लिवर की बीमारियों का खतरा दुनियाभर में तेजी से बढ़ता जा रहा है, कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं, लोगों का लंबे समय तक बैठे रहना, जंक फूड और मीठे पेय का सेवन, देर रात तक जागना, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी ने लिवर की सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण मेटाबॉलिक अंग है। यह भोजन को ऊर्जा में बदलने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, हार्मोन के संतुलन और पोषक तत्वों के भंडारण जैसे कई जरूरी काम करता है। जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगती है तो उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। समय पर ध्यान न दिया जाए तो साधारण फैटी लिवर भी आगे चलकर सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कुछ मामलों में लिवर कैंसर तक का कारण बन सकता है।
फैटी लिवर को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि अक्सर शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। अधिकांश लोगों को तब तक इसका पता नहीं चलता, जब तक जांच में फैटी लिवर सामने न आ जाए। फिर सवाल ये है कि इसे कैसे कंट्रोल किया जाए?