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जानना जरूरी: रोज जिम जाते हैं, तो क्या फिर भी ऑफिस में ज्यादा देर बैठने से हो सकता है नुकसान?

Fri, 09 Oct 2026 07:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Prolonged Sitting: नियमित व्यायाम के बावजूद लंबे समय तक बैठे रहने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे मांसपेशियों की गतिविधि कम होती है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने पर असर हो सकता है। सप्ताह में पर्याप्त व्यायाम के साथ ऑफिस में काम के दौरान बीच-बीच में उठकर चलना जरूरी है।
 
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ज्यादा बैठे रहने से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को डाइट और लाइफस्टाइल दोनों को ठीक रखने की सलाह देते हैं। पौष्टिक आहार लेने के साथ-साथ नियमित रूप से व्यायाम और शरीर को एक्टिव रखना भी बहुत जरूरी माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सुबह आधे घंटे टहलना, शाम को व्यायाम करना या नियमित रूप से जिम जाना सेहत के लिए फायदेमंद है। लेकिन अगर आप दिन का बाकी समय कुर्सी पर बैठकर काम करते-करते बिता देते हैं तो इससे सारी मेहनत के फायदों पर पानी फिर सकता है।

मसलन अच्छी सेहत के लिए सिर्फ रोज एक घंटे जिम जाना काफी नहीं है, बल्कि आपको पूरे दिन शरीर को एक्टिव रखने पर ध्यान देना चाहिए। ज्यादा देर तक बैठे रहना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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ज्यादा बैठे रहने के खतरे - फोटो : Freepik.com
व्यायाम के दौरान शरीर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, कैलोरी बर्न होता है और दिल की धड़कन तेज होती है। इसके उलट, लगातार बैठे रहने पर शरीर की गतिविधि कम हो जाती है।  इतना ही नहीं दिनभर बैठे रहने से भोजन के बाद खून में शुगर को नियंत्रित रखने और मांसपेशियों को सक्रिय रखने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।


व्यायाम करने के बाद भी लंबे समय तक बैठना नुकसानदेह

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150  मिनट की मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करने पर ध्यान देना चाहिए। आप जिम नहीं जा सकते तो तेज वॉक, साइकिलिंग और तैरकी भी आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम करने का भी लक्ष्य रखना चाहिए।
 
  • यहां ध्यान देना जरूरी है कि व्यायाम करने का मतलब यह नहीं है कि बाकी समय निष्क्रिय रहने का कोई असर नहीं पड़ेगा। 
  • अगर आप सुबह 30 मिनट व्यायाम करते हैं, लेकिन फिर आठ से दस घंटे लगातार बैठकर काम करते हैं, तो इससे दिनभर की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Adobe Stock
लंबे समय तक बैठे रहने को अध्ययनों में  हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और समय से पहले मृत्यु खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया है। 

मांसपेशियों और ब्लड शुगर पर असर

जब वॉक करते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं या कोई शारीरिक काम करते हैं तो इससे मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और कैलोरी बर्न होता है। जबकि लंबे समय तक बैठे रहने पर पैरों और शरीर की दूसरी मांसपेशियों की गतिविधि कम हो जाती है।
 
  • मांसपेशियां खून से ग्लूकोज लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शारीरिक गतिविधि के दौरान मांसपेशियों में ग्लूकोज का इस्तेमाल बढ़ता है। इसलिए लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से भोजन के बाद ब्लड शुगर को नियंत्रण रखना मुश्किल हो सकता है।
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ऑफिस में दिनभर बैठे रहने के खतरे - फोटो : Freepik.com
ऑफिस में काम करते हैं तो क्या करें?

अगर आपका काम ऐसा है जिसमें कई घंटे बैठना पड़ता है, तो हर 30 से 40 मिनट में सीट से उठकर कुछ देर चलना फायदेमंद  हो सकता है। आप पानी लेने के लिए खुद जाएं, कुछ मिनट वॉक करें और हल्की गतिविधि कर सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि लंबे समय तक बैठने के बीच छोटे-छोटे अंतराल लेने से भोजन के बाद ब्लड शुगर और इंसुलिन की प्रतिक्रिया बेहतर हो सकती है। 


दिनभर शरीर को एक्टिव रखने के लिए क्या करें?
 
  • शरीर को दिनभर एक्टिव रखने के लिए आप छोटे-छोटे उपाय कर सकते हैं। 
  • सुबह या शाम नियमित व्यायाम के लिए समय निकालें।
  • काम के दौरान बीच-बीच में उठें और थोड़ी देर चलें।
  • लंबे समय तक बैठकर काम करते समय गर्दन, कंधों और पैरों की स्ट्रेचिंग करें।
  • छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की आदत बनाएं।
  • लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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