फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arthritis: आर्थराइटिस में दवा जैसी असरदार हो सकती है ये डाइट, इंफ्लेमेशन की कर देती है छुट्टी

Fri, 17 Jul 2026 08:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आर्थराइटिस के मरीजों में जोड़ों की सूजन और दर्द को पूरी तरह केवल दवाओं के भरोसे नियंत्रित करना हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में विशेषज्ञ दवाओं के साथ जीवनशैली और खानपान में बदलाव की भी सलाह देते हैं। 
विज्ञापन
1 of 4
हड्डियों में समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न महसूस होती है, सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द होता है और घुटनों से कट-कट की आवाज आती है? अगर हां तो इन संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। ये हड्डियों की समस्या की तरफ इशारा हो सकता है। कई बार इसके पीछे शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली क्रॉनिक इंफ्लेमेशन भी जिम्मेदार हो सकती है।

जोड़ों की सूजन और दर्द की दिक्कतों से बचे रहने के लिए डॉक्टर जीवनशैली और खानपान में सुधार की सलाह देते हैं। यही कारण है कि दुनियाभर में इन दिनों तेजी से एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट की चर्चा हो रही है।

अध्ययनों में पाया गया है कि एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट शरीर में सूजन को कम करने, दर्द और अकड़न में राहत देने जोड़ों की कार्यक्षमता बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। तो क्या ये डाइट गठिया को भी ठीक कर सकती है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Freepik.com
पहले जानिए एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट क्या है?

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में ऐसी चीजें शामिल की जाती हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मददगार होती हैं।
 
  • इसमें ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और सीड्स को शामिल किया जाता है। 
  • ये खाद्य पदार्थ एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल से भरपूर होते हैं जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं।
  • वहीं इस डाइट प्लान में प्रोसेस्ड फूड्स, मीठे पेय और ट्रांस फैट वाली चीजों से परहेज किया जाता है, जिससे शरीर में सूजन को कम किया जा सके।
विज्ञापन

3 of 4
बॉडी में इंफ्लेमेशन की समस्या - फोटो : Adobe Stock Images
इंफ्लेमेशन होती क्यों है?

इंफ्लेमेशन शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली है। चोट, संक्रमण या किसी हानिकारक तत्व के प्रवेश पर प्रतिरक्षा तंत्र सूजन पैदा करता है ताकि शरीर खुद को ठीक कर सके। 
 
  • हालांकि जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कहते हैं। 
  • मोटापा, धूम्रपान, तनाव, नींद की कमी, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। 
  • लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ाती है। 
  • ये आर्थराइटिस में जोड़ों की सूजन और दर्द को भी बढ़ा देती है।
विज्ञापन

4 of 4
आर्थराइटिस-गठिया की दिक्कत - फोटो : Adobe Stock
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से आर्थराइटिस ठीक हो सकता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते है, कोई भी डाइट आर्थराइटिस को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकती। एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट सूजन कम करने, दर्द और अकड़न में राहत देने में मदद कर सकती है लेकिन इसे गठिया का इलाज नहीं माना जा सकता।
 
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट के साथ दवाओं, फिजियोथेरेपी और नियमित व्यायाम की मदद से लक्षणों में आराम पाया जा सकता है।

डॉक्टर कहते हैं, आर्थराइटिस के जोखिमों को कम करने के लिए वजन को कंट्रोल रखना भी बहुत जरूरी है। वजन कम करने से घुटनों और कूल्हों पर दबाव घटता है। इससे दर्द और चलने-फिरने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है। संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम के साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट गठिया के लक्षणों को कम करने में मददगार हो सकती है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें