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सावधान: कमजोर इम्यूनिटी के अलावा ऐसे लोगों में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा अधिक, अध्ययन में बड़ा दावा

Fri, 03 Dec 2021 01:45 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
भारत सहित दुनिया के करीब 23 देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर देखने को मिल रहा है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक कर्नाटक में मिले दो ओमिक्रॉन संक्रमितों के बाद से देशभर में सुरक्षा और सख्ती बढ़ा दी गई है। अध्ययनों में बताया जा रहा है कि कोरोना के इस नए वैरिएंट में पहली बार 30 से अधिक म्यूटेशन देखने को मिले हैं, जो इसे अन्य वैरिएंट्स के अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक और घातक बनाते हैं। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वैरिएंट में अधिक म्यूटेशनों के कारण यह आसानी से शरीर में वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को भी चकमा दे सकता है। ऐसे में लोगों को मन में एक सवाल बना हुआ है कि आखिर ओमिक्रॉन वैरिएंट से किन्हें सुरक्षित माना जा सकता है, साथ ही किन लोगों में इसका जोखिम अधिक हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के अन्य वैरिएंट्स की तरह ओमिक्रॉन वैरिएंट भी उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है जिनकी इम्यूनिटी पहले से ही काफी कमजोर है। इसके अलावा हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कुछ विशिष्ट ब्लड ग्रुप का भी जिक्र किया है जिनमें कोरोना के संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोरोना संक्रमण से बचाव जरूरी - फोटो : iStock
इम्यूनोकंप्रोमाइज्ड लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
अमर उजाला से बातचीत में उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स के निदेशक डॉ शुचिन बजाज बताते हैं, इम्यूनोसप्रेशिव रोगियों यानी कि जिनको इम्यूनिटी संबंधी दिक्कतें रही हैं, ऐसे लोगों के लिए  कोरोना के इस नए वैरिएंट से विशेष बचाव की आवश्यकता है। कई रिपोर्टस में ऐसे लोगों को वैक्सीन के बूस्टर डोज देने की बात की जा रही है, जिससे इन्हें अधिक सुरक्षित किया जा सके। किडनी प्रत्यारोपण, कैंसर, डायबिटीज आदि के शिकार लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है, ऐसे लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
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कोरोना संक्रमण के जोखिम कारक - फोटो : Pixabay
इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों को संक्रमण का खतरा अधिक
फ्रंटियर्स इन सेल्युलर एंड इंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने बताया कि कुछ विशेष रक्त समूह वाले लोगों में कोरोना के संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। सरगंगा राम अस्पताल (एसजीआरएच) द्वारा जारी इस अध्ययन में बताया गया है कि ब्लड ग्रुप ए, बी और आरएच+ वाले लोग कोविड-19 संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जबकि  ओ, एबी और आरएच- वाले लागों में संक्रमण का जोखिम कम हो सकता है। 

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ब्लड ग्रुप और कोरोना का जोखिम - फोटो : iStock
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?
एसजीआरएच में डिपार्टमेंट ऑफ रिसर्च की कंसल्टेंट डॉ रश्मी राणा बताती हैं, ब्लड ग्रुप और कोरोना के इस नए खतरे के बीच के लिंक को जानने के लिए कई स्तर पर जांच की गई। इसमें कुछ रक्त समूह वाले लोगों को अधिक संवेदनशील पाया गया है। इसके अलावा माना जा रहा है कि 60 साल से कम उम्र के एबी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोविड संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 
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कोरोना से बचाव के लिए जरूर लगाएं मास्क - फोटो : pixabay
कोरोना से बचाव बहुत आवश्यक
डॉ शुचिन बजाज बताते हैं, कोरोना के सभी वैरिएंट्स से बचाव के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करना विशेष लाभदायक हो सकता है। मास्क लगाना, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके कोरोना के खतरे से सुरक्षित रहा जा सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को टीकाकरण नहीं हुआ है उन्हें जल्द से जल्द वैक्सीनेशन जरूर करा लेना चाहिए। 


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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