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खुशखबरी: देश में पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को लगाई जाएगी वैक्सीन, जानें कौन लोग होंगे शामिल

Sat, 17 Oct 2020 07:45 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस से जूझ रहे दुनिया के 210 से ज्यादा देशों को जिस एक चीज का बेसब्री से इंतजार है, वह है एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन। रूस, चीन के बाद भारत, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों में भी कोरोना वैक्सीन के तीसरे और अंतिम चरण का ट्रायल चल रहा है। भारत में अबतक हुए परीक्षणों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सफलता मिलेगी। इस बात की पुष्टि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी बीते रविवार को संडे संवाद में की थी। कोरोना वायरस की वैक्सीन को जैसे ही सफलता मिले वैसे ही टीकाकरण अभियान भी बिना देरी शुरू किया जा सके, इसको लेकर देश में तैयारी शुरू कर दी गई है। वैक्सीन को लेकर बनी विशेषज्ञ समिति ने केंद्रीय एजेंसियों और राज्यों से इनपुट्स लेकर अभियान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें यह भी बताया गया है कि टीकाकरण में किन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
भारत कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित होने वाले देशों में शामिल है। सरकार का उद्देश्य यही है कि जल्द से जल्द इस महामारी को नियंत्रित किया जाए। देश में विकसित हो रहीं तमाम कोरोना वैक्सीन और उनकी प्रगति को लेकर एक वेबसाइट भी तैयार किया गया है। केंद्र सरकार ने कई स्तर पर समितियां बनाई है। वैक्सीन को लेकर बनाई गई एक विशेषज्ञ समिति ने इसके वितरण और टीकाकरण अभियान को लेकर प्लान ड्राफ्ट किया है। इसके मुताबिक, पहले चरण के टीकाकरण अभियान में देश की 23 फीसदी आबादी को शामिल किया जाएगा। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले चरण में वैक्सीन पाने वाले 30 करोड़ लोग शामिल होंगे, जिनकी सूची तैयार की जा रही है। इनमें उच्च जोखिम वर्ग वाले लोगों के साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर्स यानी स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, सफाईकर्मी आदि शामिल होंगे। करीब 30 करोड़ लोगों के लिए वैक्सीन की 60 करोड़ खुराक जरूरी होगी। एक बार वैक्सीन अंतिम चरण के ट्रायल में सफल हो जाए और भारतीय दवा नियामक से मंजूरी मिल जाए, तो कुछ ही समय बाद टीकाकरण अभियान शुरू हो पाएगा। 

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
वैक्सीन के लिए प्राथमिकता सूची में चार कैटेगरी हैं- 
  • करीब 50 से 70 लाख हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स
  • दो करोड़ से ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर्स
  • 50 साल से ज्यादा उम्र वाले करीब 26 करोड़ लोग और 
  • ऐसे लोग जो 50 साल से कम उम्र के हैं, लेकिन अन्य बीमारियों के मरीज हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पहले चरण में 23 फीसदी आबादी होगी लाभान्वित 
  • वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई विशेषज्ञ समिति ने प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसे तैयार करने से पहले राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से भी इनपुट्स लिए गए थे। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल की अगुवाई वाली इस समिति की कार्ययोजना के मुताबिक, पहले चरण में देश की 23 फीसदी आबादी को कवर किया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिकता सूची अक्तूबर के आखिर या नवंबर की शुरुआत तक तैयार हो सकती है। विशेषज्ञ समिति का अनुमान है कि देश में सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर करीब 70 लाख स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इसमें 11 लाख एमबीबीएस डॉक्टर्स, आठ लाख आयुष प्रैक्टिशनर्स, 15 लाख नर्सें, सात लाख एएनएम और 10 लाख आशाकर्मी शामिल हैं। 
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Indian Army - फोटो : Amar Ujala
प्राथमिकता सूची में 45 लाख पुलिस और अन्य सैन्य बलों को भी शामिल किया गया है, जबकि सेना के 15 लाख लोग इसमें शामिल हैं। इनके अलावा कम्यूनिटी सर्विस जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के चालक, सफाईकर्मी और शिक्षक भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इनकी अनुमानित संख्या करीब डेढ़ करोड़ है। 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी पहले चरण में शामिल करने की योजना है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
50 से कम उम्र वाले वे लोग भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल हो सकते हैं, जो कैंसर, दिल की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी, लिवर की बीमारी, डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, अधिकारियों का मानना है कि कुछ कैटगरी में अनुमानित संख्या में बड़ा फेरबदल भी हो सकता है। प्राथमिकता सूची में शामिल आबादी के लिए 60 करोड़ खुराक की जरूरत होगी। इसके लिए वैक्सीन की भंडारण क्षमता, ट्रैकिंग आदि सुविधाओं की तैयारी की जा रही है। 
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