ब्रेन स्ट्रोक तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है, इसे मेडिकल इमरजेंसी वाली स्थिति भी कहा जाता है। दिमाग में किसी कारण से खून का प्रवाह रुक जाने या बाधित होने के कारण ब्रेन स्ट्रोक होता है। खून का संचार ठीक से न होने की वजह से ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जिससे कोशिकाएं डैमेज हो जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र के लोगों में भी बढ़ती इस गंभीर स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं और स्ट्रोक से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की सलाह देते हैं।
ब्रेन स्ट्रोक के कारण अचानक सुन्नपन या कमजोरी होने से लेकर कन्फ्यूजन, बोलने या देखने में दिक्कत होने, चक्कर आने की समस्या हो सकती है। अगर समय रहते स्ट्रोक का इलाज न हो पाए तो व्यक्ति को लकवा मारने और जान जाने तक का खतरा रहता है।
एक-दो दशक पहले तक ब्रेन स्ट्रोक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या माना जाता था, लेकिन अब 30 से कम आयु वाले युवा भी स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, भारत में हर साल लाखों लोग ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होते हैं। गड़बड़ जीवनशैली, खान-पान पर ध्यान न देने के अलावा कुछ प्रकार की बीमारियों को कंट्रोल में न रखने से भी स्ट्रोक होने का खतरा अधिक हो सकता है।