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Covid-19: बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, क्या सर्दी-खांसी होते ही कराना चाहिए कोविड टेस्ट? डॉक्टर से जानिए

Tue, 27 May 2025 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डॉक्टर कहते हैं, कोरोना के मामलों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में फैल रहा वैरिएंट खतरनाक नहीं है, इसकी प्रकृति संक्रामक जरूर है पर अगर आप थोड़ी सावधानी बरतते हैं तो जोखिमों को कम कर सकते हैं।
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कोविड-19 की जांच - फोटो : Adobe stock photos
देश में कोरोना के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। हफ्ते भर में ही यहां संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिसने लोगों को डरा दिया है। पिछले एक हफ्ते (19 से 26 मई) के भीतर भारत में कोरोना के मामलों में करीब पांच गुना की वृद्धि हुई है। 22 मई को देशभर में एक्टिव केस 257 थे जो 26 मई को बढ़कर 1007 हो गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को अलर्ट करते हुए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि फिलहाल देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के दो सब-वैरिएंट (NB.1.8.1 और LF.7) एक्टिव हैं, इनकी प्रकृति संक्रामक जरूर रही है, पर इसके कारण गंभीर रोग होने का खतरा कम देखा जा रहा है। इस नई लहर के दौरान कुछ लोगों के अस्पताल भर्ती होने और करीब 7 लोगों की मौत भी खबरे हैं।



स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि इसमें से अधिकतर लोगों को कोमोरबिडीटी (एक से अधिक क्रॉनिक बीमारियों) की शिकायत रही है। संक्रमण बढ़ने और मौत की खबरों ने लोगों को डरा दिया है।
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कोरोना में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
फ्लू और कोरोना दोनों के मामले

ये फ्लू का भी मौसम है, जिसके कारण लोगों को सर्दी-खांसी, जुकाम की दिक्कतें हो रही हैं। कोरोना के मामलों में भी ऐसी ही दिक्कतें हो रही हैं, ऐसे में कैसे पता करें कि आपको कोरोना हुआ है या फिर फ्लू का संक्रमण? क्या सर्दी-खांसी होते ही तुरंत कोरोना की जांच के लिए जाना चाहिए?

अमर उजाला से बातचीत में मुंबई स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर निरंजन अस्थाना बताते हैं, कोरोना के मामलों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में फैल रहा वैरिएंट खतरनाक नहीं है, इसकी प्रकृति संक्रामक जरूर है पर अगर आप थोड़ी सावधानी बरतते हैं तो जोखिमों को कम कर सकते हैं।
  • देश में कोरोना के मामलों में वृद्धि जरूर है, पर घबराने या हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। सर्दी-खांसी होते ही तुरंत कोविड टेस्ट के लिए न भागें। 
  • अगर आपको सर्दी-जुकाम बुखार है तो इसे ठीक करने के सामान्य उपाय करें, नजदीकी डॉक्टर से मिलकर दवा लें। अगर सामान्य उपायों से आराम नहीं मिल रहा है, सांस या पाचन की दिक्कत बनी हुई है तो डॉक्टर की सलाह पर कोरोना की जांच के लिए जा सकते हैं।
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कोरोनावायरस और इसका खतरा - फोटो : Adobe stock photos
ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स हैं प्रमुख वजह

ओमिक्रॉन के पहले के वैरिएंट्स में भी देखा गया था अधिकतर लोगों में इसके मामले एसिम्टोमैटिक यानी बिना लक्षणों के थे, यानी इस वैरिएंट से संक्रमित होकर लोग ठीक भी हो जा रहे हैं। इसलिए सर्दी-खांसी होते ही टेस्ट के लिए न भागें। कोरोना से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
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कोरोना से बचाव के उपाय करें - फोटो : Freepik.com
बचाव के उपाय करते रहना जरूरी

देश में फैल रहे वैरिएंट्स में कुछ अतिरिक्त परिवर्तन (म्यूटेशन) देखे गए हैं जो इसे शरीर में वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर संक्रमण फैलाने के लिए योग्य बनाते हैं, हालांकि इसकी गंभीरता कम है। ओमिक्रॉन और इसके अन्य वैरिएंट्स से संक्रमित लोगों को मुख्यरूप से सूखी खांसी, नाक बहना या बंद होने, सिरदर्द, गले में खराश, बुखार और थकावट होने,स्वाद या गंध का न महसूस होने के साथ पाचन की दिक्कत हो सकती है। 

डॉक्टर कहते हैं, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना ही एकमात्र सावधानी है। हाथ की स्वच्छता बनाए रखना, मास्क पहनना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना चाहिए। 



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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