फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Frozen Shoulder: ऐसा लगता है जैसे जाम हो गए हैं कंधे, हाथ उठाना तक हो गया है मुश्किल? ये फ्रोजन शोल्डर तो नहीं

Sun, 12 Apr 2026 08:51 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आपको भी अक्सर कंधे में दर्द बना रहता है, हाथ ऊपर उठाना भी काफी कठिनाई और दर्दभरा हो गया है? इस तरह के लक्षण फ्रोजन शोल्डर की समस्या का संकेत भी हो सकते हैं। ये समस्या क्यों होती है और इससे कैसे आराम पाया जा सकता है?
विज्ञापन
1 of 5
फ्रोजन शोल्डर की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आप भी कंधों में दर्द से परेशान हैं? इतना दर्द रहता है कि हाथों को ऊपर उठाना, शर्ट पहनना तक मुश्किल हो गया है? इसे सिर्फ सामान्य थकान या दर्द समझकर अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए, ये फ्रोजन शोल्डर समस्या का संकेत हो सकता है।

कंधे या हाथ के जोड़ों में दर्द होना वैसे तो काफी सामान्य स्थिति है। काम के थकान, हल्के फुल्के चोट या फिर गलत तरीके से सोने की वजह से आपको कंधों में इस तरह की दिक्कत हो सकती है। हालांकि अगर दर्द के साथ हाथों की मूवमेंट प्रभावित होने लगे, यानी कि हाथों को हिलाने-डुलाने या सामान्य काम-काज करने में परेशानी होने लगे तो ये फ्रोजन शोल्डर की समस्या का संकेत हो सकता है। इसपर गंभीरता से ध्यान देना और समय रहते इलाज कराना जरूरी हो जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
कंधे में दर्द का कारण - फोटो : Adobe Stock
फ्रोजन शोल्डर के बारे में जान लीजिए

फ्रोजन शोल्डर की समस्या को बेहतर तरीके से समझने के लिए हमने फिजियोथेरेपिस्ट नदीम खान से बातचीत की। डॉ नदीम बताते हैं, अगर आपको कुछ समय से कंधे के जोड़ में अकड़न और दर्द बना हुआ है, ये बढ़ता जा रहा है और दर्द के कारण सामान्य कामकाज में भी दिक्कत होने लगी है तो इसकी जांच जरूर करा लें। ये एडहेसिव कैप्सुलाइटिस की समस्या हो सकती है, जिसे फ्रोजन शोल्डर के नाम से भी जाना जाता है।
 
  • कंधे में अगर मूवमेंट नहीं है या फिर आपका काम ऐसा है जिसमें लंबे समय तक कंधे स्थिर रहते हैं तो इस से फ्रोजन शोल्डर होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • कुछ मामलों में हाथ की हड्डी टूटने या किसी बड़ी सर्जरी के कारण लंबे समय तक बेड रेस्ट के कारण भी लोगों में फ्रोजन शोल्डर की दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
जाम तो नहीं हो गए आपके कंधे? - फोटो : Adobe Stock
फ्रोजन शोल्डर की समस्या होने की वजह क्या है?

डॉक्टर बताते हैं, हमारे कंधों का जोड़ कनेक्टिव टिश्यू से घिरा होता है। जब ये टिश्यू कंधे के जोड़ के चारों ओर मोटा और कड़ा हो जाता है तो इससे कंधे की गतिविधियां कम हो जाती हैं। इससे आपको फ्रोजन शोल्डर होने की समस्या बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक कंधे के स्थिर रहने के कारण ये समस्या हो सकती है। 
 
  • यह समस्या 40 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती है।
  • महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में थोड़ा ज्यादा देखा जाता रहा है। 
  • जिन लोगों को डायबिटीज, थायरॉइड या लंबे समय तक कंधे को स्थिर रखने की जरूरत पड़ी हो, उनमें इसका जोखिम अधिक पाया गया है।

4 of 5
कंधों में दर्द क्यों होता है? - फोटो : Adobe Stock
कैसे जानें कहीं आप भी तो नहीं हो गए हैं शिकार?

कंधे में लगातार दर्द और जकड़न को फ्रोजन शोल्डर समस्या का मुख्य लक्षण माना जाता है। आपको शुरुआत में तो हल्का दर्द महसूस होता है, पर हाथों को घुमाने या ऊपर उठाने पर यह दर्द बढ़ सकता है। अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो कंधे जकड़ने शुरू हो जाते हैं। 
 
  • फ्रोजन शोल्डर की समस्या के कारण  कपड़े पहनना, बाल बनाना, पीछे की जेब से कुछ निकालना या ऊंचाई पर रखी चीज उठाना तक मुश्किल हो जाता है।
  • रात के समय दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है।
  • फ्रोजन शोल्डर की समस्या के कारण दर्द और अकड़न दोनों होती हैं। कंधे की गति 50% तक कम हो सकती है। 

सामान्य दर्द और फ्रोजन शोल्डर में क्या अंतर है?

कंधे में वैसे तो दर्द होना बहुत सामान्य है, ऐसे में सवाल ये उठता है कि सामान्य दर्द और फ्रोजन शोल्डर में क्या अंतर है?

डॉ नदीम बताते हैं, कंधों में जकड़न और कंधे की गति में कमी के साथ दर्द रहना  फ्रोजन शोल्डर की पहचान है। जबकि सामान्य तौर पर कंधे के दर्द  में आमतौर कंधों की गति में कोई कमी नहीं आती है। फ्रोजन शोल्डर के कारण आराम करते समय या काम के दौरान दोनों ही स्थितियो में कंधे की गति बहुत कम हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कंधों में दर्द की वजह - फोटो : Freepik.com
फ्रोजन शोल्डर हो जाए तो क्या करें?

अगर आपको भी कंधों से संबंधित इस तरह की दिक्कतें लंबे समय से बनी हुई हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें। अगर आपको फ्रोजन शोल्डर की समस्या है तो डॉक्टर दर्द कम करने, सूजन घटाने और कंधे की मूवमेंट को ठीक करने के लिए दवा और थेरेपी की सलाह दे सकते हैं। आमतौर पर मरीजों में कुछ महीनों में आराम मिल जाता है, हालांकि कंधों की गति को ठीक बनाए रखने के लिए निरंतर व्यायाम और थेरेपी की जरूरत होती है।

अगर आप इस तरह की समस्या से बचे रहना चाहते हैं तो लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहें, नियमित व्यायाम जरूर करें। कंप्यूटर या डेस्क जॉब करने वालों को पोश्चर सही रखना चाहिए।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें