कौन सा तकिया आपके लिए बेहतर
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करवट लेकर सोने वालों के लिए मोटा और सख्त तकिया
करवट लेकर सोते समय कंधा और सिर के बीच स्वाभाविक रूप से अधिक जगह बन जाती है, जिससे सिर नीचे झुक जाता है और गर्दन रीढ़ की सीध से बाहर हो जाती है।
- विशेषज्ञ इन्हें थोड़ा मोटा और सख्त तकिया लेने को कहते हैं। इससे मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव कम होता है, दर्द घटता है और अच्छी नींद आती है।
पीठ के बल सोना माना जाता है सबसे बेहतर
पीठ के बल सोना सबसे सही मुद्रा है, क्योंकि यह रीढ़, गर्दन और कंधों को प्राकृतिक स्थिति में रखती है। साथ ही चेहरा तकिये से नहीं रगड़ता, इसलिए झुर्रियों और त्वचा के रूखे होने की आशंका कम होती है। वहीं, पेट के बल सोने पर गर्दन अधिक मुड़ सकती है, इसलिए बहुत पतला या तकिया इस्तेमाल न करना बेहतर माना जाता है, ताकि गर्दन पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
- विशेषज्ञ पेट के बल सोने की मुद्रा को सही नहीं मानते हैं, क्योंकि इसमें गर्दन लंबे समय तक एक तरफ मुड़ी रहती है। इससे गर्दन, कंधों और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो दर्द और अकड़न का कारण बनती है।
- लेकिन यदि आप इस मुद्रा में सोती हैं, तो बहुत पतला या बिना तकिये के सोना बेहतर है।
- इससे सिर और गर्दन की स्थिति अधिक प्राकृतिक रहती है, आपको तनाव कम होता है और सुबह उठने पर शरीर अधिक ताजा तथा आरामदायक महसूस करता है।