प्रतीकात्मक तस्वीर
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जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक ज्यादातर देशों में जहां के आकड़े उपलब्ध है, मौत की दर पुरुषों में ज्यादा देखी गई है। हालांकि अध्ययनों और सर्वे से पता चला है कि पुरुष महिलाओं की तुलना में सुरक्षात्मक उपकरणों और मास्क पहनने से परहेज कर रहे हैं। पिछली महामारियों के दौरान भी पुरुषों में यही रवैया देखा गया था।
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनने की सलाह व्यापक तौर पर स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी कहा है कि "मास्क पहनना कोरोना के संक्रमण को बढ़ने से रोकने की एक व्यापक रणनीति है।" हालांकि डब्लूएचओ ने कपड़े या फिर ग़ैर-मेडिकल मास्क के प्रभाव को लेकर कहा है कि इनका असर को लेकर पर्याप्त प्रमाण नहीं है, इसलिए जब सोशल डिस्टेंसिंग संभव नहीं हो तब ही इसका इस्तेमाल किया जाए।