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अलर्ट: आंखों में है लालिमा और चुभन तो न करें ये पांच गलतियां, छोटी सी दिक्कत बन जाएगी गंभीर

Wed, 30 Sep 2026 05:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंखों में संक्रमण होने पर आंखों को रगड़ने, कॉन्टैक्ट लेंस पहनने और निजी सामान साझा करने से बचना चाहिए। हर संक्रमण में एंटीबायोटिक जरूरी नहीं होती। तेज दर्द, धुंधला दिखने या रोशनी से परेशानी हो तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच कराएं।
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आंखों में इंफेक्शन - फोटो : Amarujala.com/AI
गर्मी और बरसात के मौसम में आंखों में इंफेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों में इसका खतरा अधिक देखा जाता है। आंखों में संक्रमण के कारण लालिमा, पानी आने, खुजली या आंखों में चिपचिपा पदार्थ जमा होने की समस्या काफी बढ़ जाती है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि कंजंक्टिवाइटिस को आंखों में इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है, हालांकि कई अन्य स्थितियां भी आंखों को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं। 

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वायरस या बैक्टीरिया दोनों ही संक्रमण का खतरा बढ़ाने वाले हो सकते हैं। एलर्जी, धूल-धुआं, रसायन और कॉन्टैक्ट लेंस के कारण भी कुछ लोगों को आंखों में परेशानी हो सकती हैं।

अगर आप भी इन दिनों आंखों की इन दिक्कतों से परेशान हैं तो आइए जान लेते हैं कि इससे बचाव कैसे किया जा सकता है और संक्रमण की स्थिति मेंआपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
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आंखों में होने वाली दिक्कतें - फोटो : freepik.com
आंखों में संक्रमण के कारण होने वाली दिक्कतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लालिमा-जलन होने पर आंखों को बार-बार रगड़ना, तौलिया या आई ड्रॉप दूसरों से साझा करना और खुद से ओवर-द-काउंटर दवा लेकर इस्तेमाल करना कई बार आपकी समस्याओं को बढ़ा सकता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को खास सावधानी की जरूरत होती है, क्योंकि कुछ संक्रमण कॉर्निया यानी आंख की सामने वाली पारदर्शी परत को भी प्रभावित कर सकते हैं।

वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण दूसरे लोगों तक आसानी से फैल सकते हैं। इसलिए आंख में संक्रमण होने पर दवा के साथ इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी है कि संक्रमण को दूसरे लोगों तक फैलने से कैसे रोका जाए? 
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आंखों में इंफेक्शन का खतरा - फोटो : Freepik.com
आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें

संक्रमण के दौरान आंखों में खुजली या जलन हो सकती है, लेकिन उन्हें रगड़ने से परेशानी बढ़ सकती है और संक्रमण दूसरी आंख में भी पहुंच सकता है। आंखों को छूने से पहले और बाद में साबुन से हाथ अच्छी तरह धोना जरूरी है। अगर आंख से पानी या स्राव हो रहा है तो साफ कपड़े या डॉक्टर की  सलाह के अनुसार सफाई करें।
 
  • अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो संक्रमण के दौरान उन्हें निकाल दें और डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही दोबारा न पहनें। लेंस पहनने वालों में बैक्टीरियल संक्रमण कॉर्निया तक पहुंचकर गंभीर केराटाइटिस पैदा कर सकता है। 
  • सामान्य लक्षणों के दौरान दर्द, रोशनी से परेशानी या अचानक धुंधला दिखाई दे तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से इस बारे में जरूर सलाह लें।

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आंखों में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik
व्यक्तिगत चीजें दूसरे से न करें साझा

वायरस और बैक्टीरिया आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसलिए तौलिया, तकिया, रूमाल, आई मेकअप, आई ड्रॉप या चश्मा किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें। संक्रमित आंख और सामान्य आंख के लिए एक ही आई ड्रॉप की बोतल इस्तेमाल करना भी संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है।
 
  • आंख लाल होने का मतलब हमेशा बैक्टीरियल संक्रमण नहीं होता। वायरल कंजंक्टिवाइटिस के ज्यादातर मामले अपने आप ठीक हो जाते हैं और इनमें एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। इसलिए खुद से एंटीबायोटिक या दूसरे आई ड्रॉप न लें। 
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आंखों में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
लक्षणों को न करें इग्नोर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, संक्रमण के कारण अगर आंख में तेज दर्द, रोशनी से परेशानी, बहुत ज्यादा लालिमा या धुंधला दिखाई देने जैसी दिक्कतें लगातार बढ़ रही हों, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में ऐसे लक्षण खास तौर पर गंभीर हो सकते हैं। नवजात बच्चे की आंख में संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा हो सकता है, इसलिए बच्चों में आंखों से संबंधित दिक्कतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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