प्रतीकात्मक तस्वीर
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50 से कम उम्र वाले वे लोग भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल हो सकते हैं, जो कैंसर, दिल की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी, लिवर की बीमारी, डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, अधिकारियों का मानना है कि कुछ कैटगरी में अनुमानित संख्या में बड़ा फेरबदल भी हो सकता है। प्राथमिकता सूची में शामिल आबादी के लिए 60 करोड़ खुराक की जरूरत होगी। इसके लिए वैक्सीन की भंडारण क्षमता, ट्रैकिंग आदि सुविधाओं की तैयारी की जा रही है।