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सेहत की बात: डियोड्रेंट्स लगाने से जलन क्यों होती है, क्या यह कैंसर कारक है? जानिए अध्ययन में क्या पता चला

Sun, 10 Jul 2022 05:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डियोड्रेंट लगाना कितना हानिकारक है? - फोटो : istock
पसीने के कारण शरीर से आने वाली दुर्गंध को दूर करने और रिफ्रेश महसूस कराने के लिए परफ्यूम और डियोड्रेंट्स का प्रयोग किया जाता रहा है। इसमें कृत्रिम सुगंध को लंबे समय तक बनाए रखने और शरीर से दुर्गंध को कम करने के लिए कई प्रकार के रसायनों का प्रयोग किया जाता है। क्या ये रसायन शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं? इतने हानिकारक कि यह कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं?

हाल ही में आपने कई रिपोर्ट्स में इस तरह का दावा सुना होगा कि त्वचा के संपर्क में आने के साथ ही डियोड्रेंट्स प्रतिक्रिया करके, इसमें होने वाली क्षति का कारण बन सकते हैं।

डियोड्रेंट्रस में रसायनों के प्रयोग को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जाता रहा है कि डियो लगाने के बाद त्वचा में जलन होती है जो इस बात का सूचक है कि यह आपके लिए हानिकारक है। तो क्या वास्तव में डियो इतना नुकसानदायक है? इस लेख में हम मेडिकल साइंस द्वारा डियो से होने वाली समस्याओं को लेकर किए गए शोध के बारे में जानने की कोशिश करेंगे। 
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डियोड्रेंट्स से शरीर को होने वाले नुकसान - फोटो : istock
कितना हानिकारक है डियोड्रेंट?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डियोड्रेंट्स की खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इसमें कई तरह के रसायनों को प्रयोग में लाया जाता है। सिर्फ डियोड्रेंट्स ही नहीं ज्यादातर कॉस्मेटिक और फार्मास्युटिकल उत्पादों में भी इनका प्रयोग देखा गया है। एल्यूमीनियम यौगिक उनमें से एक हैं।

असल में एल्यूमीनियम यौगिक ऐसे तत्व होते हैं जो पसीने को रोकते हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन द्वारा प्रकाशित हालिया शोध से पता चलता है कि इनके लगातार उपयोग से संवेदनशील कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है।
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डियोड्रेंट में रसायनों का उपयोग - फोटो : iStock
पैराबीन्स का डियोड्रेंट में उपयोग

डियोड्रेंट्स को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया कि बैक्टीरिया और फंगस के कारण होने वाले दुर्गन्ध को रोकने के लिए पैराबीन्स नामक यौगिकों को प्रयोग में लाया जाता है। यह सच है कि पैराबीन्स त्वचा में अवशोषित हो सकता है। ये शरीर में प्रवेश के साथ ही एस्ट्रोजन के रूप में कार्य  कर सकते हैं, जोकि महिलाओं के यौन विकास, स्तन और शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।

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परफ्यूम में रसायनों का प्रयोग - फोटो : istock
क्या इन रसायनों और यौगिकों से कैंसर हो सकता है?

पेन मेडिसिन जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में शोधकर्ता बताते हैं कि इनके संयमित उपयोग को हानिकारक नहीं पाया गया है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के शोधकर्ताओं ने भी अध्ययन में पाया कि डियोड्रेंट के कारण कैंसर होने के दावों का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। हालांकि नेशनल किडनी फाउंडेशन के शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों को किडनी की समस्या है उन्हें एंटीपर्सपिरेंट्स के उपयोग को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए, यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। 

शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो डियोड्रेंट में प्रयोग में लाए जाने वाले एल्यूमीनियम या फिर पैराबीन्स यौगिकों को नुकसानदायक नहीं पाया गया है, हालांकि संवेदनशील त्वचा और जोखिम कारक वाले लोगों में इनका लंबे समय तक उपयोग करना कुछ प्रकार के कैंसर के विकास को बढ़ावा दे सकता है।
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डियोड्रेंट्स लगाने से जलन - फोटो : getty images
डियोड्रेंट्स लगाने से जलन क्यों होती है?

अगर डियोड्रेंट्स का सीमित उपयोग नुकसानदायक नहीं हैं तो अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर डियोड्रेंट्स लगाने से जलन क्यों होती है? इस बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ लोगों को डियोड्रेंट्स या एंटीपर्सपिरेंट्स से एलर्जी हो सकती है। अनुसंधान इंगित करते है कि यह प्रोपिलीन ग्लाइकोल नामक रसायन, सुगंधित तेल और लैनोलिन जैसे अवयवों के कारण हो सकता है। डियोड्रेंट्स लगाने से जलन होने का यह मतलब नहीं है कि यह कैंसर कारक है।



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स्रोत और संदर्भ

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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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