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Alert: नींद न आने या थकान से अक्सर रहते हैं परेशान? ये समस्याएं किडनी फेलियर का हो सकती हैं संकेत

Mon, 12 Sep 2022 05:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी की बीमारियों के लक्षण के बारे में जानिए - फोटो : iStock
बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए सभी लोगों को शारीरिक लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कुछ स्थितियों में सामान्य सी दिखने वाली समस्याएं भी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती हैं, इसलिए यदि आपको कुछ दिनों से कुछ विशिष्ट प्रकार के लक्षण बने हुए महसूस हो रहे हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। सामान्यतौर पर  नींद न आने या थकान जैसी समस्याओं को हल्के में लिया जाता है। इसे बुखार, संक्रमण जैसी सामान्य स्थितियों के कारण होने वाली दिक्कत मानी जाती है, पर क्या आप जानते हैं कि कुछ स्थितियों में ये लक्षण किडनी की गंभीर बीमारियों, यहां तक कि किडनी फेलियर तक का संकेत भी हो सकती हैं। 

डॉक्टर्स कहते हैं, किडनी की बीमारियों को अमूमन 'साइलेंट किलर' डिजीज के तौर पर देखा जाता है। यह दुनियाभर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। अक्सर इसके शुरुआती संकेतों की या तो पहचान नहीं हो पाती है या फिर इन्हें अनदेखा कर दिया जाता है जिसके कारण यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

इसके अलावा, गुर्दे की बीमारी वाले बहुत से लोगों में लेट स्टेज में ही इसके लक्षणों का अनुभव होता है। यदि समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए तो इसके कारण होने वाले मौत के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
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किडनी की बढ़ती बीमारियों से करें बचाव - फोटो : istock
किडनी की बीमारियों  का जोखिम

डॉक्टर्स बताते हैं, कई कारण हैं जो आपमें किडनी की बीमारियों को बढ़ा सकती हैं। इसमें किडनी की बीमारियों का पारिवारिक इतिहास, एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक सेवन, उच्च रक्तचाप, हाई ब्लड शुगर और शराब जैसी आदतें शामिल हैं। यदि आपमें इस तरह के जोखिम कारक हैं तो किडनी की बीमारियों के छोटे-छोटे लक्षणों पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। यदि आपको नींद न आने या थकान जैसी दिक्कत भी कुछ दिनों से बनी हुई है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेकर जांच जरूर करा लेनी चाहिए, जिससे स्थिति का समय रहते निदान किया जा सके। 
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थकान-कमजोरी की समस्या - फोटो : Pixabay
लगातार थकान बने रहने की समस्या

वैसे तो बुखार या अन्य छोटी-मोटी बीमारियों के कारण भी आपको थकान-कमजोरी महसूस होती रह सकती है, पर कुछ स्थितियों में इसे किडनी की बीमारियों के संकेतक के तौर पर भी जाना जाता है। यदि आपको लगातार बिना किसी अंतर्निहित कारण के भी थकान बनी रहती है और आपके परिवार में किसी को पहले भी किडनी की दिक्कत रह चुकी है तो इसकी जांच करा लें। असल में किडनी के ठीक से काम न कर पाने की स्थिति में शरीर में  विषाक्त पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण आपको थकान का अनुभव होता रह सकता है।

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नींद न आने की समस्या - फोटो : istock
नींद न आना या अनिद्रा

जब आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है तो उसके लिए रक्त को छानना कठिन हो जाता है। रक्त में अशुद्धि बढ़ने के कारण आपके शरीर में कई तरह की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इन स्थितियों में बेहतर नींद ले पाना काफी कठिन हो जाता है, जिस वजह से आपको नींद न आना या अनिद्रा की समस्या हो सकती है। डॉक्टर्स बताते हैं कि यदि आपके शरीर का वजन अधिक है तो इस वजह से भी किडनी की बीमारी और अनिद्रा का जोखिम काफी अधिक देखा जाता रहा है।
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मूत्र विकोरों की समय पर पहचान करना जरूरी - फोटो : Pixabay
पेशाब से संबंधित समस्याएं

किडनी में होने वाली समस्याओं के कारण पेशाब में दिक्कत होना काफी सामान्य है, इसके कारण पेशाब में जलन, खून आने, बदबू आने या झागदार पेशाब होने की समस्या हो सकती है। यदि आपके शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, तो किडनी के लिए इसे फ़िल्टर कर पाना कठिन हो जाता है, इस स्थिति में झागदार पेशाब की समस्या काफी अधिक देखी जाती रही है। ऐसे शुरुआती संकेतों को अनदेखा करना शरीर के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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