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Health Tips: आखिर ठंड में क्यों बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या? पेशाब के रंग से करें पहचान

Wed, 19 Nov 2025 04:56 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोगों के मन में एक भ्रम रहता है कि सर्दियों में डिहाइड्रेशन नहीं होता है या ऐसा होने की आशंका कम है। मगर ये धारण एक बड़ा मिथक है। हकीकत यह है कि ठंड के दिनों में भी डिहाइड्रेशन होता है और इसकी कई वजहें हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।   
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डिहाइड्रेशन - फोटो : Freepik.com
Dehydration in Winter Season: सर्दियों में अक्सर लोग डिहाइड्रेशन की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। अधिकांश लोगों को लगता है कि चूंकि ठंड में पसीना नहीं आता, इसलिए उन्हें कम पानी पीने की जरूरत है। यह एक बड़ी गलती है! यही वजह है कि ठंड के दिनों में डिहाइड्रेशन का जोखिम बढ़ जाता है, लेकिन इसके लक्षण इतनी धीमी गति से सामने आते हैं कि लोग इसे पहचान नहीं पाते।

इसका एक कारण यह है कि ठंडी हवा में सांस लेने पर शरीर से नमी तेजी से बाहर निकलती है। दूसरा कारण यह है कि ठंडे मौसम में शरीर प्यास लगने के संकेत को दबा देता है, यानी हमें कम प्यास महसूस होती है। इसके अलावा लोग चाय, कॉफी या सूप जैसे गर्म पेय पदार्थों पर अधिक निर्भर रहते हैं, जो पानी की कमी को पूरा नहीं कर पाते।

शरीर में पानी की कमी से थकान, सिरदर्द और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं, और अगर इसे ठीक न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। आइए इस लेख में सर्दियों में डिहाइड्रेशन की समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
कम प्यास लगना
ठंड में डिहाइड्रेशन बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है कि प्यास कम लगती है। ठंडे तापमान में शरीर रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, जिससे गर्मी शरीर के अंदर बनी रहे। यह प्रक्रिया मस्तिष्क में प्यास लगने वाले संकेतों को दबा देती है। दूसरा हमें पसीना आता है इसलिए हमें यह महसूस नहीं होता कि हमें पानी पीने की जरूरत है।

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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
श्वसन जल हानि
सर्दियों में हवा आमतौर पर रूखी और ठंडी होती है। जब हम ठंडी हवा में सांस लेते हैं, तो शरीर इसे गर्म करने और नम करने के लिए अपनी आंतरिक नमी का उपयोग करता है। जब हम सांस बाहर छोड़ते हैं, तो वह नमी वाष्प के रूप में बाहर निकल जाती है। बार-बार ऐसा होने पर, शरीर से तरल पदार्थ का नुकसान होता रहता है, जिसे श्वसन जल हानि कहते हैं।

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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
ठंड में अधिक पेशाब आना
ठंडे वातावरण में शरीर रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है जिससे रक्त हृदय के आस-पास केंद्रित हो जाता है। ऐसे में मस्तिष्क किडनी को अधिक पेशाब बनाने का संकेत देता है। इसे कोल्ड डाययूरेसिस कहते हैं, जिससे शरीर से और अधिक तरल पदार्थ बाहर निकल जाता है।
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पेशाब का रंग - फोटो : Freepik.com
पेशाब के रंग से करें डिहाइड्रेशन की पहचान
डिहाइड्रेशन को पहचानने का सबसे आसान तरीका है अपने पेशाब के रंग को देखना। अगर आप पर्याप्त हाइड्रेटेड हैं, तो आपके पेशाब का रंग हल्का पीला या लगभग पारदर्शी होगा। अगर पेशाब का रंग गहरा पीला है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि आपको तुरंत और अधिक पानी पीने की जरूरत है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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