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Pillow For Neck Pain: क्या आपको भी रहता है गर्दन-पीठ में दर्द? कहीं गलत तकिया तो नहीं लगा रहे हैं आप

Sat, 04 Jul 2026 04:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव शिवांगी चंद्रवंशी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या सुबह उठते ही गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द महसूस होता है? इसकी वजह सिर्फ आपकी नींद नहीं, बल्कि गलत तकिया भी हो सकता है। जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार किस तरह का तकिया आपकी सेहत के लिए सही रहेगा।
 
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गलत तकिया और बिस्तर पर लेटने से क्या होता है - फोटो : Amarujala.com/AI
अधिकांश लोग तकिये को सिर्फ आराम से सोने का एक साधन मात्र ही मानते हैं, लेकिन यह आपकी गर्दन, रीढ़ और पूरे शरीर की सेहत पर गहरा असर डाल सकता है। अगर तकिया आपकी स्लीपिंग पोजीशन के अनुसार सही नहीं है, तो सुबह उठते ही गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द, पीठ दर्द और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि अच्छी और गहरी नींद के लिए सिर्फ पर्याप्त समय तक सोना ही जरूरी नहीं है, बल्कि अपनी स्लीपिंग पोजीशन के अनुसार सही तकिया चुनना भी बेहद जरूरी है।
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कौन सा तकिया आपके लिए बेहतर - फोटो : Adobe Stock
करवट लेकर सोने वालों के लिए मोटा और सख्त तकिया

करवट लेकर सोते समय कंधा और सिर के बीच स्वाभाविक रूप से अधिक जगह बन जाती है, जिससे सिर नीचे झुक जाता है और गर्दन रीढ़ की सीध से बाहर हो जाती है।
 
  • विशेषज्ञ इन्हें थोड़ा मोटा और सख्त तकिया लेने को कहते हैं। इससे मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव कम होता है, दर्द घटता है और अच्छी नींद आती है। 


पीठ के बल सोना माना जाता है सबसे बेहतर

पीठ के बल सोना सबसे सही मुद्रा है, क्योंकि यह रीढ़, गर्दन और कंधों को प्राकृतिक स्थिति में रखती है। साथ ही चेहरा तकिये से नहीं रगड़ता, इसलिए झुर्रियों और त्वचा के रूखे होने की आशंका कम होती है। वहीं, पेट के बल सोने पर गर्दन अधिक मुड़ सकती है, इसलिए बहुत पतला या तकिया इस्तेमाल न करना बेहतर माना जाता है, ताकि गर्दन पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
 
  • विशेषज्ञ पेट के बल सोने की मुद्रा को सही नहीं मानते हैं, क्योंकि इसमें गर्दन लंबे समय तक एक तरफ मुड़ी रहती है। इससे गर्दन, कंधों और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो दर्द और अकड़न का कारण बनती है।
  • लेकिन यदि आप इस मुद्रा में सोती हैं, तो बहुत पतला या बिना तकिये के सोना बेहतर है।
  • इससे सिर और गर्दन की स्थिति अधिक प्राकृतिक रहती है, आपको तनाव कम होता है और सुबह उठने पर शरीर अधिक ताजा तथा आरामदायक महसूस करता है।
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अच्छी क्वालिटी का तकिया लगाएं - फोटो : Adobe Stock
क्या होता है न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट?

हमारी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह सीधी नहीं होती, बल्कि अंग्रेजी के ‘एस’ वर्ण के आकार जैसी प्राकृतिक वक्रताओं से बनी होती है। इन वक्रताओं का संतुलन स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है।
 
  • सही तकिया गर्दन, पीठ और कमर को एक सीध में रखकर रीढ़ की प्राकृतिक स्थिति बनाए रखने में मदद करता है।
  • इससे मांसपेशियों पर दबाव कम होता है, गर्दन और पीठ दर्द का खतरा घटता है तथा गहरी, आरामदायक और बेहतर नींद मिलती है।
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आपके लिए कौन सा तकिया बेहतर? - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि हम अपने जीवन का एक-तिहाई समय सोते हुए बिताते हैं, इसलिए तकिये का चयन शरीर की बनावट, सोने की स्थिति और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार होना चाहिए।
 
  • सही तकिया सिर, गर्दन और रीढ़ को संतुलित स्थिति में रखता है, जिससे गर्दन की मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। सामान्य तौर पर मध्यम से ऊंचाई वाला तकिया उपयुक्त माना जाता है।
  • आपका तकिया इतना ऊंचा होना चाहिए कि सिर और कंधे के बीच की दूरी को सहारा दे सके।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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