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Alert: ज्यादा टेस्टोस्टेरोन, ज्यादा हार्ट अटैक का रिस्क? पुरुषों में बढ़ते हृदय रोगों को लेकर बड़ा खुलासा

Thu, 19 Mar 2026 07:46 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जिन पुरुषों में मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का लेवल ज्यादा होता है, उन्हें दिल की बीमारी होने का खतरा भी ज्यादा देखा गया है विश्लेषण से पता चला कि ऐसे पुरुषों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा 17 प्रतिशत अधिक हो सकता है।
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टेस्टोस्टेरोन बढ़ा तो दिल की बीमारी का खतरा - फोटो : Amarujala.com
दिल की बीमारियां दुनियाभर में स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई हैं। हर साल इसके कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। कम उम्र में ही हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट से मौत की खबरें हम सभी अक्सर सुनते-देखते रहते हैं। दिल की बढ़ती बीमारियों के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। जो लोग शारीरिक रूप से कम मेहनत करते हैं, मोटापे का शिकार हैं, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है उनमें हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है।

क्या आप जानते हैं कि दिल की बीमारियों के लिए शरीर का हार्मोनल असंतुलन भी बड़ा कारण हो सकता है? एक हालिया अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है कि जिन पुरुषों में मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होता है, उनमें हृदय की बीमारियों का जोखिम भी अधिक देखा जाता है।

गौरतलब है कि टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के लिए सबसे जरूरी हार्मोंन्स में से एक है। यह पुरुषों में मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों की सेहत, यौन इच्छा, शुक्राणु उत्पादन और चेहरे-शरीर पर बालों के विकास के लिए जिम्मेदार होता है। हालांकि अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों में इस हार्मोन का स्तर अधिक हो जाता है उनमें हृदय रोगों का खतरा अधिक हो सकता है।
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पुरुषों में हृदय रोगों के मामले - फोटो : adobe stock images
हाई टेस्टोस्टेरोन बढ़ा सकती हैं दिल की बीमारियां

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पुरुषों में बढ़ती दिल की बीमारियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दस लाख से ज्यादा वयस्कों के डेटा के विश्लेषण में पाया गया कि जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से ज्यादा था उनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा 17 प्रतिशत ज्यादा पाया गया है। 
 
  • इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सिर्फ उन टेस्टोस्टेरोन लेवल्स पर गौर किया है जो जेनेटिक्स की वजह से ज्यादा थे।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि ये नतीजे उन पुरुषों के लिए चेतावनी हैं जो खुद से ही टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट लेते रहते हैं। इसके जानलेवा नतीजे हो सकते हैं।
  • पुरुषों की अच्छी सेहत के लिए वैसे तो ये हार्मोन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है पर इसकी अधिकता को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। 
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टेस्टोस्टेरोन बढ़ा तो भी हो सकता है खतरा - फोटो : Adobe Stock
टेस्टोस्टेरोन की कमी और अधिकता दोनों खतरनाक

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों की सेहत के लिए तो जरूरी है ही, महिलाओं में भी इसकी थोड़ी मात्रा पाई जाती है। जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी (हाइपोगोनाडिज्म) होती है उन्हें यौन इच्छा में कमी, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, थकान, मांसपेशियों में कमी, मूड स्विंग्स और बालों के झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस और अनिद्रा का कारण भी बन सकता है।
 
  • हाइपोगोनाडिज्म में शरीर इस हार्मोन की पर्याप्त मात्रा नहीं बना पाता।
  • 40 साल की उम्र के बाद, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर हर साल लगभग एक प्रतिशत कम हो जाता है।
  • हाइपोगोनाडिज्म की स्थिति को ठीक करने या फिर कुछ लोग मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए टेस्टोस्टेरोन के सप्लीमेंट्स लेते हैं।

कैम्ब्रिज स्टडी के लेखकों में से एक एमिली मोरबे कहती हैं, देखा गया है कि बड़ी संख्या में पुरुष मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए खुद से टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट ले रहे हैं। ये सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है।

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हार्ट अटैक और दिल की सेहत को लेकर खतरे - फोटो : Adobe Stock Photos
हाई टेस्टोस्टेरोन क्यों है खतरनाक?

शोधकर्ता एमिली मोरबे कहती हैं, हमारे शोध में पाया गया है कि खून में टेस्टोस्टेरोन का ज्यादा लेवल कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ा देता है, जिससे लोगों को हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा हो सकता है। वैज्ञानिकों को महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन और कोरोनरी आर्टरी डिजीज के खतरे के बीच कोई साफ लिंक नहीं मिला।
 
  • टीम ने पाया कि पुरुषों में, आनुवंशिक रूप से ज्यादा टेस्टोस्टेरोन होना दिल की सेहत के लिए ज्यादा जोखिमों वाला पाया गया है।
  • पिछले अध्ययनों से पता चलता है कि किसी व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का जोखिम 7.3% होता है, टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट लेने से यह बढ़कर 8.5% हो सकता है। 
  • शोध में पाया गया है कि हाई टेस्टोस्टेरोन ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाला माना जाता है, इसी वजह से दिल की बीमारियों का जोखिम हो सकता है।
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बिना डॉक्टरी सलाह के न लें कोई सप्लीमेंट - फोटो : Freepik.com
टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट्स को लेकर बरतें सावधानी
 
मेडिकल रिसर्च काउंसिल (एमआरसी) एपिडेमियोलॉजी यूनिट के सीनियर लेखक प्रोफेसर केन ओंग कहते हैं, यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट से जुड़े संभावित कार्डियोवैस्कुलर जोखिमों के बारे में पहले ही गाइडेंस जारी की हुई है। सभी लोगों को इसपर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 
 
  • खुद से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए कोई दवा न लें। 
  • जिन लोगों को हाइपोगोनाडिज्म जैसी समस्या हैं उन्हें डॉक्टरी सलाह पर ही कोई सप्लीमेंट लेना चाहिए।
  • पहले से  ही हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोगों के शिका लोगों को टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट्स देते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

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स्रोत:
High levels of testosterone in the blood raise risk of coronary artery disease in men


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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