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World Heart Day 2024: वर्कआउट के दौरान बढ़ गए हैं हार्ट अटैक के मामले, ऐसे लक्षणों को बिल्कुल न करें अनदेखा

Sun, 29 Sep 2024 12:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जिम में व्यायाम - फोटो : Freepik.com
नियमित व्यायाम, जिम और वर्कआउट को शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी उपायों में से एक माना जाता है। जिम में हो या किसी और तरह से शारीरिक व्यायाम, रक्त के संचार को ठीक रखने, इम्युनिटी को बढ़ाने और गंभीर क्रोनिक रोगों से बचाने वाले माने जाते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में जिम के दौरान हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के कारण कई लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं। आपने भी ऐसी खबरें जरूर सुनी या देखी होंगी।

सोशल मीडिया पर जिम के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत के तमाम वीडियो घूम रहे हैं। हालांकि सवाल ये है कि जब शारीरिक व्यायाम को हृदय को स्वस्थ रखने वाला माना जाता है तो इसी के कारण  हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? ऐसे में क्या जिम नहीं जाना चाहिए? आइए इस बारे में वरिष्ठ कार्डियोलॉजी से समझते हैं।
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युवाओं में हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : Istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से एक बातचीत में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एस. के तिवारी ने बताया कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामलों के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। जिम में तीव्र स्तर की शारीरिक गतिविधि आपके रक्तचाप को तेजी से बढ़ा देती है जिससे हृदय प्रणाली पर अचानक तनाव बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रॉल या कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी कोई बीमारी है, उनमें इसका खतरा अधिक हो सकता है।

अपने जोखिमों को करने के लिए व्यायाम के दौरान कुछ बातों और शारीरिक संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देना बहुत जरूरी हो जाता है।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : istock
सीने में दर्द तो नहीं?

हृदय से संबंधित अधिकतर समस्याओं में सीने में तकलीफ होना सबसे आम लक्षण माना जाता है। व्यायाम के दौरान यदि आपको कभी भी सीन में  भारीपन, जकड़न या दर्द जैसी अनुभूति होती है तो तुरंत व्यायाम रोक दें और शरीर को आराम दें। हार्ट अटैक की स्थिति में ये ध्यान दिया जाना चाहिए कि सीने का दर्द हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है। इस तरह की तकलीफ हो तो तुरंत किसी डॉक्टर की सलाह लें। 

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सांस की तकलीफ - फोटो : istock
सांस फूलने की समस्या हो सकती है गंभीर

व्यायाम के दौरान सांस फूलना सामान्य है हालांकि अगर ये बहुत अधिक या परेशान करने जैसा लग रहा है, ऐसा लग रहा है कि जैसे सांस लेने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ रही है तो इसे खतरे की घंटी माना जा सकता है। अगर आपको कसरत के दौरान सांस लेने में परेशानी, घरघराहट जैसा महसूस हो तो यह किसी अंतर्निहित हृदय समस्या का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में तुरंत व्यायाम बंद कर दें और जिम से बाहर खुली हवा में सांस लें। जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से इस बारे में सलाह लें। 
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सीपीआर से बच सकती है जान - फोटो : freepik.com
इन संकेतों पर भी दें ध्यान

व्यायाम के दौरान या बाद में चक्कर आना, सिर घूमना, बेहोशी जैसी दिक्कत लग रही है तो ये भी हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको ये लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत व्यायाम करना बंद कर दें और किसी साथी की मदद से डॉक्टर के पास जाएं। बिना डॉक्टर की सलाह के इन सब लक्षणों में व्यायाम करने से बचना चाहिए।

यदि जिम में किसी को हार्ट अटैक आ जाए तो बिना समय गंवाए उसे सीपीआर दें और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा के लिए ले जाएं।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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