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Health Tips: 35 के बाद महिलाओं में क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? इन लक्षणों से कर सकते हैं पहचान

Wed, 21 Jan 2026 07:05 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Early Signs of Weak Bones: अक्सर ही महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी देखने को मिलती है। इसके पीछे कई कारण होते हैं, मगर एक बड़ा कारण उनकी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें भी होती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं,साथ ही बचाव के उपाय भी जानेंगे।
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महिलाओं में हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
Bone Density in Women After 35: महिलाओं के लिए 35 की उम्र एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जहां से शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव शुरू हो जाते हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, 30 से 35 वर्ष की आयु तक महिलाएं अपनी 'पीक बोन मास' (अधिकतम हड्डी घनत्व) प्राप्त कर लेती हैं, जिसके बाद हड्डियों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और पुरानी हड्डियों के क्षरण की दर बढ़ जाती है।

इस उम्र के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल में गिरावट आने लगती है, जो हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। अगर आहार में कैल्शियम और विटामिन-D की कमी हो, तो हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती हैं, जिसे 'ऑस्टियोपीनिया' या आगे चलकर 'ऑस्टियोपोरोसिस' कहा जाता है।

विडंबना यह है कि हड्डियों की कमजोरी अक्सर दबे पांव शरीर और हड्डी दोनों को खोखला कर रही होती है क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक कि कोई फ्रैक्चर न हो जाए। इसलिए 35 की उम्र पार करते ही हड्डियों के प्रति जागरूकता और जीवनशैली में सुधार करना अनिवार्य हो जाता है ताकि बुढ़ापे में चलने-फिरने की शक्ति बनी रहे।
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हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
हड्डियों के कमजोर होने के मुख्य कारण क्या हैं?
35 के बाद हड्डियों के कमजोर होने के पीछे कई जैविक कारण होते हैं-
  • एस्ट्रोजन हार्मोन का कम होना हड्डियों के घनत्व को तेजी से घटाता है।
  • भारतीय महिलाओं में अक्सर कैल्शियम और विटामिन-D की भारी कमी देखी जाती है।
  • व्यायाम न करने से हड्डियां अपनी मजबूती खोने लगती हैं।
  • इस दौरान शरीर की कैल्शियम की मांग बढ़ जाती है, जिसकी पूर्ति न होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
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कमर दर्द - फोटो : Freepik.com
किन लक्षणों से करें हड्डियों की कमजोरी की पहचान?
शुरुआती संकेतों को पहचान कर आप बड़े खतरे को टाल सकती हैं-
  • बिना किसी चोट के पीठ के निचले हिस्से या जोड़ों में बना रहने वाला दर्द।
  • रीढ़ की हड्डी के कशेरुकाओं  के कमजोर होने से कद थोड़ा कम होने लगता है।
  • कमजोर नाखून शरीर में कैल्शियम की कमी का सीधा संकेत हैं।
  • हाथों की पकड़ में कमी आना भी हड्डियों के कमजोर होने से जुड़ा है।
 
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कैल्शियम - फोटो : freepik.com
35 के बाद हड्डियों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
अपनी हड्डियों को लंबे समय तक जवान बनाए रखने के लिए इन बातों पर ध्यान दें-
  • अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर, रागी और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
  • सुबह की 15-20 मिनट की धूप विटामिन-D के लिए अनिवार्य है।
  • हल्का वजन उठाना या वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाती हैं।
  • अगर आपको कुछ भी लक्षण दिख रहे हों तो 35 के बाद डॉक्टर की सलाह पर 'बोन डेंसिटी टेस्ट' जरूर कराएं।
 
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रस्सी कूदना - फोटो : Adobe Stock
आपकी सक्रियता ही आपकी मजबूती है
हड्डियों का स्वास्थ्य रखने में रोजमर्रा की आदतें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 35 की उम्र के बाद महिलाएं अक्सर परिवार की देखभाल में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, जो भविष्य में फ्रैक्चर और गतिहीनता का कारण बनता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सही समय पर लिया गया कैल्शियम युक्त आहार और व्यायाम आपको बुढ़ापे में पैरों पर खड़ा रख सकता है। 

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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