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डॉक्टर्स ने बताया: कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखकर डेंगू में पा सकते हैं जल्द आराम, जानिए क्या करें-क्या नहीं?

Mon, 12 Sep 2022 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू बुखार से बचाव के तरीके - फोटो : iStock
सितंबर-अक्तूबर के इस महीने में देशभर में मच्छर जनित कई तरह की बीमारियां तेजी से बढ़ने लगती हैं, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां काफी घातक हो सकती है जिनको लेकर सभी लोगों को सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक हर साल देशभर में डेंगू के कारण हजारों की मौत हो जाती है। डॉक्टर्स कहते हैं, डेंगू की बीमारी हो जाने पर भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, कुछ सामान्य सी और आवश्यक बातों को ध्यान में रखकर आप इस तरह के खतरे को कम कर सकते हैं। समस्या और रोग की गंभीरता तब बढ़ जाती है जब स्थिति का सही समय पर निदान और उपचार नहीं हो पाता है।

डेंगू हर साल बड़ी आबादी को प्रभावित करता है। हर साल लोगों को डेंगू को फैलने से रोकने के लिए रोकथाम के उपायों का अभ्यास करने का सुझाव दिया जाता है। इकट्ठा हुआ पानी, डेंगू बुखार फैलाने वाले मच्छरों के लिए प्रजनन का उपयुक्त स्थल माना जाता है। जल जमाव को रोककर आप डेंगू के मच्छरों को कम कर सकते हैं। फिर भी अगर आपको डेंगू हो जाता है तो बीमारी के दौरान आहार का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, तेजी से रिकवरी में सही आहार और उचित इलाज बहुत आवश्यक माना जाता है।

आइए जानते हैं कि अगर डेंगू हो जाए तो किन बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए?
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डेंगू बुखार हो जाए तो क्या करना चाहिए? - फोटो : istock
क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

डॉक्टर्स कहते हैं, यदि रोगियों को सही समय पर आवश्यक उपचार मिल जाए तो डेंगू का इलाज संभव है। प्लेटलेट्स कम होने जैसी गंभीर स्थिति कुछ लोगों में होती है। आमतौर पर इस तरह की दिक्कत तब होती है जब आप समय पर स्थिति को पहचानने में गलती कर देते हैं।

कुछ लोग डेंगू का पता चलने के बाद एंटीबायोटिक्स का सेवन करना शुरू कर देते हैं पर ध्यान रखें किसी भी वायरल बुखार में एंटीबायोटिक्स से कोई लाभ नहीं होता है। बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयों के सेवन से स्थिति के बिगड़ने की आशंका रहती है, इसलिए हमेशा स्थिति के सही निदान और उपचार के लिए अच्छे डॉक्टर की सलाह लें। 
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डेगू बुखार में विशेष देखभाल की जरूरत - फोटो : iStock
डेंगू हो जाए तो क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आपको कुछ दिनों से लगातार तेज बुखार या पेट की समस्या बनी हुई हैं तो इस बारे में तुरंत किसी डॉक्टर से मिलकर जांच करा लें। यदि डेंगू का पता चलता है तो इन बातों का ध्यान रखें।
  • जितना हो सके आराम करें।
  • बुखार को नियंत्रित करने और दर्द से राहत पाने के लिए पैरासिटामोल लें। बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन न करें।
  • एस्पिरिन या बुप्रोफेन न लें।
  • शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब तरल पदार्थ पिएं। अतिरिक्त इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन लक्षणों को गंभीर होने से बचाता है। 
  • अगर लक्षण हल्के हैं तो डॉक्टर की सलाह पर घर पर ही इलाज कराएं।
  • यदि स्थिति बिगड़ती जा रही है तो अस्पताल में भर्ती हों, जिससे प्लेटलेट्स कम होने से बचाया जा सके।

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डेंगू हो जाने पर जानिए क्या नहीं करना चाहिए? - फोटो : iStock
डेंगू की स्थिति में क्या नहीं करना चाहिए?

डेंगू बुखार की स्थिति में आहार और हाइड्रेशन का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है। कुछ खाद्य पदार्थ डेंगू बुखार के लक्षणों को बिगाड़ सकते हैं। तैलीय खाद्य पदार्थ, कैफीन, कार्बोनेटेड पेय, मसालेदार भोजन और फैट वाली चीजों का सेवन न करें। डेंगू के लक्षणों की गंभीरता कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में अधिक होती है, ऐसे में उन चीजों के सेवन से बचें जिन्हें इम्युनिटी को कमजोर करने वाला माना जाता है।
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डेंगू के लक्षणों को कैसे ठीक किया जा सकता है? - फोटो : Pixabay
डेंगू की मेडिकल इमरजेंसी

डेंगू के लक्षण अचानक से गंभीर भी हो सकते हैं, इसे मेडिकल इमरजेंसी के तौर पर जाना जाता है। इन स्थतियों में तुंरत अस्पताल पहुंचें। यदि आपको बुखार के साथ नाक या मसूड़ों से खून आने, लगातार उल्टी, खून वाली उल्टी, काला मल, पेट दर्द, अत्यधिक प्यास लगने (मुंह सूखने), सांस लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतें हो रही हैं तो इन स्थितियों में बिना देर किए अस्पताल जरूर पहुंचें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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