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WHO: फाइबर वाली चीजें सिर्फ डायबिटीज ही नहीं कैंसर से भी कर सकती हैं बचाव, क्या आपके आहार में है फाइबर?

Mon, 24 Feb 2025 07:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों के  अनुसार, पुरुषों को प्रतिदिन 30-40 ग्राम और महिलाओं को प्रतिदिन 25-30 ग्राम फाइबर जरूर लेना चाहिए। पाचन तंत्र, हृदय, डायबिटीज नियंत्रण और कैंसर से बचाव में भी फाइबर वाली चीजें लाभप्रद हो सकती हैं। 
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फाइबर वाली चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
शरीर को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से बचे रहने के लिए आहार में सुधार करना सबसे आवश्यक माना जाता है। आहार विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम सभी सिर्फ अपने खान-पान को ही ठीक कर लें तो इससे कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

कई अध्ययन बताते हैं कि सभी लोगों को आहार में प्रोटीन-विटामिन्स के साथ फाइबर वाली चीजों की मात्रा बढ़ा लेनी चाहिए। शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने से लेकर कई प्रकार के कैंसर से बचाव में भी फाइबर को लाभकारी बताया गया है।

फाइबर वाली चीजों को विशेषरूप से पाचन में मदद करने वाला माना जाता रहा है, इससे कब्ज दूर होती है। फाइबर आपकी आंत में गुड बैक्टीरिया को पोषण देता है जो भोजन का पाचन आसान बनाते हैं और गैस-कब्ज की दिक्कत दूरी होती है। प्लांट बेस्ड डाइट फाइबर का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। अपनी डाइट में फाइबर वाली चीजों को जरूर शामिल करें।
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आहार में बढ़ाइए फाइबर की मात्रा - फोटो : Freepik.com
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों को प्रतिदिन 30-40 ग्राम और महिलाओं को प्रतिदिन 25-30 ग्राम फाइबर जरूर लेनी चाहिए। पाचन तंत्र, हृदय, डायबिटीज नियंत्रण और कैंसर से बचाव में भी फाइबर वाली चीजें लाभप्रद हो सकती हैं। संतुलित मात्रा में और प्राकृतिक आहार के माध्यम से फाइबर की पूर्ति करना समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

आइए फाइबर वाली चीजों से होने वाले फायदे जानते हैं।
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दूर होती है कब्ज की समस्या - फोटो : Freepik.com
पाचन ठीक रखना है तो जरूर करें फाइबर वाली चीजों का सेवन

आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करना मल को नरम बनाता है जिससे कब्ज-अपच की दिक्कत दूर होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बृहदान्त्र (कोलन) में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देकर आंतों को स्वस्थ रखने, एसिडिटी-गैस जैसी समस्याओं से बचाव के लिए फाइबर किसी दवा जितना ही फायदेमंद है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपका पाचन ठीक है तो ये संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में फायदेमंद हो सकता है।

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डायबिटीज कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : Freepik.com
शुगर-कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने में मददगार

शोधकर्ताओं ने बताया कि घुलनशील फाइबर ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है। अध्ययनों के अनुसार, उच्च फाइबर वाले आहार लेने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। फाइबर आपके पाचन को धीमा करके शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। डायबिटीज रोगियों में हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है, फाइबर वाली चीजें इसमें भी आपके लिए लाभकारी हैं।

घुलनशील फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढाता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा 30% तक कम हो सकता है। 
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फाइबर से भरपूर चीजें खाने के क्या फायदे हैं? - फोटो : Freepik.com
फाइबर के इन फायदों को भी जानिए

वेट लॉस में सहायक
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे अधिक खाने की इच्छा नहीं होती है। फाइबर धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिसके परिणामस्वरूप आप आसानी से वेट लॉस कर सकते हैं।

कैंसर से बचाव में सहायक
शोध बताते हैं कि आहार में हाई फाइबर वाली चीजें होने से कोलन (आंत) कैंसर का खतरा कम होता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं। 

त्वचा रहती है हेल्दी
फाइबर आपकी आंतों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, जो कोलेजन उत्पादन और स्किन सेल्स की मरम्मत करने वाले पोषक तत्वों को अवशोषित करने में सहायक है। फाइबर वाली चीजों के सेवन से त्वचा स्वस्थ बनी रहती है।



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स्रोत और संदर्भ
Dietary Fiber Is Beneficial for the Prevention of Cardiovascular Disease: An Umbrella Review of Meta-analyses


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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