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Healthy Eating: सेहत के लिए क्या ज्यादा नुकसानदायक कार्ब्स या फैट? एक्सपर्ट्स से जानिए

Thu, 19 Mar 2026 08:05 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कार्ब्स की अधिकता वाले आहार को वजन बढ़ाने के साथ डायबिटीज-हार्ट की समस्याओं का कारण माना जाता है। असल में कार्बोहाइड्रेट, शरीर को ग्लूकोज प्रदान करते हैं, हालांकि ग्लूकोज की अधिकता कई प्रकार से नुकसानदायक जरूर हो सकती है।
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डाइट को कैसे ठीक रखें? - फोटो : Adobe Stock
पौष्टिक आहार, शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हरी सब्जियां और खूब सारे फलों के सेवन की सलाह देते हैं। आमतौर पर फिटनेस के शौकीन लोगों को आहार से कार्ब्स की मात्रा को हटाते हुए भी देखा जाता है, पर क्या कार्बोहाइड्रेट (कार्ब्स) वास्तव में इतने नुकसानदायक हैं?

क्या शरीर के वजन बढ़ने और फिटनेस की समस्याओं के लिए कार्ब्स ही जिम्मेदार है? और सबसे बड़ा सवाल क्या सभी लोगों को अपने आहार में कार्ब्स की मात्रा को कम कर लेना चाहिए?

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन को लेकर अक्सर हम सभी कही-सुनी बातों पर ज्यादा भरोसा करते रहते हैं। आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को लेकर भी ऐसा ही है। हमारे शरीर के लिए अन्य पोषक तत्वों की ही तरह से कार्बोहाइड्रेट की भी आवश्यकता होती है, इसे भोजन से पूरी तरह कम कर देना शरीर के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है, इतना ही नहीं आहार में कार्ब्स की कमी समय से पहले मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
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फैट बढ़ाने वाली चीजें कम खाएं - फोटो : Adobe Stock
कार्ब्स से ज्यादा नुकसानदायक है फैट

कार्ब्स की अधिकता वाले आहार को वजन बढ़ाने के साथ डायबिटीज-हार्ट की समस्याओं का कारण माना जाता है। असल में कार्बोहाइड्रेट, शरीर को ग्लूकोज प्रदान करते हैं, हालांकि ग्लूकोज की अधिकता कई प्रकार से नुकसानदायक जरूर हो सकती है।

वजन घटाने और हृदय संबंधी लाभ के लिए लो-कार्बोहाइड्रेट और लो फैट डाइट की प्रभावशीलता को जानने के लिए किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बड़ा खुलासा किया है।

जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित निष्कर्षों में दावा किया गया है कि जो लोग लो-कार्बोहाइड्रेट वाले आहार का अधिक सेवन करते हैं उनमें समय से पहले मौत का खतरा बढ़ सकता है,जबकि लो फैट वाले खाद्य पदार्थ आपको लंबी आयु दे सकते हैं।
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन में चीन-अमेरिका के विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम ने 50-71 वर्ष की आयु के 371,159 प्रतिभागियों को शामिल किया गया।
 
  • 23 साल तक प्रतिभागियों का फॉलोअप किया गया, जिस दौरान इनमें से 165,698 की मौत हो गई।
  • शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन प्रतिभागियों के आहार में कार्ब्स की मात्रा बहुत कम थी उनमें मृत्यु दर को 38 प्रतिशत बढ़ा हुआ पाया गया।
  • वहीं लो फैट वाले आहार को अपनाने से समय से पहले मृत्यु के खतरे को 34 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

अध्ययनकर्ताओं की टीम का कहना है कि आवश्यक कार्ब्स का सेवन करने वालों की तुलना में कीटो-जैसी डाइट लेने वाले लोगों की किसी भी कारण से मरने की आशंका 28 प्रतिशत अधिक पाई गई। शोधकर्ताओं का कहना है, हमारे नतीजे बताते हैं कि मध्यम आयु वर्ग और वृद्ध लोगों में तमाम कारणों से मृत्यु दर को रोकने में लो फैट डाइट के साथ आहार में सेचुरेटेड फैट की मात्रा के कम करके लाभ पाया जा सकता है।
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डाइट में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
आहार में घटाएं हाई फैट वाली चीजें

शोध के निष्कर्ष में पाया गया कि हेल्दी लो फैट डाइट का पालन करने से मृत्यु दर में 18 प्रतिशत, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के कारण मृत्युदर में 16 प्रतिशत और कैंसर कारक मृत्यु दर में 18 प्रतिशत की कमी आ सकती है। आहार में कार्ब्स की संतुलित मात्रा होना जरूरी है, हालांकि इसका अधिक सेवन भी बीमारियों का कारण बन सकता है। कार्ब्स वाली चीजों की तुलना में फैट को ज्यादा नुकसानदायक पाया गया है।



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स्रोत:
Diets low in fat and carbohydrates can improve the health of middle-aged and older adults

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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