फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Brain Stroke: कहीं आपको भी न हो जाए ब्रेन स्ट्रोक? अभी से शुरू कर दें बचाव के ये आसान उपाय

Thu, 29 Jan 2026 09:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Brain Stroke In Young Age: 30 से कम आयु वाले युवा भी स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, भारत में हर साल लाखों लोग ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होते हैं। जानिए इसका कारण क्या है और बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
विज्ञापन
1 of 6
ब्रेन स्ट्रोक का खतरा - फोटो : Freepik.com
ब्रेन स्ट्रोक तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है, इसे मेडिकल इमरजेंसी वाली स्थिति भी कहा जाता है। दिमाग में किसी कारण से खून का प्रवाह रुक जाने या बाधित होने के कारण ब्रेन स्ट्रोक होता है। खून का संचार ठीक से न होने की वजह से ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जिससे कोशिकाएं डैमेज हो जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र के लोगों में भी बढ़ती इस गंभीर स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं और स्ट्रोक से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की सलाह देते हैं।

ब्रेन स्ट्रोक के कारण अचानक सुन्नपन या कमजोरी होने से लेकर कन्फ्यूजन, बोलने या देखने में दिक्कत होने, चक्कर आने की समस्या हो सकती है। अगर समय रहते स्ट्रोक का इलाज न हो पाए तो व्यक्ति को लकवा मारने और जान जाने तक का खतरा रहता है।

एक-दो दशक पहले तक ब्रेन स्ट्रोक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या माना जाता था, लेकिन अब 30 से कम आयु वाले युवा भी स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, भारत में हर साल लाखों लोग ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होते हैं। गड़बड़ जीवनशैली, खान-पान पर ध्यान न देने के अलावा कुछ प्रकार की बीमारियों को कंट्रोल में न रखने से भी स्ट्रोक होने का खतरा अधिक हो सकता है।
विज्ञापन

2 of 6
ब्रेन स्ट्रोक क्यों होता है? - फोटो : Freepik.com
ब्रेन स्ट्रोक की समस्या के बारे में जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ब्रेन स्ट्रोक दो प्रकार के होते हैं- इस्केमिक स्ट्रोक और हेमरेजिक स्ट्रोक।

इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क की किसी धमनी में रक्त का थक्का या फैट जमा हो जाता है जिसकी वजह से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह रुक जाता है। इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे डैमेज होने लगती हैं।

वहीं हेमरेजिक स्ट्रोक मस्तिष्क के भीतर या आसपास किसी रक्त वाहिका के फटने से होने वाली ब्लीडिंग के कारण होता है। इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं पर दबाव पड़ता है और उन्हें नुकसान पहुंचता है। आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर के कारण ये समस्या होती है।

अब सवाल ये है कि ब्रेन स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं?
विज्ञापन

3 of 6
ब्लड प्रेशर के कारण ब्रेन स्ट्रोक की समस्या - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर को रखें कंट्रोल

ब्रेन स्ट्रोक होने का सबसे बड़ा कारण हाई ब्लड प्रेशर को माना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लंबे समय तक हाई बना रहता है, तो इससे दिमाग की नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे नसें कमजोर हो सकती है उनके फटने का खतरा रहता है।
  • ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए नमक का सेवन कम करना बहुत जरूरी है।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज भी ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार है। 
  • इसके अलावा तनाव को कम करना, अच्छी नींद लेना और नियमित बीपी की जांच कराना भी जरूरी है।

4 of 6
डायबिटीज रोगियों में स्ट्रोक की समस्या - फोटो : Freepik.com
बढ़ने न पाए शुगर लेवल

ब्लड प्रेशर की ही तरह से ब्लड शुगर को भी कंट्रोल में रखकर आप स्ट्रोक से बचाव कर सकते हैं। डायबिटीज के शिकार लोगों में ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा दो से तीन गुना ज्यादा होता है। लंबे समय तक हाई शुगर की समस्या धीरे-धीरे खून की नसों को नुकसान पहुंचाती है। इससे नसें सख्त और संकरी हो जाती हैं जिससे दिमाग तक खून पहुंचने में रुकावट आती है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
 
  • शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए मीठा, रिफाइंड चीनी और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए। 
  • समय पर दवाइयां लेना, रोजाना व्यायाम और वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। 
  • नियमित ब्लड शुगर की जांच से समय रहते खतरे को पहचाना जा सकता है और ब्रेन स्ट्रोक से बचाव किया जा सकता है।
विज्ञापन

5 of 6
धूम्रपान से स्ट्रोक को खतरा - फोटो : Freepik.com
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना

सिगरेट और तंबाकू का सेवन ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। धूम्रपान से खून की नसें सिकुड़ जाती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है। यही थक्के दिमाग की नस में जाकर स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान छोड़ देता है, तो कुछ ही वर्षों में उसके स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। इसी तरह शराब से दूरी बनाना हार्ट और ब्रेन दोनों के लिए फायदेमंद है और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्या से भी बचाव होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
खान-पान में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्या - फोटो : Freepik.com
खान-पान और वजन को कंट्रोल रखना जरूरी

गलत खान-पान और बढ़ता वजन ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाने वाले कारण हैं। 
  • ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इससे नसों में फैट जमने लगता है जो आगे चलकर स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
  • स्ट्रोक से बचाव के लिए डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और लो फैट वाला आहार आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • वजन को संतुलित रखने से ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों कंट्रोल में रहते हैं जिससे स्ट्रोक का जोखिम कम होता है।



---------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें