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Summer Alert: गर्मियों में सेहत पर भारी पड़ सकती हैं आपकी ये पांच गलतियां, अस्पताल में होना पड़ सकता है एडमिट

Fri, 24 Apr 2026 07:20 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बढ़ती गर्मी का असर केवल त्वचा पर नहीं, बल्कि दिल, दिमाग, किडनी, पाचन तंत्र और इम्यून सिस्टम तक पहुंचता है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए हमारा सिस्टम लगातार काम करता है।
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बढ़ती गर्मी से सेहत को खतरा - फोटो : Adobe Stock
अप्रैल खत्म होते-होते भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देश के ज्यादातर हिस्सों में दिखना शुरू हो गया है। पारा अभी से 40 पार होने लगा है, जो सेहत के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाला माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इन दिनों गर्मी-धूप और हीट स्ट्रोक से बचे रहने की सलाह दे रहे हैं। अमर उजाला में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट में हमने बताया कि किन लोगों को लू लगने का खतरा ज्यादा होता है और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है? 

बढ़ती गर्मी का असर केवल त्वचा पर नहीं, बल्कि दिल, दिमाग, किडनी, पाचन तंत्र और इम्यून सिस्टम तक पर पड़ने का खतरा रहता है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए हमारा सिस्टम लगातार काम करता है। जब गर्मी बहुत ज्यादा हो जाती है, तो शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है। लेकिन यदि शरीर में पानी की कमी हो जाए  तो डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं इन दिनों हम सभी को अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
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40 से ऊपर जाता तापमान - फोटो : Adobe Stock
गर्मी बढ़ा सकती है आपकी दिक्कतें

डॉक्टर कहते हैं, तेज धूप-गर्मी और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं के साथ  बाहर काम करने वाले लोगों को होता है। कई बार लोग सिरदर्द, चक्कर, थकान, कमजोरी या भूख न लगने जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये शरीर के अलार्म सिग्नल हो सकते हैं।

गर्मियों में केवल ठंडा पानी पी लेना काफी नहीं है। सही खान-पान, पर्याप्त नींद, हल्के कपड़े, धूप से बचाव जैसी सुरक्षात्मक आदतों को समझना भी काफी जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मी के दिनों में आपको कुछ बातों का खास ध्यान देने की जरूरत होती है। कुछ गलतियां आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
 
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सेहत को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Amarujala.com
इन बातों का रखें ध्यान

गर्मियों में शरीर लगातार तापमान संतुलित रखने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में ऊर्जा ज्यादा खर्च होती है, जिससे व्यक्ति जल्दी थकान महसूस करता है। यदि खान-पान सही न हो, तो शरीर में कमजोरी बढ़ने लगती है। 
 
  • गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, इसलिए फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और पेट के संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। 
  • अधिक गर्मी से चिड़चिड़ापन, बेचैनी, नींद की कमी और सिरदर्द बढ़ सकता है। नींद पूरी न होने पर शरीर की रिकवरी भी प्रभावित होती है। 
  • ऑफिस जाने वाले, धूप में काम करने वाले और लंबे समय तक यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और कठिन हो जाती है।
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डिहाइड्रेशन बढ़ा सकती है दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
गर्मियों में नहीं करनी चाहिए ये गलतियां
 
  1. गर्मियों में ज्यादा चाय-कॉफी पीने से बचना चाहिए। मायो क्लिनिक के अनुसार 2-3 कप चाय या कॉफी सुरक्षित है, पर अधिक सेवन डिहाइड्रेशन बढ़ाता है। यह यूरिन से पानी- सोडियम निकालकर गर्मियों में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित करता है।
  2. गर्मियों में ठंडा पानी आपको राहत देता है पर बहुत ठंडा पानी ब्लड सर्कुलेशन बिगाड़ सकता है। ठंडा पानी पीने से वेसल्स सिकुड़ती हैं, पाचन धीमा हो सकता है। माइग्रेन, ब्लोटिंग, रिफ्लक्स बढ़ सकते हैं। 
  3. रात को भारी और मसालेदार खाना पाचन पर दबाव डालता है और शरीर का तापमान बढ़ाता है। हल्का, कम मसाले वाला खाना नींद और पाचन के लिए बेहतर है।
  4. गर्मी में भोजन जल्दी खराब होता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बाहर का कटा फल या लंबे समय तक रखा खाना पेट खराब कर सकता है। इन चीजों को खाने से बचें।
  5. बहुत से लोग काम में व्यस्त होकर पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ता है। इन दिनों शरीर में पानी की कमी न होने दें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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