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Joint Pain: कम उम्र के लोगों में भी क्यों बढ़ रहा है ज्वाइंट पेन की बीमारी, जानें क्या कहते हैं शोध

Sun, 05 Oct 2025 08:05 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Joint Pain at a Young Age:आज के समय में खराब दिनचर्या और खानपान की वजह से कम उम्र में ही जोड़ों में दर्द होना आम हो गया है। बहुत से युवा लोग भी इस समस्या से परेशान हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कम उम्र के जोड़ों का दर्द - फोटो : Adobe Stock
Causes of Joint Pain in Young People: जोड़ों का दर्द जिसे अक्सर बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, अब कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रहा है। आज 25 से 40 साल की उम्र के युवा भी इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। एक स्टडी के मुताबिक लाइफस्टाइल से जुड़ी ये बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवा वर्ग को भी अपनी चपेट में ले रही है। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है हमारा बदलता खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और दिनचर्या में आया बदलाव।

लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना, खराब पोस्चर में बैठना और अत्यधिक तनाव लेना भी जोड़ों के दर्द का एक बड़ा कारण बन गया है। पहले यह माना जाता था कि यह समस्या हड्डियों के कमजोर होने या कार्टिलेज के घिसने से होती है, लेकिन अब शोध यह भी बताते हैं कि पोषण की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली इसमें अहम भूमिका निभाती है।

इस समस्या को गंभीरता से लेना इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर इसे शुरुआती चरण में नजरअंदाज किया जाए तो यह गठिया (आर्थराइटिस) जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है, जिससे व्यक्ति का जीवन काफी प्रभावित हो सकता है। इसलिए आइए जानते हैं कि युवाओं में ज्वाइंट पेन की समस्या क्यों बढ़ती जा रही है।
 
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कम उम्र में घुटने का दर्द - फोटो : Adobe Stock
बढ़ता मोटापा और गलत पोस्चर
कम उम्र में जोड़ों का दर्द मोटापा का एक बड़ा कारण है। शरीर का अधिक वजन घुटनों, कूल्हों और टखनों पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे कार्टिलेज तेजी से घिसने लगता है। इसके अलावा घंटों तक गलत पोस्चर में बैठकर काम करना भी गर्दन, पीठ और कंधों के जोड़ों में दर्द का कारण बनता है।

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कम उम्र के जोड़ों का दर्द - फोटो : Adobe Stock
पोषण की कमी और कमजोर हड्डियां
आज के दौर में फास्ट फूड और जंक फूड का चलन तेजी से बढ़ा है, जिससे शरीर में कैल्शियम, विटामिन डी और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी हो रही है। विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जबकि कैल्शियम की कमी से हड्डियों का घनत्व (बोन डेंसिटी) कम हो जाता है, जिससे जोड़ों में दर्द और अकड़न महसूस होती है।

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युवाओं में घुटने का दर्द - फोटो : Adobe Stock
शारीरिक निष्क्रियता और अत्यधिक तनाव
हमारी आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो गई है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना जोड़ों को कठोर बनाता है और उनमें लचीलेपन की कमी आती है। दूसरी तरफ तनाव भी जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकता है। तनाव से शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ती है, जो जोड़ों के दर्द का एक प्रमुख कारण है।
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जोड़ों के दर्द के लिए बचाव के लिए क्या बदलाव जरूरी है? - फोटो : Adobe Stock
बचाव के लिए क्या केरें?
इस समस्या से बचने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की जरूरत है। सबसे पहले वजन को नियंत्रित रखें। नियमित व्यायाम करें, जिसमें योग, स्ट्रेचिंग और पैदल चलना शामिल हो। अपने आहार में कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल करें। साथ ही सही पोस्चर में बैठें और काम के बीच में ब्रेक लेना न भूलें।

स्रोत और संदर्भ
Osteoarthritis in Young

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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