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Cancer & Hair Loss: कैंसर के इलाज के दौरान क्यों उड़ जाते हैं बाल? विशेषज्ञों ने खोज लिया इससे बचाव का तरीका

Sun, 04 May 2025 09:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैंसर का इलाज करा रहे लोगों की शिकायत रहती है कि उनके बाल चले जाते हैं। विशेषकर कीमोथेरेपी ले रहे लोगों में बाल झड़ने की दिक्कत अधिक देखी जाती है। पर अब इसको लेकर टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, वैज्ञानिकों की टीम ने इसका भी कारगर तरीका ढूंढ निकाला है।
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कैंसर के इलाज के दौरान बाल झड़ने की समस्या - फोटो : Freepik.com
कैंसर वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। हर साल लाखों लोगों की इससे मौत हो जाती है। मेडिकल क्षेत्र में क्रांति, नवाचार और प्रभावी दवाओं ने कैंसर के इलाज को अब काफी आसान बना दिया है। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी जैसे प्रभावशाली उपचारों के माध्यम से कैंसर को शरीर में बढ़ने से  रोकना आसान हो गया है। 

हालांकि कैंसर का इलाज करा रहे लोगों की शिकायत रहती है कि उनके बाल चले जाते हैं। विशेषकर कीमोथेरेपी ले रहे लोगों में बाल झड़ने की दिक्कत अधिक देखी जाती है।

पर अब इसको लेकर टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, वैज्ञानिकों की टीम ने इसका भी कारगर तरीका ढूंढ निकाला है।
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बालों के झड़ने की समस्या - फोटो : Freepik.com
पहले जान लीजिए कि इलाज के दौरान बाल क्यों झड़ते हैं?

कैंसर के उपचार, मुख्यरूप से कीमोथेरेपी के दौरान बाल झड़ना आम है। ये कीमोथेरेपी दवा के द्वारा तेजी से विभाजित होने वाली कोशिकाओं को लक्षित करने के कारण होता है, जिसमें बालों के रोम भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। रेडिएशन चिकित्सा भी बाल झड़ने का कारण बन सकती है।

कीमोथेरेपी की सभी दवाएं बाल झड़ने का कारण नहीं बनती हैं और बालों के झड़ने की मात्रा व्यक्तियों में अलग-अलग होती है। अब इस समस्या को कम करने के लिए वैज्ञानिकों की टीम एक कारगर तरीका ढूंढा है।
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कैंसर का इलाज-कीमोथेरेपी - फोटो : Freepik.com
'स्कैल्प कूलिंग थेरेपी' से बालों का झड़ना रुकेगा

विशेषज्ञों की एक टीम ने अस्पताल में कैंसर रोगियों में कीमोथेरेपी के दौरान बालों झड़ने को कम करने स्कैल्प कूलिंग थेरेपी शुरू की है। डॉक्टरों ने कहा कि इससे रोगियों के मनोवैज्ञानिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। अमेरिका और यूरोप के कई केंद्रों में किए गए परीक्षणों से पता चला है कि कोल्ड कैपिंग थेरेपी के इस्तेमाल से 70 प्रतिशत तक बालों के झड़ने को रोका जा सकता है। 

दिल्ली के अमेरिक्स कैंसर अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के प्रमुख डॉ. आशीष गुप्ता ने कहा, बालों का झड़ना लंबे समय से कीमोथेरेपी के सबसे अधिक दिखाई देने वाले और परेशान करने वाले दुष्प्रभावों में से एक रहा है। ये अक्सर रोगी के आत्मविश्वास और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर देता है।

कोल्ड कैपिंग थेरेपी रोगियों के उपचार के दौरान बालों को होने वाले नुकसान से बचाए रखती है, जिससे कैंसर के निदान के साथ आने वाले मनोवैज्ञानिक बोझ को कम किया जा सकता है।
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कैंसर का इलाज - फोटो : Adobe Stock
कैसे काम करती है ये थेरेपी?

इस थेरेपी में कीमोथेरेपी सेशन से पहले, उसके दौरान और बाद में विशेष रूप से डिजाइन किए गए सिलिकॉन कैप को पहनना होता है। ये खोपड़ी में रक्त के प्रवाह को कम करती है, जिससे बालों के रोमों पर कीमोथेरेपी दवाओं का प्रभाव भी कम होता है। इस प्रकार बालों को झड़ने से रोका जा सकता है।

डॉ गुप्ता ने कहा कि हालांकि यह बालों को पूरी तरह से झड़ने से बचाने की गारंटी नहीं देता है, लेकिन नैदानिक साक्ष्य बताते हैं कि यह कई रोगियों में बालों के झड़ने को 70 प्रतिशत तक कम करता है।

डॉक्टर ने कहा कि कीमोथेरेपी से बालों का झड़ना केवल कॉस्मेटिक नहीं है, यह रोगी की पहचान और आत्मविश्वास की भावना को गहराई से प्रभावित करता है। अमेरिका और यूरोप में 6,000 से अधिक केंद्र अपने उपचार के हिस्से के रूप में स्कैल्प कूलिंग का उपयोग करते हैं।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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