पिछले कुछ वर्षों में हमारे खान-पान में तेजी से बदलाव आया है, इसके साथ ही स्वस्थ खाने के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। लोगों ने भोजन में भी स्वस्थ खाद्य विकल्पों को अपनाना शुरू कर दिया है। भारतीयों के मामले में यह प्रचलित है कि वे तेल-घी का उपयोग अधिक करते हैं। पारम्परिक रूप से घी के अलावा हमारे यहां मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, नारियल, सरसों आदि के तेल का प्रयोग भोजन पकाने के लिए किया जाता है। आजकल इसके अलावा भी कई विकल्प तेजी से भारतीय रसोई में जगह बना रहे हैं।
यूं तो खाना पकाने का तरीका पूरी दुनिया में अलग-अलग है। कुछ लोग खाने में मक्खन का उपयोग करते हैं तो कुछ ऑलिव ऑयल का। यह लम्बे समय से चर्चा का विषय है कि आखिर कौन सा तेल सेहत के लिए बेस्ट है? इसे लेकर सबकी अलग राय भी है और सलाह भी। यही कारण है कि अब भारत में भी राइस ब्रान ऑयल, ऑलिव ऑयल, कैनोला ऑयल, तिल का तेल, अलसी का तेल आदि का प्रयोग खाना बनाने के लिए किया जाने लगा है। क्यों आखिर तेलों को लेकर इतनी चिंता जरूरी है? क्या वाकई तेल हमारी सेहत पर इतना असर डाल सकते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं।