवरथिंकिंग' या किसी एक विषय पर ही जरूरत से ज्यादा सोचना एक ऐसी मानसिक समस्या बन गई है, जो धीरे-धीरे हमारी कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। नकारात्मक विचारों का साइकल न केवल मानसिक तनाव पैदा करता है, बल्कि यह इनसोम्निया जैसी समस्या कों ट्रिगर करता है। डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके ओवरथिंकिंग को कंट्रोल करने के कुछ उपाय बताएं हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। 

उन्होंने बेहद सरल और प्रभावी '5 स्टेप फॉर्मूला' साझा किया है, जो दिमाग को शांत रखने में मदद कर सकता है। डॉक्टर शालिनी का मानना है कि अगर हम अपने विचारों को नियंत्रित करना सीख लें, तो हम अपने मानसिक विकारों से खुद से ठीक कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने दिमाग के 'कन्फ्यूजन' को 'क्लैरिटी' में बदल सकते हैं और एक सकारात्मक जीवनशैली की शुरुआत कर सकते हैं।
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जर्नलिंग - फोटो : Adobe Stock
विचारों को कागज पर उतारें 
ओवरथिंकिंग कम करने का पहला कदम है अपने विचारों को लिखना शुरू करें। डॉक्टर शालिनी के अनुसार, जब आप मन में चल रहे डर या उलझन को पेपर पर लिख देते हैं, तो 50% दिमाग तुरंत शांत हो जाता है। 

'3 मिनट रूल' अपनाएं
इसके साथ ही '3 मिनट रूल' का पालन करें। यदि कोई समस्या 3 मिनट में हल नहीं हो रही है, तो उसके बारे में सोचना बंद कर दें और उसे भविष्य के लिए टाल दें।

 
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ओवरथिंकिंग - फोटो : Freepik
'ओवरथिंकिंग' का समय खुद से चुने
डॉक्टर ने एक अनोखा तरीका बताया है जिसे टाइम बॉक्सिंग भी कहा जाता है। दिन में सिर्फ 10 मिनट का टाइमर लगाएं और केवल उसी समय में खूब सोचें, बाकी समय दिमाग को मना कर दें। 

सेल्फ कंपैशन प्रैक्टिस
इसके अलावा, 'सेल्फ कंपैशन' यानी खुद के प्रति दयालु बनें। अक्सर हम खुद को कोसते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। इसकी जगह खुद से एक अच्छे दोस्त की तरह बात करें, जो आपकी मानसिक शक्ति को बढ़ाएगा।

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ओवरथिंकिंग - फोटो : Freepik
पॉजिटिव अफर्मेशन्स और ब्रीदिंग का जादू
नकारात्मकता को खत्म करने के लिए पॉजिटिव अफर्मेशन्स (सकारात्मक वाक्यों) का सहारा लें। रोजाना खुद से कहें कि "मैं शांत हूं और सब ठीक है"। इसके साथ ही 10 मिनट का मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग करें। गहरी सांसें लेने से शरीर के स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं और मस्तिष्क को संकेत मिलता है कि अब आराम करने और सोने का समय हो गया है।

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ओवरथिंकिंग - फोटो : Freepik
अभ्यास से मिलेगी मानसिक शांति
डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी का यह 5 स्टेप फॉर्मूला कोई जादुई छड़ी नहीं है, बल्कि एक अभ्यास है। अगर आप इनका नियमित पालन करते हैं, तो धीरे-धीरे दिमाग अनावश्यक विचारों को फिल्टर करना सीख जाएगा। ओवरथिंकिंग को रोककर आप न सिर्फ बेहतर नींद ले पाएंगे, बल्कि अपने काम में भी अधिक एकाग्र हो सकेंगे। 

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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