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जानना जरूरी: हर सुबह उठते ही होता है सिरदर्द? ये तकिया की गड़बड़ी है या किसी गंभीर बीमारी का संकेत

Sun, 30 Aug 2026 09:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुबह उठते ही सिरदर्द केवल तकिए या गलत सोने की मुद्रा की वजह से नहीं होता। नींद की कमी, पानी की कमी और स्लीप एपनिया भी कारण हो सकते हैं। बार-बार होने वाले सिरदर्द को नजरअंदाज न करें और साथ दिखने वाले दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान दें।
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या रोज सुबह उठते ही आपके सिर में भी तेज दर्द होता है? सुबह आंख खुलते ही सिर भारी-भारी लगता है? सिर में होने वाले दर्द की इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।

सुबह सिर और गर्दन में होने वाले दर्द की समस्या में ज्यादातर लोगों का ध्यान सबसे पहले तकिए पर जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी कहते हैं, अगर आपका तकिया सही नहीं है, गर्दन गलत तरीके से मुड़ी रहती है तो इससे गर्दन और सिर दोनों में दर्द हो सकता है। लेकिन हर सुबह होने वाला सिरदर्द सिर्फ तकिए की वजह से हो ये जरूरी नहीं है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सुबह होने वाले सिरदर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। नींद पूरी न होना, रात में बार-बार नींद टूटना, डिहाइड्रेशन और माइग्रेन जैसे कारण सिर में दर्द की समस्या को बढ़ा देते हैं। पर आपका दर्द किस कारण से है ये कैसे पता किया जाए?
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तकिया के कारण होने वाला दर्द - फोटो : Amarujala.com/AI
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो कभी-कभार सुबह सिरदर्द होना आम समस्या हो सकती है और जरूरी नहीं कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो। लेकिन अगर यह दिक्कत बार-बार हो रही है और समय के साथ बढ़ रही है तो इसके कारण का पता करना जरूरी है। बार-बार होने वाले सिरदर्द में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।


 तकिया और सोने का तरीका तो गलत नहीं?

अगर सुबह उठने पर सिरदर्द के साथ गर्दन में खिंचाव, कंधों में जकड़न या ऊपरी पीठ में दर्द रहता है तो ज्यादातर मामलों में ये सोने के तरीके और तकिए की दिक्कत हो सकती है। 
 
  • लंबे समय तक गर्दन के गलत स्थिति में रहने से गर्दन की मांसपेशियों में तनाव पैदा होता है और इससे गर्दन के साथ सिरदर्द भी बढ़ सकता है। 
  • हमेशा तकिया ऐसा होना चाहिए जिससे सोते समय गर्दन शरीर के बाकी हिस्से के साथ सहज स्थिति में रहे।
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नींद न पूरी होने की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
नींद पूरी न होने पर भी होता है दर्द

रात में बार-बार नींद टूटना, अनिद्रा या नींद ठीक से न आना सिरदर्द की समस्या को बढ़ा सकता है। नींद की समस्या और सिरदर्द एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
 
  • अगर सुबह सिरदर्द के साथ दिनभर थकान, नींद आने और काम में मन न लगने की दिक्कत रहती है तो ये नींद की समस्या का संकेत हो सकता है। 
  • रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाने और पर्याप्त नींद लेने से कई बार सिर के दर्द को कम किया जा सकता है।

स्लीप एपनिया वालों में दिक्कत

अगर आप रात में तेज खर्राटे लेते हैं, सोते समय सांस रुक जाती है और हांफकर उठते हैं तो ये स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है।

इसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती या कम होती है, जिससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। स्लीप एपनिया से जुड़े सिरदर्द में अक्सर दोनों तरफ दबाव जैसा दर्द हो सकता है और यह जागने के समय महसूस होता है। समय पर इसकी जांच और इलाज जरूर कराएं। स्लीप एपनिया शरीर में कई और समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। 
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com
इन कारणों पर भी दें ध्यान
 
  • रातभर पानी न पीने से सुबह शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इससे सिरदर्द होने का खतरा रहता है।
  • इसके अलावा कुछ लोग सोते समय अनजाने में दांत पीसते या जबड़े को कसकर रखते हैं। इससे सुबह सिरदर्द के साथ जबड़े में दर्द या जकड़न महसूस हो सकती है।
  • कुछ लोगों को सुबह के समय माइग्रेन हो सकता है। इसमें सिरदर्द के साथ मतली, रोशनी या आवाज से परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
  • अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, लगातार बढ़ रहा है या सामान्य से अलग महसूस हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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