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Sleep Importance: नींद के दौरान शरीर के भीतर क्या-क्या होता है? जानिए बॉडी का सीक्रेट सिस्टम

Sun, 10 May 2026 08:21 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Need Kyu Jaruri Hai: स्वस्थ वयस्क को रोजाना 7-9 घंटे की नींद की जरूरत होती है। नींद के दौरान दिमाग यादों को व्यवस्थित करता है, शरीर खराब कोशिकाओं की मरम्मत करता है, हार्मोन संतुलित होते हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।
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अच्छी नींद सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Amarujala.com/AI
अच्छी नींद सेहत के लिए बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों के लिए रात में निर्बाध नींद लेना बहुत जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि अच्छी और गहरी नींद शरीर के लिए उतनी ही जरूरी है जितना भोजन और पानी। जब हम सोते हैं, तब शरीर के अंदर कई महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाएं होती हैं। यही प्रक्रियाएं शरीर को अगले दिन के लिए तैयार करती हैं।

अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों को रोजाना 7-9 घंटे की नींद की जरूरत होती है। नींद के दौरान दिमाग यादों को व्यवस्थित करता है, शरीर खराब कोशिकाओं की मरम्मत करता है और हार्मोन संतुलित होते हैं। 

नींद पूरी न होने से मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज से लेकर मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि नींद के दौरान शरीर में क्या-क्या हो रहा होता है?
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अच्छी नींद लेना जरूरी - फोटो : Adobe stock
अच्छी नींद बहुत जरूरी

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नींद असल में शरीर की रीसेट प्रक्रिया है। जब हम अच्छी नींद लेकर उठते हैं, तब शरीर में ऊर्जा स्तर बेहतर होता है, दिल अधिक स्थिर तरीके से काम करता है और मेटाबॉलिज्म संतुलित रहता है। नींद की कमी शरीर में सूजन बढ़ा सकती है, जिससे लंबे समय में कई क्रॉनिक बीमारियां हो सकती हैं।

आइए जानते हैं कि नींद के बाद शरीर के भीतर कौन-कौन सी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं होती हैं और वे हमारी सेहत के लिए क्यों जरूरी हैं।
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ब्रेन के लिए जरूरी है अच्छी नींद - फोटो : adobe stock images
ब्रेन होता है रिसेट

नींद के दौरान दिमाग खुद को रिसेट करता है। सोते समय दिमाग का ग्लिम्फैटिक सिस्टम सक्रिय होता है, जो दिनभर जमा हुए टॉक्सिन्स और वेस्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। 
 
  • इसमें बीटा-अमाइलॉइड जैसे हानिकारक प्रोटीन भी शामिल हैं, जिनका संबंध अल्जाइमर जैसी बीमारियों से माना जाता है।
  • हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिसर्च के अनुसार, गहरी नींद के दौरान दिमाग नई जानकारियों को प्रोसेस करता है और जरूरी यादों को लंबे समय के लिए स्टोर करता है। 
  • अच्छी नींद लेने वाले लोगों की याददाश्त और सीखने की क्षमता बेहतर होती है। 

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नींद के दौरान शरीर होता है रिपेयर - फोटो : Adobe Stock Images
शरीर होता है रिपेयर

सोने के दौरान मस्तिष्क के साथ-साथ हमारा शरीर भी खुद को रिपेयर करता है।
 
  • नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, नींद के दौरान शरीर क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करता है और नई कोशिकाओं का निर्माण तेज हो जाता है। 
  • नींद के दौरान मांसपेशियों में प्रोटीन सिंथेसिस बढ़ता है। यह प्रक्रिया शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती है। 
  • नींद कम  लेने से शरीर में थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द की दिक्कत बनी रहती है।
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मेटाबॉलिज्म पर असर - फोटो : Freepik.com
हार्मोन और मेटाबॉलिज्म के लिए भी नींद जरूरी

नींद शरीर के हार्मोन सिस्टम को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 
 
  • जब हम पर्याप्त नींद लेते हैं, तब शरीर भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन जैसे घ्रेलिन और लेप्टिन को संतुलित रखता है। 
  • नींद पूरी न होने से घ्रेलिन बढ़ जाता है, जिससे भूख ज्यादा लगती है, जिससे पेट भरा होने का संकेत नहीं मिल पाता।
  • नींद की कमी ओवरईटिंग और मोटापे के खतरे को भी बढ़ा सकती है।
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इम्युनिटी कैसे मजबूत करें? - फोटो : Adobe stock photos
इम्यून सिस्टम के लिए भी जरूरी

अच्छी नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए भी जरूरी है। 
 
  • जब हम सोते हैं, तब शरीर साइटोकाइन्स नामक प्रोटीन बनाता है, जो संक्रमण और सूजन से लड़ने में मदद करते हैं। 
  • पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों में उनमें सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है।
  • नींद की कमी शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की कार्यक्षमता को कम कर सकती है, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर पड़ सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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