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Dark Circle: 8 घंटे की अच्छी नींद के बाद भी हो गए हैं डार्क सर्कल? समझिए इसकी असली वजह

Thu, 16 Jul 2026 10:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पर्याप्त नींद लेने के बावजूद डार्क सर्कल बने रहते हैं, तो इसका कारण केवल थकान नहीं हो सकता। आनुवंशिक प्रवृत्ति, त्वचा का प्राकृतिक रंग, उम्र बढ़ना, एलर्जी, बार-बार आंखें मलना, धूप का अधिक संपर्क, धूम्रपान और पोषण संबंधी कमियां इसके पीछे हो सकती हैं। 
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डार्क सर्कल की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपकी आंखों के नीचे भी काले घेरे हो गए हैं? लाख कोशिश कर लिया पर ये सही नहीं हो रहा है? इस तरह की समस्या को सिर्फ स्किन की दिक्कत मानकर अनदेखा न करते रहें, कई बार ये शरीर में बढ़ रही गंभीर दिक्कतों का संकेत भी हो सकता है। डार्क सर्कल्स का सबसे बड़ा कारण अक्सर नींद की कमी को माना जाता है। लेकिन क्या आपको रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेने के बावजूद भी डार्क सर्कल बने रहते हैं?

डार्क सर्कल वैसे तो कोई बीमारी नहीं हैं। कई मामलों में ये आनुवंशिक कारणों, बढ़ती उम्र, एलर्जी, धूप में अधिक रहने, धूम्रपान, तनाव या न्यूट्रिशन की कमी से होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ स्थितियों में ये शरीर के भीतर चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।

तो अगर आपको भी डार्क सर्कल रहता है तो इस पर ध्यान देना जरूरी है।
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डार्क सर्कल की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Adobe stock
डार्क सर्कल की समस्या

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि आयरन, विटामिन बी12 या फोलेट की कमी, थायरॉयड रोग और कुछ दुर्लभ स्थितियों में क्रॉनिक बीमारियां भी डार्क सर्कल को बढ़ा सकती हैं।
 
  • आंखों के नीचे की त्वचा शरीर की सबसे पतली त्वचा में से एक होती है। जब इस हिस्से में रक्त वाहिकाएं ज्यादा स्पष्ट दिखने लगती हैं या त्वचा में पिगमेंटेशन बढ़ जाता है, तो आंखों के नीचे काले घेरे दिखाई देने लगते हैं। इसलिए हर डार्क सर्कल का कारण एक जैसा नहीं होता और हर व्यक्ति में इलाज भी अलग हो सकता है।

अगर डार्क सर्कल के साथ लगातार थकान-चक्कर, बाल झड़ने, सांस फूलने की दिक्कत, आंखों में खुजली या अन्य असामान्य लक्षण भी मौजूद हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो जाता है।
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डार्क सर्कल्स की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
एनीमिया के कारण होने वाली दिक्कत

डार्क सर्कल आंखों के नीचे दिखाई देने वाले काले, भूरे या नीले रंग के घेरे होते हैं। यदि पर्याप्त नींद लेने के बावजूद डार्क सर्कल बने रहते हैं, तो इसपर ध्यान देना जरूरी है।
 
  • एनीमिया को डार्क सर्कल का कारण माना जाता है। 
  • एनीमिया में शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, जिससे शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है।
  •  इसके साथ थकान, कमजोरी, चक्कर आने, सांस फूलने और डार्क सर्कल की समस्या हो सकती है।

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थायरॉयड की बीमारी - फोटो : Freepik.com
थायरॉयड की बीमारी का संकेत

हाइपोथायरॉयडिज्म की स्थिति के कारण त्वचा में बदलाव, सूजन और चेहरे की बनावट में बदलाव आ सकता है। 
 
  • कुछ मरीजों में इससे आंखों के आसपास की त्वचा अधिक गहरी या सूजी हुई दिखाई दे सकती है। 
  • हालांकि केवल डार्क सर्कल देखकर थायरॉयड की बीमारी का निदान नहीं किया जा सकता। 
  • यदि इसके साथ वजन बढ़ने, ज्यादा ठंड लगने, कब्ज या बाल झड़ने की समस्या है तो इसकी जांच जरूर करा लें।
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आंखों के नीचे काले घेरे - फोटो : Adobe stock
डार्क सर्कल के इन कारणों को भी जानिए
 
  • एलर्जिक राइनाइटिस और लंबे समय तक नाक बंद रहने की समस्या में आंखों के आसपास की नसों में रक्त जमा होने लगता है। इससे आंखों के नीचे नीले या काले घेरे दिखाई दे सकते हैं।
  • कुछ लोगों में विटामिन बी12, फोलेट और अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण भी डार्क सर्कल दिखाई दे सकते हैं।

यदि डार्क सर्कल अचानक बहुत बढ़ जाएं, इसके साथ देखने में दिक्कत हो या गंभीर थकान बना रहता हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डार्क सर्कल की दिक्कत को कम करने के लिए पर्याप्त नींद जरूर लें। संतुलित आहार, शरीर में पानी की कमी न होने देना और सनस्क्रीन का उपयोग भी आपको दिक्कतों से बचा सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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