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Wisdom Teeth: क्या वास्तव में यह अक्ल आने का संकेत है? जानिए सबसे आखिर में क्यों आती है 'अक्ल की दाढ़'

Sat, 03 Jun 2023 03:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अक्ल दाढ़ आने में होने वाला दर्द - फोटो : Pixabay
इंसानों के मुंह में 32 दांतों का सेट होता है। वयस्कावस्था तक अधिकतर लोगों में 28 दांत विकसित हो जाते हैं। लगभग 17 से 21 साल की उम्र में जबड़ों को ऊपर और नीचे की ओर दो-दो नए दांत आते हैं, जिन्हें विसडम टीथ कहा जाता है। माना जाता है कि ये दांत इंसानों में अक्ल आने का संकेत होते हैं। पर क्या वास्तव में ऐसा है?

दंत रोग विशेषज्ञ कहते हैं, विसडम टीथ का अक्ल आने से कोई संबंध नहीं है, हो सकता है इसे अक्ल का दांत इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये दांत आमतौर पर तब आते हैं जब आप बड़े हो जाते हैं। हालांकि यह भी जरूरी नहीं है कि सभी को ये दांत आएं ही। अध्ययन में पाया गया कि लगभग 53% आबादी में केवल एक ही दांत आ पाता है, कुछ लोगों में यह भी नहीं आता है। इसे अक्ल आने से जोड़कर देखने का कोई लॉजिक नहीं है।

आइए विसडम टीथ के बारे में समझते हैं।
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विसडम टीथ आने का कारण - फोटो : iStock
विसडम टीथ क्यों आते हैं?

शोधकर्ता बताते हैं, जन्म के समय ही इंसानों में सभी 32 दांतों की संरचना हो जाती है, ये खोपड़ी में ऊपर की ओर होते हैं। सबसे पहले बच्चों में 20 दांतों का एक सेट आता है। यह प्रक्रिया 21-25 साल तक चलती रहती है। आखिरी सेट के दांतों में विसडम टीथ आते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि 25 और उससे अधिक उम्र के कम से कम 53 प्रतिशत लोगों में बस एक ही विसडम टीथ आता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारे जबड़े समय के साथ छोटे होते गए हैं। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे-जैसे मानव मस्तिष्क समय के साथ बड़ा होता गया, जबड़ों का आकार कम हो गया है। यही कारण है कि विसडम टीथ आते समय आपको दर्द और असहजता हो सकती है, क्योंकि जबड़ों के साइज छोटे होने के कारण वह ठीक से फिट ही नहीं हो पाते हैं।
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जबड़ों के पीछे के हिस्से में दर्द - फोटो : iStock
विसडम टीथ आने के इन संकतों के बारे में जानिए

विसडम टीथ आने की स्थिति में इसके कुछ संकेत और लक्षण हो सकते हैं, जिनपर ध्यान दिया जाना चाहिए।
  • आपके जबड़ों के पीछे के हिस्से में दर्द, मसूड़ों में लालिमा या सूजन।
  • चेहरे में दर्द- विसडम टीथ आने पर नसों पर दबाव के कारण यह दिक्कत होती है।
इन लक्षणों के दिखते ही डॉक्टर के पास जाएं। जांच के माध्यम से वह जानने की कोशिश किया जाता है कि दांत सही तरीक से आ रहे हैं या नहीं। कुछ स्थितियों में ये तिरछे हो सकते हैं, जिससे दूसरे दांतों को परेशानी होने लगती है।
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दांतों-जबड़ों में दर्द की समस्या - फोटो : Pixabay
क्या इन दांतों को निकलवा देना चाहिए?

डॉक्टर कहते हैं, कुछ स्थितियों में इन दांतों को निकालने की जरूरत हो सकती है, पर हर बार नहीं। ऐसी स्थिति तब आती है जब दांत टेढ़े हों, मसूड़ों में संक्रमण का कारण बन रहे हों या दूसरे दांतों को क्षति पहुंचाने लगें। हालांकि यदि ये दांत सामान्य रूप से निकलते हैं और कोई समस्या नहीं पैदा करते हैं, तो आपको उन्हें हटाने की आवश्यकता नहीं हो सकती है।

कुछ लोगों में प्रभावित अकल दाड़ या अक्ल की दाढ़ के कारण जटिलताएं पैदा हो जाती हैं, जिसमें डॉक्टरी सलाह की जरूरत होती है।
  • दांतों-जबड़ों में दर्द।
  • संक्रमण।
  • मसूड़ों की समस्या
  • सिस्ट-ट्यूमर का खतरा।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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