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सेहत की बात: अच्छी नींद लेने के बाद भी डार्क सर्कल्स से हैं परेशान? जानिए क्या हो सकती है इसकी वजह

Tue, 20 Oct 2026 10:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dark Circles: आंखों के नीचे काले घेरे केवल नींद की कमी से नहीं होते। आनुवंशिकता, उम्र बढ़ने, एलर्जी, त्वचा में पिगमेंटेशन और धूप भी इसके कारण हो सकते हैं। एक तरफ बढ़ते कालापन या सूजन होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
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डार्क सर्कल की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स बहुत ही आम समस्या है। इसे ठीक करने के दावे के साथ बाजार में कई तरह की क्रीम और दवाइयां बेची जा रही हैं। इसके अलावा डार्क सर्कल्स की समस्या को कम करने के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे और महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल करते हैं।

अक्सर माना जाता है कि देर रात तक जागने या पर्याप्त नींद न लेने से ही आंखों के नीचे कालापन आता है, लेकिन हर बार नींद की समस्या को ही इसका कारण नहीं माना जा सकता। कई बार आनुवंशिक कारणों, उम्र बढ़ने, त्वचा में पिगमेंटेशन, एलर्जी जैसी समस्याओं के कारण भी आपको डार्क सर्कल्स हो सकते हैं।

क्या आप भी इस समस्या से परेशान हैं? अगर हां तो आइए इसके कारण को जान लेते हैं।
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डार्क सर्कल्स की दिक्कत - फोटो : Adobe stock
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि आंखों के नीचे की त्वचा चेहरे के दूसरे हिस्सों की तुलना में पतली होती है, इसलिए वहां रक्त वाहिकाएं ज्यादा आसानी से दिखाई दे सकती हैं। कुछ लोगों में आंखों के नीचे गड्ढे या सूजन के कारण भी कालापन ज्यादा नजर आता है। ज्यादातर मामलों में डार्क सर्कल्स किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होते, लेकिन अगर ये ठीक नहीं हो रहे हैं या फिर बार बार ये समस्या हो रही है तो इसके कारणों को समझना बहुत जरूरी है।


आनुवंशिक कारणों से भी हो सकती है दिक्कत 
 
  • अगर आपके परिवार में किसी को डार्क सर्कल्स हैं, तो आपमें भी इसका खतरा हो सकता है। कुछ लोगों में आंखों के आसपास की त्वचा में प्राकृतिक रूप से ज्यादा पिगमेंटेशन होता है। ऐसी स्थिति में इसे बिल्कुल ठीक नहीं किया जा सकता। हालांकि समय रहते डॉक्टर की सलाह से आपको मदद मिल सकती है।
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डार्क सर्कल्स की समस्या - फोटो : Freepik.com
डार्क सर्कल्स के और क्या कारण हो सकते हैं?

डार्क सर्कल्स को सिर्फ नींद की कमी का लक्षण समझने की गलती न करें। उम्र, एलर्जी जैसे कई और कारण इसका खतरा बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
 
  • उम्र के साथ त्वचा पतली होने लगती है और आंखों के नीचे फैट तथा सहारा देने वाले ऊतकों में बदलाव आता है। इससे रक्त वाहिकाएं ज्यादा दिखाई दे सकती हैं या गड्ढों के कारण डार्क सर्कल्स बन सकते हैं।
  • एलर्जी से खुजली, सूजन और आंखों के आसपास जलन हो सकती है। बार-बार आंखें रगड़ने से त्वचा में सूजन और पिगमेंटेशन बढ़ सकता है।
  • सूर्य की पराबैंगनी किरणें त्वचा में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ा सकती हैं। इससे आंखों के नीचे का कालापन ज्यादा दिखाई दे सकता है।
  •  पर्याप्त नींद न लेने से पहले से मौजूद डार्क सर्कल्स ज्यादा स्पष्ट दिख सकते हैं। तनाव और धूम्रपान जैसी आदतें भी इसका खतरा बढ़ाने वाली मानी जाती हैं।
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आंखों के नीचे काले घेरे - फोटो : Adobe stock
आंखों के नीचे काले घेरे कैसे कम करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डार्क सर्कल्स किस कारण से है पहले ये समझना जरूरी है। हालांकि कुछ उपायों से आमतौर पर लोगों को आराम मिल जाता है।
 
  • नियमित रूप से पर्याप्त नींद लें और सोने-जागने का समय तय रखें।
  • बाहर निकलते समय SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं।
  • आंखों को रगड़ने से बचें और एलर्जी होने पर उपचार कराएं।
  • संतुलित आहार लें और खूब पानी पिएं।
  • सूजन होने पर कपड़े में लपेटकर ठंडी पट्टी कुछ मिनट रख सकते हैं।

अगर एक ही आंख के नीचे कालापन या सूजन बढ़ रही हो, इसके साथ आपको दर्द, त्वचा पर दाने हों या नजर भी प्रभावित हो रही हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। लगातार बने रहने वाले डार्क सर्कल्स के कारणों को समझना और इसका समय रहते इलाज कराना जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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