फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Alert: कम होते कोविड-19 के बीच, बढ़ रही एक बड़ी चिंता, सीडीसी ने इस जानलेवा संक्रमण को लेकर किया सावधान

Thu, 18 May 2023 12:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
कई देशों में मंकीपॉक्स के मामलों को लेकर अलर्ट - फोटो : istock
वैश्विक स्तर पर कोरोना की तफ्तार फिलहाल काफी नियंत्रित लग रही है, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अब इसे 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' की सूची से बाहर कर दिया है। हालांकि पिछले दिनों यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने वैश्विक स्तर पर एक और गंभीर स्वास्थ्य समस्या को लेकर चिंता जताते हुए लोगों को अलर्ट किया है। सीडीसी विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ देशों ने हाल में मंकीपॉक्स संक्रमण के मामलों के बढ़ने की सूचना दी है, जिसकी रोकथाम के लिए प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। गौरतलब है कि कोविड की लहर के दौरान मंकीपॉक्स के मामले अचानक से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए थे। 

सीडीसी ने कहा कि हम मंकीपॉक्स के कई नए मामलों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने एक महीने पहले ही कहा था कि नए संक्रमण की साप्ताहिक गति शून्य हो गई है। हालांकि कई देशों ने इसके नए मामलों की सूचना दी है। हम नए संक्रमणों पर नजर रखे हुए हैं, अधिकांश संक्रमित लोगों को पहले टीका लगाया गया था। टीकाकरण के बाद भी संक्रमण के मामलों का बढ़ना चिंताजनक है। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
मंकीपाॅक्स के जोखिमों के बारे में अलर्ट - फोटो : istock

कई नए मामलों की पुष्टि


मंकीपॉक्स के जोखिमों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की यूरोप शाखा ने इलीमिनेट एमपॉक्स नाम से एक कैंपेन चलाया है। जिसमें टीकाकरण और बचाव को लेकर लोगों को अलर्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।

वहीं सीडीसी के मुताबिक शिकागो में संक्रमण के 13 नए मामले सामने आए हैं। नौ का टीकाकरण हो चुका था। हालांकि अच्छी बात ये है कि इन 13 लोगों में से कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है।

26 अप्रैल से आठ राज्यों में 60 मामले सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक टीकाकरण के बाद संक्रमण संभव है, लेकिन जिन लोगों ने दो-खुराक वाला टीका लगवाया है उनमें संक्रमण की आशंका और रोग की गंभीरता का जोखिम कम हो जाता है। फिलहाल जिन लोगों में संक्रमण का पता चला है कि उनमें  डॉक्टरों को लक्षणों का परीक्षण करना चाहिए, चाहे उन्हें टीका लगाया गया हो या नहीं।
 
विज्ञापन

3 of 4
मंकीपॉक्स के खतरे से करें बचाव के उपाय - फोटो : istock
सीडीसी ने टीकाकरण पर दिया जोर

वैश्विक स्तर पर पिछले साल ही मंकीपॉक्स संक्रमण के कारण लोगों में गंभीर रोग और मृत्यु का खतरा देखा गया था, जिसके बाद में प्रभावित देशों में टीकाकरण की दर बढ़ा दी गई थी। अधिकारियों का कहना है, टीकाकरण करवाना बहुत महत्वपूर्ण है। कोई भी टीका 100% प्रभावी नहीं है और टीकाकरण के बाद भी संक्रमण संभव है, लेकिन इसका लाभ ये है कि संक्रमण के कारण रोग गंभीर रूप नहीं लेता है और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका कम हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम-घेब्रेयसस ने कहा कुछ मामलों  को छोड़ दिया जाए तो वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स की संक्रमण कम हो रहा है। हम जानते हैं कि वायरस कुछ समुदायों और देशों में फैलता रहता है जैसे कि पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में इसका अधिक प्रकोप रहा है। ऐसे देशों में यात्रा-संबंधी मामलों की देखरेख और समय पर जांच जरूरी है। 

 
विज्ञापन

4 of 4
मंकीपॉक्स संक्रमण में त्वचा पर दाने की समस्या - फोटो : istock
मंकीपॉक्स जानलेवा संक्रमण है

एमपॉक्स या मंकीपॉक्स रोग, मंकीपॉक्स वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है। इसमें त्वचा पर बड़े-बड़े छाले होने का साथ लिम्फ नोड्स में सूजन और बुखार की समस्या हो सकती है। पहले यह वायरस अफ्रीकी देशों में अधिक देखा जाता था पर पिछले कुछ वर्षों से इसके मामले दुनियाभर में बढ़े हैं। भारत में भी कोरोना संक्रमण के दौरान पहली बार इसके मामले रिपोर्ट किए गए थे, हालांकि अब देश में इसके एक भी मरीज नहीं हैं।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें