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Weight Loss: घंटों जिम और डाइटिंग के बाद भी नहीं घट रहा वजन? वजह हो सकती हैं ये आम गलतियां

Sun, 10 May 2026 07:04 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अधिकतर लोग वजन कम करने के लिए जल्दबाजी में ऐसे तरीके अपनाने लगते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। कोई खाना लगभग बंद कर देता है, कोई घंटों एक्सरसाइज करता है। इससे क्या वास्तव में फायदा होता है?
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वेट लॉस न होने के कारण - फोटो : Amarujala.com/AI
वजन बढ़ना मौजूदा समय की सबसे चिंताजनक समस्याओं में से एक है। ये अपने साथ कई तरह की बीमारियां  भी लेकर आता है। जिस तरह से बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग मोटापे का शिकार होते जा रहे हैं, इसने सेहत को लेकर मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

विशेषज्ञ कहते हैं, खराब लाइफस्टाइल, दिनभर बैठकर काम करते रहना, जंक फूड्स की आदत और शारीरिक गतिविधियों में कमी ने लोगों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। क्या आप भी मोटापे की समस्या से परेशान हैं?

वजन कम करने के लिए कोई खाना लगभग बंद कर देता है तो कोई घंटों एक्सरसाइज करता है पर क्या वास्तव में इससे लाभ मिलता है? विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ तरीके से वजन कम करने का मतलब केवल कम खाना नहीं बल्कि संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और लंबे समय तक टिकने वाली आदतों को अपनाना है।
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मोटापे का खतरा - फोटो : Adobe Stock
वेट लॉस के दौरान क्या गलतियां न करें?

अध्ययनों से पता चलता है कि क्रैश डाइटिंग से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है, जिससे बाद में वजन और तेजी से बढ़ने लगता है। वहीं जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने से शरीर में थकान, चोट का खतरा हो सकता है। वजन घटाने के दौरान सही पोषण लेना भी असल में बहुत जरूरी है।

आइए जानते हैं कि वेट लॉस के लिए अक्सर लोग कौन सी गलतियां करते हैं जिससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है?
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
खाना छोड़ना ठीक नहीं

अक्सर लोग सोचते हैं कि खाना छोड़ देने से वजन तेजी से कम हो जाएगा, लेकिन असल में ये तरीका शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। 
 
  • क्रैश डाइटिंग में लोग जरूरत से बहुत कम कैलोरी लेते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। 
  • जब आप खाना कम कर देते हैं तो शरीर स्टार्वेशन मोड में चला जाता है और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। 
  •  क्रैश डाइटिंग करने वाले लोगों में कमजोरी, चक्कर आने, बाल झड़ने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

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वेट लॉस के लिए व्यायाम - फोटो : Adobe Stock photo
बहुत ज्यादा व्यायाम भी खतरनाक

क्या वास्तव में घंटों जिम में पसीना बहाने से वजन कम होता है? विशेषज्ञ कहते हैं, वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज जरूरी है पर डाइट और लाइफस्टाइल की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना भी नुकसान पहुंचा सकता है। 
 
  • इससे मांसपेशियों में चोट, थकान और शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ सकता है। 
  • कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने पर तनाव और फैट स्टोरेज की समस्या बढ़ सकती है। 
  • शरीर को बिना आराम दिए लगातार हैवी एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों की रिकवरी नहीं हो पाती।
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शरीर के लिए अच्छा पोषण जरूरी - फोटो : Freepik.com
सिर्फ कैलोरी ही कम करने से नहीं चलेगा काम

वजन कम करने के दौरान अक्सर लोग लो कैलोरी पर जोर देते हैं लेकिन पोषण पर ध्यान नहीं देते। यह गलती शरीर को कमजोर बना सकती है। 
 
  • प्रोटीन की कमी होना वेट लॉस के दौरान बड़ी समस्या है।
  • प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है। जब लोग पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेते तो वजन घटने के साथ मांसपेशियां भी कम होने लगती हैं।
  • हेल्दी वेट लॉस के लिए दाल, पनीर, अंडे, दही, नट्स और हरी सब्जियों जैसी चीजों को डाइट में शामिल करना जरूरी है।
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नींद की कमी के क्या खतरे हैं? - फोटो : Freepik.com
वेट लॉस के लिए नींद भी जरूरी

वेट लॉस के दौरान डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देने के साथ अच्छी नींद और तनाव को कंट्रोल करना भी जरूरी है। 
 
  • खराब नींद और ज्यादा तनाव वजन बढ़ने का बड़ा कारण बन सकते हैं।
  • जब शरीर को पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं। इससे ज्यादा भूख लग सकती है और कैलोरी इंटेक बढ़ सकती है।
  • तनाव की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है। इससे पेट के आसपास चर्बी जमा होने लगती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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