Bone Density in Women After 35: महिलाओं के लिए 35 की उम्र एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जहां से शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव शुरू हो जाते हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, 30 से 35 वर्ष की आयु तक महिलाएं अपनी 'पीक बोन मास' (अधिकतम हड्डी घनत्व) प्राप्त कर लेती हैं, जिसके बाद हड्डियों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और पुरानी हड्डियों के क्षरण की दर बढ़ जाती है।
इस उम्र के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल में गिरावट आने लगती है, जो हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। अगर आहार में कैल्शियम और विटामिन-D की कमी हो, तो हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती हैं, जिसे 'ऑस्टियोपीनिया' या आगे चलकर 'ऑस्टियोपोरोसिस' कहा जाता है।
विडंबना यह है कि हड्डियों की कमजोरी अक्सर दबे पांव शरीर और हड्डी दोनों को खोखला कर रही होती है क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक कि कोई फ्रैक्चर न हो जाए। इसलिए 35 की उम्र पार करते ही हड्डियों के प्रति जागरूकता और जीवनशैली में सुधार करना अनिवार्य हो जाता है ताकि बुढ़ापे में चलने-फिरने की शक्ति बनी रहे।